आमेर गाइड मनीष हत्याकांड: 50 लाख मुआवजा और नौकरी के आश्वासन के बाद धरना खत्म
Jaipur Guide Murder: जयपुर के आमेर में गाइड मनीष कुमार सोनी की मौत के बाद मंगलवार को लोगों का आक्रोश सड़क पर दिखाई दिया। मनीष की मौत की खबर मिलते ही परिजन, स्थानीय लोग और बड़ी संख्या में गाइड गांधी चौक पर एकत्र हो गए और रास्ता रोककर धरना शुरू कर दिया। आमेर बाजार में सुबह से शाम तक बंद का माहौल रहा। घंटों चले प्रदर्शन के बाद प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच सहमति बनी। सरकार की ओर से परिवार को 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता, डेयरी बूथ और संविदा पर नौकरी देने का आश्वासन दिया गया। इसके बाद धरना समाप्त कर रास्ता खोल दिया गया।
आमेर में गाइड की मौत के बाद भड़का आक्रोश
आमेर मावठा के पास पर्यटकों को आमेर महल जाने का रास्ता बताने के दौरान चाकू से हमला किए जाने के बाद घायल गाइड मनीष कुमार सोनी का मंगलवार सुबह करीब 7 बजे एसएमएस अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया।
मनीष की मौत की सूचना आमेर पहुंचते ही बड़ी संख्या में लोग गांधी चौक पर जुट गए। परिजनों के साथ स्थानीय गाइड और अन्य लोगों ने रास्ता रोककर प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने हमलावर के खिलाफ सख्त कार्रवाई और पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग की।
सुबह से शाम तक आमेर बाजार में बंद
प्रदर्शन के कारण आमेर बाजार में सुबह से ही बंद जैसी स्थिति रही। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर रास्ता खुलवाने की कोशिश की, लेकिन लोग अपनी मांगों पर अड़े रहे।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि आमेर जैसे पर्यटन क्षेत्र में पर्यटकों और गाइडों की सुरक्षा सुनिश्चित करना जरूरी है। उन्होंने क्षेत्र में कथित तौर पर अवैध रूप से संचालित जीपों पर कार्रवाई और गाइडों की सुरक्षा के लिए ठोस व्यवस्था की मांग भी उठाई।
परिवार ने मांगा था एक करोड़ रुपये मुआवजा
धरने के दौरान प्रदर्शनकारियों ने मृतक के परिवार के लिए एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने की मांग रखी थी। इसके अलावा परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और डेयरी बूथ देने की मांग भी उठाई गई।
प्रदर्शनकारियों ने आरोपी के घर पर बुलडोजर कार्रवाई, आमेर में अवैध जीप संचालन पर रोक और गाइडों की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की।
मनीष के भाई प्रदीप सोनी ने आरोप लगाया कि घटना के बाद आरोपी पक्ष की ओर से परिवार को धमकियां भी दी गई थीं। उन्होंने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग प्रशासन के सामने रखी।
पर्यटकों को रास्ता बताने पर हुआ था विवाद
घटना सोमवार सुबह की बताई गई है। आमेर निवासी गाइड मनीष कुमार सोनी से मावठा के पास कुछ पर्यटकों ने आमेर महल जाने का रास्ता पूछा था।
मनीष ने पर्यटकों को कार से महल जाने का रास्ता समझाया। आरोप है कि इसी बात को लेकर वहां मौजूद आमेर निवासी जीप चालक आजम से उसका विवाद हो गया।
आरोप है कि विवाद के दौरान आजम ने मनीष के पेट में चाकू से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल मनीष को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां मंगलवार सुबह उनकी मौत हो गई।
50 लाख मुआवजा और संविदा नौकरी की घोषणा
घंटों चले प्रदर्शन के बाद प्रशासन की ओर से प्रदर्शनकारियों को मांगों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया गया। सरकार की ओर से मृतक के परिवार को 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता, डेयरी बूथ और संविदा पर नौकरी देने की घोषणा की गई।
यह घोषणा विधायक बालमुकुंदाचार्य, आमेर उपखंड अधिकारी और पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में की गई। प्रशासन की ओर से निष्पक्ष जांच और परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराने का भी आश्वासन दिया गया।
घोषणा के बाद प्रदर्शनकारियों ने धरना समाप्त कर दिया और रास्ता खोल दिया गया।
आरोपी गिरफ्तार, पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा
मामले में आरोपी को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। वहीं पोस्टमार्टम की कार्रवाई पूरी होने के बाद मनीष का शव परिजनों को सौंप दिया गया।
धरना समाप्त होने के बाद प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों को उचित मांगों पर कार्रवाई का भरोसा दिलाया। अब मामले में पुलिस जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई पर नजर रहेगी।
गाइडों की सुरक्षा को लेकर उठे सवाल
मनीष की मौत के बाद आमेर में काम करने वाले गाइडों की सुरक्षा का मुद्दा भी प्रमुखता से सामने आया है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि पर्यटन क्षेत्र में गाइडों और पर्यटकों के बीच किसी भी विवाद की स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रभावी व्यवस्था होनी चाहिए।
आमेर में पर्यटन गतिविधियों से जुड़े लोगों ने प्रशासन से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और विवाद की स्थिति में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।