जयपुर में 60 से ज्यादा मिठाई दुकानों ने किया Zomato का बहिष्कार, कमीशन को लेकर बढ़ा विवाद
जयपुर में ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म Zomato और मिठाई कारोबारियों के बीच कमीशन व व्यावसायिक शर्तों को लेकर विवाद गहरा गया है। श्री हलवाई समिति के आह्वान पर शहर की 60 से ज्यादा मिठाई दुकानों और आउटलेट्स ने 7 सितंबर से Zomato पर अपने स्टोर ऑफलाइन कर दिए हैं। समिति ने बहिष्कार को अनिश्चितकाल तक जारी रखने की बात कही है। कारोबारियों का आरोप है कि कंपनी की ओर से कमीशन संबंधी मांगों पर बातचीत के बावजूद कोई औपचारिक समाधान नहीं निकला।
7 सितंबर से दुकानों ने Zomato पर बंद किए स्टोर
श्री हलवाई समिति के मुताबिक जयपुर की करीब 60 मिठाई दुकानों और आउटलेट्स ने सामूहिक रूप से Zomato से दूरी बनाई है। इन प्रतिष्ठानों ने 7 सितंबर से प्लेटफॉर्म पर अपने स्टोर ऑफलाइन कर दिए।
समिति का कहना है कि यह फैसला करीब एक महीने से चल रहे पत्राचार और बातचीत के प्रयासों के बाद लिया गया। कारोबारियों का दावा है कि कई बार संपर्क करने के बावजूद कंपनी की ओर से उनकी मांगों पर औपचारिक जवाब नहीं मिला।
22 फीसदी तक कमीशन लेने का दावा
समिति के अध्यक्ष राजेंद्र रावत के अनुसार Zomato ने वर्ष 2016 में जयपुर में लॉजिस्टिक्स पार्टनर के तौर पर कथित तौर पर शून्य कमीशन से सेवाएं शुरू की थीं। कारोबारियों का आरोप है कि वर्तमान में मिठाई विक्रेताओं से 22 प्रतिशत तक कमीशन लिया जा रहा है।
समिति का तर्क है कि मिठाई कारोबार में पहले से ही कीमतों को लेकर प्रतिस्पर्धा अधिक है। ऐसे में इतना कमीशन दुकानदारों के लिए कारोबार की लागत बढ़ाने वाला साबित हो रहा है और इसे आर्थिक रूप से व्यावहारिक नहीं माना जा रहा।
बैठक के आश्वासन के बाद भी नहीं बनी बात
कारोबारियों के अनुसार 7 अगस्त को Zomato की ओर से बड़े मिठाई दुकानदारों के साथ बैठक की गई थी। समिति का दावा है कि उस दौरान समाधान निकालने का आश्वासन दिया गया था।
इसके बाद समिति ने ईमेल के माध्यम से कमीशन कम करने की मांग रखी और 31 अगस्त तक जवाब देने के साथ दोबारा बैठक करने का अनुरोध किया। समिति के मुताबिक तय समय तक कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं मिलने पर सामूहिक बहिष्कार का निर्णय लिया गया।
कान्हा से LMB तक कई बड़े नाम शामिल
बहिष्कार में जयपुर के कई प्रमुख मिठाई प्रतिष्ठानों के शामिल होने की बात कही गई है। इनमें कान्हा, आनंद जी स्वीट्स, एसएस सोढ़ानी, रिद्धि सिद्धि, LMB, BMB और भगत मिष्ठान भंडार सहित कई आउटलेट्स बताए गए हैं।
समिति का कहना है कि कारोबारियों का उद्देश्य विवाद को बढ़ाना नहीं बल्कि अपनी व्यावसायिक मांगों को लेकर समाधान निकालना है। इसलिए बातचीत के जरिए रास्ता निकालने के लिए समिति तैयार है।
Zomato और कारोबारियों के बीच कमीशन विवाद नया नहीं
ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म और रेस्टोरेंट कारोबारियों के बीच कमीशन, डिस्काउंट, विज्ञापन शुल्क और अन्य व्यावसायिक शर्तों को लेकर विवाद पहले भी सामने आते रहे हैं।
वर्ष 2022 में नेशनल रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया (NRAI) ने Zomato और Swiggy की कमीशन व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए थे। उस समय कारोबारियों की ओर से प्लेटफॉर्म की कमीशन दरों को लेकर आपत्तियां जताई गई थीं और मामला भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) तक भी पहुंचा था।
मिठाई कारोबारियों की मांग पर अब नजर
जयपुर में 60 से ज्यादा मिठाई प्रतिष्ठानों के Zomato से ऑफलाइन होने के बाद अब नजर कंपनी और कारोबारियों के बीच होने वाली संभावित बातचीत पर है।
यदि दोनों पक्षों के बीच कमीशन और अन्य व्यावसायिक शर्तों पर सहमति बनती है तो बहिष्कार समाप्त हो सकता है। फिलहाल समिति ने अपने प्रतिष्ठानों को अनिश्चितकाल तक Zomato पर ऑफलाइन रखने का निर्णय लिया है।
Zomato क्या है?
Zomato भारत का प्रमुख ऑनलाइन फूड डिलीवरी और रेस्टोरेंट डिस्कवरी प्लेटफॉर्म है। इसकी शुरुआत 2008 में दीपिंदर गोयल और पंकज चड्ढा ने Foodiebay के नाम से की थी, जिसे बाद में Zomato नाम दिया गया।
कंपनी के प्लेटफॉर्म के जरिए ग्राहक रेस्टोरेंट का मेनू देखने, खाना ऑर्डर करने और अन्य सुविधाओं का इस्तेमाल कर सकते हैं। Zomato की मूल कंपनी अब Eternal Limited के नाम से जानी जाती है, जिसके तहत Blinkit जैसी सेवाएं भी संचालित होती हैं।