हनुमानगढ़: नहर में मिला लापता पिता-बेटी का शव, 3 दिन बाद भी मां का सुराग नहीं
हरियाणा के ऐलनाबाद से लापता हुए इलेक्ट्रॉनिक्स दुकानदार भरत सिंह सहारण, उनकी पत्नी मंजू और बेटी लता के मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है। राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले के टिब्बी क्षेत्र में इंदिरा गांधी नहर से भरत सिंह और उनकी बेटी लता के शव बरामद हुए हैं। वहीं, मंजू की तलाश जारी है। तीनों को आखिरी बार मसीतांवाली हेड पर लगे CCTV कैमरों में देखा गया था। पुलिस मामले की जांच कर रही है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि तीनों नहर तक कैसे पहुंचे और घटना किन परिस्थितियों में हुई।
16 अक्टूबर को बाइक से घर से निकला था परिवार
जानकारी के अनुसार, ऐलनाबाद के ढाणी शेरां वाली निवासी भरत सिंह सहारण 16 अक्टूबर को दोपहर करीब डेढ़ बजे अपनी पत्नी मंजू और बेटी लता के साथ बाइक पर घर से निकले थे। इसके लगभग एक घंटे बाद तीनों मसीतांवाली हेड पर लगे CCTV कैमरों में दिखाई दिए।यह तीनों की आखिरी ज्ञात लोकेशन बताई जा रही है। इसके बाद उनका कोई सुराग नहीं मिला। जब परिवार के सदस्य घर नहीं लौटे, तो परिजनों ने उनकी तलाश शुरू कर दी।
CCTV फुटेज के बाद नहर किनारे तलाश
मसीतांवाली हेड की CCTV फुटेज मिलने के बाद परिजन राजस्थान कनाल और नहर के आसपास के इलाकों में तलाश करने लगे। इस दौरान स्थानीय लोगों से भी पूछताछ की गई।रविवार शाम करीब साढ़े छह बजे डबली कलां के पास इंदिरा गांधी नहर में एक युवती का शव बहता दिखाई दिया। स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंचे परिजनों ने शव की पहचान लता के रूप में की।
गोताखोरों की मदद से निकाले गए पिता-बेटी के शव
सूचना मिलने के बाद पुलिस और गोताखोर मौके पर पहुंचे। गोताखोरों की मदद से लता के शव को नहर से बाहर निकाला गया। इसके कुछ समय बाद भरत सिंह का शव भी नहर में बरामद हुआ।दो शव मिलने के बाद परिवार में शोक का माहौल है। वहीं, मंजू की तलाश के लिए नहर में खोज अभियान जारी है। पुलिस तीनों के लापता होने और मौत से जुड़े घटनाक्रम की जांच कर रही है।
क्या बाइक सहित नहर में गिरा था परिवार?
प्रारंभिक स्तर पर यह संभावना जताई जा रही है कि परिवार बाइक सहित नहर में गिरा हो सकता है। हालांकि, इस संभावना की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि घटना दुर्घटनावश हुई या इसके पीछे कोई अन्य कारण था।पुलिस जांच में CCTV फुटेज, घटनास्थल की परिस्थितियों और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही सामने आएगा।
ऐलनाबाद पुलिस को सौंपे गए शव
मसीतांवाली हेड चौकी प्रभारी अजीत सिंह के अनुसार, तीनों की गुमशुदगी ऐलनाबाद थाने में दर्ज थी। इसी वजह से बरामद शव ऐलनाबाद पुलिस के सुपुर्द कर दिए गए हैं।भरत सिंह सहारण की नोहर रोड पर इलेक्ट्रॉनिक्स की दुकान है। वह अपनी मां और भाई के साथ संयुक्त परिवार में रहते थे। उनकी पत्नी मंजू गृहिणी थीं, जबकि बेटी लता बीबीए की पढ़ाई कर रही थी।
मां की तलाश जारी, जांच के बाद स्पष्ट होंगी परिस्थितियां
भरत सिंह और लता के शव मिलने के बाद अब मंजू की तलाश पर ध्यान केंद्रित है। परिवार के तीन सदस्यों के एक साथ लापता होने और बाद में दो शव मिलने से घटना को लेकर कई सवाल खड़े हुए हैं।फिलहाल पुलिस की जांच और उपलब्ध साक्ष्य ही घटना की परिस्थितियों को स्पष्ट कर सकेंगे। मंजू का पता लगने और जांच आगे बढ़ने के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर सामने आने की उम्मीद है।