#राज्य-शहर #सोशल

अलवर में 108 एंबुलेंस में गूंजी जुड़वां बच्चों की किलकारी, EMT और चालक की सूझबूझ से सुरक्षित प्रसव

अलवर में अस्पताल ले जाते समय गर्भवती महिला की प्रसव पीड़ा अचानक बढ़ गई। ऐसे में 108 एंबुलेंस कर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए रास्ते में ही प्रसव कराया। महिला ने एक बेटे और एक बेटी को जन्म दिया। ईएमटी यशवंत शर्मा और एंबुलेंस चालक रतन सिंह की सूझबूझ से मां और दोनों नवजातों को सुरक्षित अलवर के जनाना अस्पताल पहुंचाया गया। समय पर लिए गए फैसले से आपात स्थिति में चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने में मदद मिली।

अस्पताल जाते समय अचानक बढ़ी प्रसव पीड़ा

जानकारी के अनुसार, 108 एंबुलेंस पर तैनात ईएमटी यशवंत शर्मा को नाहरपुर क्षेत्र से एक गर्भवती महिला को अस्पताल पहुंचाने की सूचना मिली थी। इसके बाद वे एंबुलेंस चालक रतन सिंह के साथ मौके पर पहुंचे।टीम ने महिला को एंबुलेंस में बैठाया और अलवर के लिए रवाना हो गई। महिला की पहचान हरदेई के रूप में हुई है। वह मूल रूप से आगरा की रहने वाली हैं और फिलहाल अलवर के नाहरपुर क्षेत्र में रह रही थीं।

बख्तल की चौकी और नाहरपुर के बीच बनी आपात स्थिति

महिला को अस्पताल ले जाते समय बख्तल की चौकी और नाहरपुर के बीच अचानक प्रसव पीड़ा तेज हो गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एंबुलेंस कर्मियों ने तुरंत वाहन रोक दिया।प्रारंभिक जांच के दौरान पता चला कि बच्चे का सिर बाहर आने लगा था। ऐसे में अस्पताल पहुंचने का इंतजार करना जोखिम भरा हो सकता था। एंबुलेंस कर्मियों ने परिस्थितियों का आकलन करते हुए मौके पर ही प्रसव कराने का निर्णय लिया।

एंबुलेंस के भीतर हुआ जुड़वां बच्चों का जन्म

आपात स्थिति में ईएमटी यशवंत शर्मा ने तत्परता दिखाते हुए प्रसव प्रक्रिया शुरू कराई। एंबुलेंस चालक रतन सिंह और महिला के साथ मौजूद परिजन ने भी सहयोग किया।कुछ ही देर में महिला ने जुड़वां बच्चों को जन्म दिया। इनमें एक बेटा और एक बेटी शामिल हैं। एंबुलेंस कर्मियों की त्वरित कार्रवाई से प्रसव के बाद मां और नवजातों को आगे के उपचार के लिए अस्पताल ले जाने की व्यवस्था की गई।

मां और दोनों नवजात जनाना अस्पताल में भर्ती

प्रसव के बाद एंबुलेंस कर्मियों ने महिला और दोनों नवजातों को सावधानीपूर्वक अलवर के जनाना अस्पताल पहुंचाया। वहां तीनों को भर्ती कराया गया।समय पर अस्पताल पहुंचाने से मां और बच्चों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने में मदद मिली। हालांकि, उनकी स्वास्थ्य स्थिति से जुड़ी विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है।

108 एंबुलेंस सेवा की तत्परता फिर आई सामने

यह घटना आपातकालीन परिस्थितियों में 108 एंबुलेंस सेवा की भूमिका को रेखांकित करती है। अस्पताल पहुंचने से पहले प्रसव जैसी स्थिति बनने पर एंबुलेंस कर्मियों को तेजी से निर्णय लेना पड़ता है।इस मामले में ईएमटी यशवंत शर्मा और चालक रतन सिंह की सूझबूझ और त्वरित कार्रवाई से मां और दोनों नवजातों को अस्पताल पहुंचाया गया। घटना ने एक बार फिर आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं में प्रशिक्षित कर्मचारियों की अहमियत सामने रखी है।

author avatar
Stv News Rajasthan

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *