जयपुर में किसानों का आंदोलन खत्म, सरकार ने मानी मांगें; शिवदासपुर टोल से हटे प्रदर्शनकारी
जयपुर। किसानों की मांगों को लेकर जयपुर में चल रहा आंदोलन देर रात समाप्त हो गया। युवा नेता नरेश मीणा की अगुवाई में सैकड़ों किसान शिवदासपुर टोल प्लाजा पर हाईवे पर डटे हुए थे। किसान मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच करना चाहते थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें टोल प्लाजा पर ही रोक दिया। इससे हाईवे पर कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया।देर रात सरकार की ओर से किसानों की मांगें मानने का आश्वासन दिए जाने के बाद नरेश मीणा ने आंदोलन वापस लेने का ऐलान किया। इसके बाद प्रदर्शनकारी टोल प्लाजा से हटने लगे। पुलिस और प्रशासन ने हाईवे पर यातायात बहाल कराया।
शिवदासपुर टोल पर आमने-सामने आए किसान और पुलिस
किसानों के जयपुर पहुंचने के बाद शिवदासपुर टोल प्लाजा पर पुलिस ने बैरिकेडिंग कर उन्हें रोक दिया। किसान आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे थे, जबकि पुलिस उन्हें वहीं रोकने में जुटी थी।इस दौरान कई बार तनाव की स्थिति बनी। कुछ प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग पर चढ़कर आगे बढ़ने का प्रयास करते नजर आए। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने मौके पर अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की थी।
कई किलोमीटर तक लगा जाम
किसानों के हाईवे पर बैठने से शिवदासपुर टोल प्लाजा के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। आंदोलन के कारण जयपुर-आगरा हाईवे पर यातायात प्रभावित हुआ।लंबे समय तक सड़क पर प्रदर्शन जारी रहने से वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रशासन की कोशिश रही कि बातचीत के जरिए किसानों को सड़क से हटाया जाए और यातायात सामान्य कराया जा सके।
खाद और बीज की समस्या को लेकर उठी मांग
किसानों की प्रमुख मांग खाद और बीज की उपलब्धता से जुड़ी थी। नरेश मीणा का कहना था कि किसानों को सरकार की ओर से भरोसा दिया जाए कि उन्हें खाद और बीज की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा।इसके अलावा किसान चाहते थे कि उनकी बातचीत मुख्यमंत्री कार्यालय में तैनात किसी जिम्मेदार अधिकारी से कराई जाए। किसानों ने इन मांगों को लेकर सरकार से स्पष्ट आश्वासन मांगा था।
बातचीत पहले रही बेनतीजा
प्रदर्शन के दौरान प्रशासन और किसान प्रतिनिधियों के बीच बातचीत का दौर चला। शुरुआती बातचीत में सहमति नहीं बन पाई।नरेश मीणा ने कहा था कि यदि सरकार की ओर से जिम्मेदार अधिकारी किसानों को आश्वासन नहीं देते हैं, तो आंदोलन जारी रखा जाएगा। उन्होंने आमरण अनशन के लिए स्थान उपलब्ध कराने की मांग भी रखी थी।
कई दिनों से यात्रा निकाल रहे थे नरेश मीणा
नरेश मीणा पिछले कई दिनों से किसानों के साथ यात्रा कर रहे थे। यह यात्रा बुधवार शाम जयपुर की सीमा में पहुंची। किसानों का काफिला राजधानी की ओर बढ़ रहा था, लेकिन शहर में प्रवेश से पहले ही उन्हें शिवदासपुर टोल प्लाजा पर रोक दिया गया।बताया गया कि नरेश मीणा पूरे रास्ते ठेले पर सवार होकर किसानों के साथ जयपुर पहुंचे। उनके साथ बड़ी संख्या में किसान भी मौजूद थे।
पुलिस ने की थी सुरक्षा की तैयारी
प्रदर्शनकारियों की संख्या और हाईवे पर बढ़ते तनाव को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। मौके पर वाटर कैनन तैनात की गई थी।स्थिति ज्यादा बिगड़ने की स्थिति में पुलिस ने अन्य सुरक्षा उपायों की भी तैयारी कर रखी थी। हालांकि देर रात सरकार के आश्वासन के बाद आंदोलन समाप्त हो गया और प्रदर्शनकारी हाईवे से हट गए।
आश्वासन के बाद यातायात हुआ बहाल
सरकार की ओर से मांगें माने जाने की जानकारी मिलने के बाद नरेश मीणा ने आंदोलन खत्म करने की घोषणा की। इसके बाद किसान धीरे-धीरे टोल प्लाजा से हटने लगे।प्रदर्शनकारियों के हटने के बाद पुलिस ने हाईवे पर यातायात बहाल कराया। कई घंटे तक प्रभावित रहे रास्ते पर वाहनों की आवाजाही सामान्य होने लगी।
किसानों की मांगों पर अब आगे की कार्रवाई पर नजर
आंदोलन खत्म होने के बाद अब किसानों की मांगों को लेकर सरकार की ओर से आगे क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर नजर रहेगी। किसानों को खाद और बीज की उपलब्धता तथा उनकी अन्य मांगों पर दिए गए आश्वासन के क्रियान्वयन को लेकर भी सवाल महत्वपूर्ण होंगे।फिलहाल जयपुर में शिवदासपुर टोल प्लाजा पर चला किसान आंदोलन समाप्त हो गया है और हाईवे पर यातायात बहाल कर दिया गया है।