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करौली में जमीन विवाद में 78 साल के बुजुर्ग की हत्या, छोटे भाई पर ट्रैक्टर से टक्कर और लाठी से पीटने का आरोप

करौली। गुढ़ाचंद्रजी के पास गढ़मोरा गांव में कृषि भूमि के विवाद को लेकर दो सगे भाइयों के बीच खूनी संघर्ष का मामला सामने आया है। आरोप है कि छोटे भाई ने अपने 78 वर्षीय बड़े भाई मनोहर मीणा को पहले ट्रैक्टर से टक्कर मारी। इसके बाद लाठी और धारदार हथियारों से हमला किया गया। गंभीर चोटों के कारण मनोहर की मौके पर ही मौत हो गई।घटना के बाद परिजनों ने पुलिस पर पहले की शिकायतों में कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया। इसके विरोध में उन्होंने अस्पताल की मोर्चरी के पास धरना दिया। परिजनों ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई और संबंधित पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग करते हुए शव लेने से इनकार कर दिया।

पुश्तैनी जमीन को लेकर 10 साल से विवाद

पुलिस के अनुसार मनोहर मीणा और उनके छोटे भाई शिवराम मीणा के बीच पुश्तैनी कृषि भूमि को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। मृतक की पुत्रवधू रेशमा देवी ने प्राथमिकी में बताया कि दोनों परिवारों के बीच करीब 10 साल से जमीन को लेकर विवाद था।रेशमा देवी के मुताबिक शिवराम की ओर से पिछले एक महीने से जान से मारने की धमकियां भी दी जा रही थीं। परिवार का दावा है कि इस संबंध में गढ़मोरा थाने में कई बार शिकायत दी गई थी। घटना से एक दिन पहले मंगलवार शाम को भी पुलिस थाने में परिवाद देने की बात कही गई है।

खेत में काम कर रहे थे मनोहर

रेशमा देवी के अनुसार बुधवार सुबह करीब 11 बजे मनोहर मीणा खेत में काम कर रहे थे। इसी दौरान उनके चाचा ससुर शिवराम मीणा के वहां पहुंचने का आरोप है।परिजनों का आरोप है कि शिवराम ने मनोहर को ट्रैक्टर से टक्कर मार दी। इसके बाद शिवराम, उनकी पत्नी धनबाई, पुत्र दीपेंद्र और उसकी पत्नी संतोष सहित अन्य लोगों ने मनोहर के साथ मारपीट की।

ट्रैक्टर से टक्कर के बाद लाठियों से हमला

परिजनों के मुताबिक ट्रैक्टर की टक्कर के बाद मनोहर गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इसके बाद आरोपियों ने कथित तौर पर लाठी और धारदार हथियारों से हमला किया।घटना के दौरान शोर सुनकर परिवार के लोग मौके पर पहुंचे। रेशमा देवी ने आरोप लगाया कि उनके साथ भी मारपीट की गई। इसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। मनोहर की घटनास्थल पर ही मौत हो गई।

अस्पताल में जमा हुए ग्रामीण और परिजन

ग्रामीणों से सूचना मिलने के बाद गढ़मोरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस मनोहर के शव को गुढ़ाचंद्रजी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर आई।शाम को मृतक के बेटे अस्पताल पहुंचे। उनका एक बेटा दिल्ली पुलिस में तैनात बताया गया है, जबकि दूसरा बेटा भरतपुर में पटवारी के पद पर कार्यरत है। उनके पहुंचने के बाद अस्पताल में ग्रामीणों और परिजनों की भीड़ जमा हो गई।

पुलिस पर कार्रवाई में देरी का आरोप

मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया कि जमीन विवाद और धमकियों को लेकर पहले शिकायतें देने के बावजूद पुलिस ने प्रभावी कार्रवाई नहीं की। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई होती तो घटना को टाला जा सकता था।परिजनों ने गढ़मोरा थाने के स्टाफ के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग रखी। उन्होंने संबंधित पुलिसकर्मियों को निलंबित करने और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की।

देर रात तक समझाइश का दौर

मामले की जानकारी मिलने पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. कमल कुमार, टोडाभीम पुलिस उपाधीक्षक भंवरलाल बुनकर और नादौती थाना अधिकारी ओमेंद्र सिंह सहित कई अधिकारी मौके पर पहुंचे।नादौती, गढ़मोरा, बालघाट और टोडाभीम सहित कई थानों का पुलिस जाब्ता भी तैनात किया गया। अधिकारियों ने परिजनों और ग्रामीणों से बातचीत कर उन्हें समझाने का प्रयास किया।

एफआईआर दर्ज, आरोपियों की तलाश

टोडाभीम पुलिस उपाधीक्षक भंवरलाल बुनकर के अनुसार मृतक की पुत्रवधू की ओर से रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।अधिकारी के अनुसार आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस घटनास्थल से जुड़े तथ्यों और पहले दी गई शिकायतों की भी जांच कर रही है। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया को लेकर भी परिजनों से बातचीत की जा रही है।

जमीन विवाद ने लिया हिंसक रूप

गढ़मोरा की घटना में लंबे समय से चल रहे पारिवारिक जमीन विवाद के हिंसक रूप लेने की बात सामने आई है। फिलहाल हत्या के आरोपों और पुलिस पर लगाए गए लापरवाही के आरोपों की जांच जारी है।मामले में आगे की कार्रवाई पुलिस जांच, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर होगी। आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद घटनाक्रम की पूरी तस्वीर और स्पष्ट होने की उम्मीद है।

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Stv News Rajasthan

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