जयपुर में दर्दनाक हादसा: मोमोज वेंडर रेशु गुप्ता झुलसी, सरकार ने दिया राहत पैकेज
जयपुर के जगतपुरा इलाके में वीआईपी काफिले के दौरान हुए एक दर्दनाक हादसे में मोमोज वेंडर रेशु गुप्ता गंभीर रूप से झुलस गईं। बताया गया कि पुलिस द्वारा सड़क खाली कराने की कार्रवाई के दौरान खौलता पानी गिरने से यह घटना हुई। मामला सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासन हरकत में आया और सरकार ने पीड़िता के इलाज का पूरा खर्च उठाने, आर्थिक सहायता देने और आजीविका के लिए डेयरी बूथ आवंटित करने की घोषणा की है। साथ ही एक पुलिसकर्मी को लाइन हाजिर कर जांच शुरू कर दी गई है।
सरकार ने लिया इलाज का पूरा खर्च उठाने का निर्णय
जयपुर ग्रेटर नगर निगम और राज्य सरकार ने पीड़िता रेशु गुप्ता के इलाज को लेकर बड़ा राहत कदम उठाया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अस्पताल में होने वाला सर्जरी, दवाइयों और सभी चिकित्सा खर्चों का वहन सरकार करेगी। अधिकारियों के अनुसार, पीड़िता की हालत को देखते हुए हर संभव मेडिकल सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। साथ ही परिवार को तात्कालिक आर्थिक सहायता भी प्रदान की जा रही है ताकि इलाज के दौरान किसी प्रकार की आर्थिक परेशानी न हो। यह कदम बढ़ते जनआक्रोश और मानवीय संवेदनशीलता के तहत लिया गया है।
आजीविका के लिए डेयरी बूथ और आर्थिक सहायता का ऐलान
सरकार ने केवल इलाज ही नहीं बल्कि पीड़िता के परिवार की आजीविका को भी ध्यान में रखते हुए राहत पैकेज घोषित किया है। इसके तहत रेशु गुप्ता के परिवार को जयपुर शहर में एक प्रमुख स्थान पर डेयरी बूथ आवंटित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके अलावा तत्काल आर्थिक सहायता राशि भी दी जा रही है। प्रशासन का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य परिवार को स्थायी आय का साधन उपलब्ध कराना है, ताकि भविष्य में उन्हें किसी आर्थिक संकट का सामना न करना पड़े।
पुलिसकर्मी लाइन हाजिर, उच्च स्तरीय जांच शुरू
घटना के बाद पुलिस विभाग ने प्रारंभिक जांच के आधार पर कार्रवाई करते हुए एक संबंधित पुलिसकर्मी को लाइन हाजिर कर दिया है। आरोप है कि वीआईपी मूवमेंट के दौरान सड़क खाली कराने में असावधानी और संवेदनहीनता बरती गई, जिससे हादसा हुआ। मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए गए हैं। पुलिस प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों ने पीड़िता के घर पहुंचकर दिया भरोसा
नगर निगम ग्रेटर के आयुक्त और वरिष्ठ अधिकारी स्वयं पीड़िता के घर पहुंचे और परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने परिवार को आश्वस्त किया कि सरकार उनकी हर संभव सहायता करेगी। अधिकारियों ने पीड़िता की स्थिति और इलाज की प्रगति की जानकारी ली और आवश्यक सहायता तत्काल उपलब्ध कराने का भरोसा दिया। प्रशासन ने यह भी कहा कि पूरे मामले की निगरानी उच्च स्तर पर की जा रही है ताकि पीड़िता को न्याय और सहायता समय पर मिल सके।
हादसे की पूरी टाइमलाइन: कैसे हुआ पूरा मामला
19 जून को जगतपुरा के महल रोड पर रेशु गुप्ता मोमोज का ठेला लगा रही थीं। इसी दौरान वीआईपी काफिले के लिए सड़क खाली कराने की कार्रवाई शुरू हुई। आरोप है कि जल्दबाजी में पुलिस कार्रवाई के दौरान खौलता पानी गिर गया, जिससे रेशु गंभीर रूप से झुलस गईं। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया। 22 जून को शिकायत दर्ज हुई और 24–25 जून को घटना का वीडियो वायरल होने के बाद मामला सुर्खियों में आ गया। इसके बाद प्रशासन ने कार्रवाई और राहत दोनों तेज कर दी।