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खेल मंत्रालय का बड़ा एक्शन, टेबल टेनिस महासंघ की मान्यता रद्द

नई दिल्ली: भारतीय टेबल टेनिस महासंघ (TTFI) को लेकर खेल मंत्रालय ने बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। मंत्रालय ने कथित प्रशासनिक कमियों, समय पर चुनाव नहीं कराने और पूर्व में जारी कारण बताओ नोटिस का संतोषजनक जवाब नहीं देने को आधार बनाते हुए महासंघ की मान्यता रद्द कर दी है। अब भारतीय टेबल टेनिस के संचालन की निगरानी के लिए इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन (IOA) को एड-हॉक कमेटी गठित करने को कहा गया है। यह व्यवस्था तब तक जारी रखने की बात कही गई है, जब तक महासंघ में उचित गवर्नेंस स्ट्रक्चर बहाल नहीं हो जाता।

प्रशासनिक कमियों पर मंत्रालय का बड़ा फैसला

खेल मंत्रालय के इस कदम से भारतीय टेबल टेनिस महासंघ की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर सवाल खड़े हुए हैं। मंत्रालय के अनुसार महासंघ में लंबे समय से प्रशासनिक स्तर पर कमियां सामने आ रही थीं। खिलाड़ियों से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और संगठन के संचालन को लेकर भी चिंताएं बनी हुई थीं। इन परिस्थितियों को देखते हुए मंत्रालय ने महासंघ की मान्यता समाप्त करने का फैसला लिया। हालांकि, आदेश में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि मान्यता कितने समय के लिए रद्द की गई है।

IOA बनाएगा एड-हॉक कमेटी

महासंघ की मान्यता रद्द होने के बाद भारतीय टेबल टेनिस के कामकाज में किसी तरह का प्रशासनिक गतिरोध न आए, इसके लिए अंतरिम व्यवस्था की तैयारी की जा रही है। खेल मंत्रालय ने इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन को एड-हॉक कमेटी बनाने के निर्देश दिए हैं। यह कमेटी देश में टेबल टेनिस से जुड़े प्रशासनिक कामकाज की निगरानी करेगी। मंत्रालय ने यह भी कहा है कि IOA को अंतरराष्ट्रीय टेबल टेनिस महासंघ (ITTF) से सलाह-मशविरा कर आगे की प्रक्रिया तय करनी होगी।

चुनाव में देरी भी बनी कार्रवाई की वजह

खेल मंत्रालय के आदेश में महासंघ के चुनाव समय पर नहीं करा पाने का भी उल्लेख किया गया है। इसके अलावा मंत्रालय की ओर से पहले जारी किए गए कारण बताओ नोटिस का जवाब भी संतोषजनक नहीं माना गया। इन दोनों पहलुओं ने महासंघ की मुश्किलें बढ़ा दीं। मंत्रालय का कहना है कि उचित प्रशासनिक व्यवस्था और निर्धारित नियमों के पालन के लिए प्रभावी कदम उठाना जरूरी था। हालांकि, फिलहाल यह साफ नहीं है कि महासंघ की मान्यता दोबारा कब बहाल की जाएगी।

पहले भी विवादों में रहा है महासंघ

भारतीय टेबल टेनिस महासंघ की कार्यप्रणाली को लेकर पहले भी विवाद सामने आते रहे हैं। शीर्ष भारतीय खिलाड़ी मनिका बत्रा ने वर्ष 2021 में तत्कालीन राष्ट्रीय कोच सौम्यदीप रॉय पर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने दावा किया था कि उन पर कोच के निजी प्रशिक्षु के पक्ष में मैच हारने का दबाव बनाया गया। इस मामले में हितों के टकराव का मुद्दा उठा था। विवाद के बाद दिल्ली हाईकोर्ट ने 2022 में महासंघ की कार्यकारिणी को निलंबित कर दिया था।

खिलाड़ियों और गवर्नेंस पर उठते रहे सवाल

भारतीय टेबल टेनिस में प्रशासन और खिलाड़ियों के बीच संबंधों को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं। खासतौर पर चयन, पारदर्शिता और हितों के टकराव जैसे मुद्दे चर्चा में रहे हैं। अब खेल मंत्रालय की ताजा कार्रवाई के बाद महासंघ के प्रशासनिक ढांचे में बदलाव की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है। एड-हॉक कमेटी के जरिए व्यवस्था संभालने का उद्देश्य एक ऐसा गवर्नेंस सिस्टम तैयार करना है, जिसमें नियमों और खिलाड़ियों के हितों को प्राथमिकता दी जा सके।

अब आगे क्या होगा?

फिलहाल भारतीय टेबल टेनिस से जुड़े प्रशासनिक कामकाज की जिम्मेदारी अंतरिम व्यवस्था के तहत संभालने की तैयारी है। IOA और ITTF के साथ समन्वय कर आगे की प्रक्रिया तय की जाएगी। महासंघ में नियमित और उचित गवर्नेंस स्ट्रक्चर बहाल होने के बाद ही उसकी मान्यता बहाल होने की स्थिति स्पष्ट होगी। ऐसे में आने वाले दिनों में चुनाव प्रक्रिया और प्रशासनिक सुधार इस पूरे मामले की दिशा तय करेंगे।

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Stv News Rajasthan

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