धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर जयपुर में छात्रों का जश्न, बोले- यह हमारी एकजुटता और संघर्ष की जीत
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर सामने आते ही राजस्थान की राजधानी जयपुर में कई छात्रों ने खुशी जाहिर की। NEET-UG 2026 विवाद को लेकर लंबे समय से चल रहे आंदोलन के बीच छात्रों ने इसे अपने संघर्ष और लोकतांत्रिक तरीके से उठाई गई आवाज की अहम सफलता बताया। हालांकि छात्रों का कहना है कि उनकी लड़ाई केवल इस्तीफे तक सीमित नहीं है, बल्कि परीक्षा प्रणाली में सुधार और पारदर्शिता सुनिश्चित करना भी उतना ही जरूरी है।
इस्तीफे की खबर मिलते ही छात्रों ने मनाया जश्न
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की जानकारी सामने आने के बाद जयपुर के अलग-अलग इलाकों में छात्रों के बीच उत्साह का माहौल देखने को मिला। कई छात्रों ने एक-दूसरे को बधाई दी, खुशी जताई और डांस कर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की। सोशल मीडिया पर भी इससे जुड़े कई वीडियो और तस्वीरें सामने आईं। छात्रों का कहना था कि शांतिपूर्ण आंदोलन और लगातार उठाई गई आवाज का असर अब दिखाई देने लगा है। उनके अनुसार, यह युवाओं की एकजुटता और लोकतांत्रिक तरीके से किए गए संघर्ष का परिणाम है।
‘युवाओं की आवाज को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता’
वैशाली नगर के छात्र गौरव कुमार ने कहा कि युवाओं ने साबित कर दिया है कि यदि वे किसी मुद्दे पर एकजुट होकर खड़े हों तो उनकी आवाज को अनदेखा नहीं किया जा सकता। वहीं मालवीय नगर की मुस्कान यादव का कहना था कि अगर सरकार शुरुआत में ही छात्रों से संवाद करती, तो स्थिति शायद यहां तक नहीं पहुंचती। उन्होंने उम्मीद जताई कि अब शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे।
‘इस्तीफा शुरुआत है, मंजिल नहीं’
बजाज नगर की काव्या वर्मा ने कहा कि किसी मंत्री का इस्तीफा अपने आप में पूरी समस्या का समाधान नहीं है, लेकिन जवाबदेही तय करने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम माना जा सकता है। वहीं झोटवाड़ा के मनस्वी गोयल का कहना था कि जिस तरह विद्यार्थियों के प्रदर्शन का मूल्यांकन तय मानकों से होता है, उसी तरह सार्वजनिक पदों पर बैठे लोगों की जवाबदेही भी तय होनी चाहिए। उनका मानना है कि जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों का मूल्यांकन भी उनके काम के आधार पर होना चाहिए।
‘अब परीक्षा प्रणाली में सुधार सबसे जरूरी’
वैशाली नगर के नीरज शर्मा ने कहा कि शिक्षा मंत्री का इस्तीफा एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम जरूर है, लेकिन असली मुद्दा परीक्षा प्रणाली में सुधार, निष्पक्ष जांच और छात्रों के भविष्य की सुरक्षा है। उन्होंने कहा कि जब तक परीक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और भरोसेमंद नहीं बनाया जाता, तब तक आंदोलन की मूल भावना पूरी नहीं मानी जाएगी। छात्रों का कहना है कि अब उनकी सबसे बड़ी उम्मीद सरकार द्वारा शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार और भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने से है।