अलवर में बारिश के दौरान पहाड़ी का मलबा मकानों पर गिरा, 5 कमरे टूटे; 7 लाख के नुकसान का अनुमान
अलवर जिले के ग्राम लालपुरा में मंगलवार सुबह बारिश के दौरान पहाड़ी का मलबा खिसककर आबादी क्षेत्र में बने मकानों पर जा गिरा। मलबे की चपेट में आने से तीन परिवारों के पांच पक्के कमरे क्षतिग्रस्त हो गए। हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। प्रभावित परिवारों ने मकानों और सामान को मिलाकर करीब 7 लाख रुपए के नुकसान का अनुमान बताया है। सूचना मिलने के बाद तहसीलदार समेत राजस्व और पंचायत विभाग की टीम मौके पर पहुंची और नुकसान का जायजा लिया।
बारिश के दौरान अचानक खिसका पहाड़ी का मलबा
जानकारी के अनुसार मंगलवार सुबह बारिश के दौरान पहाड़ी से अचानक मलबा खिसकने लगा। देखते ही देखते मलबा नीचे आबादी क्षेत्र में बने मकानों तक पहुंच गया और कई कमरों को अपनी चपेट में ले लिया।
मलबे का दबाव इतना अधिक था कि मकानों का पिछला हिस्सा क्षतिग्रस्त होने के साथ छत की पट्टियां भी टूट गईं। अचानक हुए हादसे से प्रभावित परिवारों में दहशत फैल गई।
जगन्नाथ और ग्यारसीलाल के तीन कमरे टूटे
मलबे की चपेट में जगन्नाथ और ग्यारसीलाल पुत्र नारायण के मकान के तीन पक्के कमरे पूरी तरह टूट गए। प्रभावित परिवार के मुताबिक मकान और घरेलू सामान को मिलाकर करीब 4 लाख रुपए के नुकसान का अनुमान है।
मलबा मकान के पिछले हिस्से से होते हुए अंदर तक पहुंचा, जिससे कमरों के साथ छत को भी नुकसान हुआ।
विधवा गोमा देवी के दो कमरे भी क्षतिग्रस्त
इसी मकान से सटे विधवा गोमा देवी पत्नी लक्ष्मीनारायण मीणा के दो पक्के कमरे भी पहाड़ी से आए मलबे की चपेट में आ गए।
गोमा देवी के अनुसार उनके दोनों कमरों और सामान को मिलाकर करीब 3 लाख रुपए का नुकसान हुआ है। इस तरह दोनों परिवारों की ओर से कुल करीब 7 लाख रुपए के नुकसान का अनुमान बताया गया है।
तहसीलदार ने मौके पर पहुंचकर लिया जायजा
घटना की जानकारी मिलने के बाद तहसीलदार सुधीर कुमार जैन मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रभावित मकानों और पहाड़ी से आए मलबे का निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया।
उनके साथ पटवारी श्याम मीणा, ग्राम विकास अधिकारी आरती बलाई और एलडीसी गीता मीणा भी मौजूद रहे। राजस्व एवं पंचायत विभाग के कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर नुकसान का आकलन किया।
प्रशासन ने तैयार की नुकसान की रिपोर्ट
मौके पर अधिकारियों ने टूटे कमरों और मलबे से हुए नुकसान का निरीक्षण कर रिपोर्ट तैयार की। तहसीलदार ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने और प्रभावित परिवारों की स्थिति को देखते हुए जल्द रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए।
प्रशासन की ओर से तैयार की गई रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई और राहत संबंधी प्रक्रिया तय की जाएगी।
ग्रामीणों ने सुरक्षा और राहत की मांग की
घटना के दौरान मौके पर छोटेलाल, दिनेश, राकेश, रामचंद्र, रामनिवास, रोहिताश, नीरज, विकास, फैलीराम, रामजीलाल सैनी, मांगीलाल सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे।
ग्रामीणों ने बताया कि बारिश के दौरान पहाड़ी से मलबा खिसकने की आशंका बनी रहती है। उन्होंने प्रभावित मकानों की सुरक्षा के लिए जरूरी इंतजाम करने और प्रभावित परिवारों को राहत उपलब्ध कराने की मांग प्रशासन से की।
हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं
हादसे में पांच पक्के कमरों के टूटने से परिवारों को आर्थिक नुकसान हुआ है, लेकिन राहत की बात यह रही कि घटना में किसी व्यक्ति के हताहत होने की सूचना नहीं है। प्रशासन ने मौके का निरीक्षण कर स्थिति की जानकारी ली है और नुकसान की रिपोर्ट तैयार की जा रही है।