Rajasthan Nikay Chunav 2026: CM भजनलाल के घर वोट मांगने पहुंचीं कांग्रेस प्रत्याशी, पिता ने कहा- ‘मैं तो BJP का हूं’
भरतपुर नगर निगम चुनाव के बीच वार्ड नंबर 41 में मंगलवार को एक दिलचस्प चुनावी नजारा देखने को मिला। कांग्रेस प्रत्याशी और महिला कांग्रेस की जिला अध्यक्ष बबीता शर्मा वोट मांगने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के पैतृक घर पहुंच गईं। उन्होंने मुख्यमंत्री के पिता किशन स्वरूप शर्मा के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया और कांग्रेस के पक्ष में मतदान की अपील की। जवाब में सीएम के पिता ने चुनावी पर्चा लेने से इनकार करते हुए साफ कहा- ‘मैं तो भाजपा का हूं।’ इस मुलाकात का वीडियो और घटनाक्रम चुनावी चर्चा का विषय बन गया।
सीएम के पैतृक घर पहुंचीं कांग्रेस प्रत्याशी
भरतपुर नगर निगम चुनाव के लिए मतदान से एक दिन पहले 8 सितंबर को वार्ड नंबर 41 यानी जवाहर नगर में कांग्रेस प्रत्याशी बबीता शर्मा जनसंपर्क कर रही थीं। इसी दौरान वह मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के पैतृक निवास पर भी पहुंचीं।
चूंकि मुख्यमंत्री का पैतृक घर इसी वार्ड में आता है, इसलिए कांग्रेस प्रत्याशी ने इसे भी अपने चुनावी जनसंपर्क का हिस्सा बनाया। उन्होंने सीएम के पिता किशन स्वरूप शर्मा के चरण स्पर्श किए और उनसे अपने पक्ष में वोट देने के साथ आशीर्वाद मांगा।
‘मैं तो भाजपा का हूं’… सीएम के पिता का जवाब
कांग्रेस प्रत्याशी की अपील पर मुख्यमंत्री के पिता किशन स्वरूप शर्मा ने अपना राजनीतिक रुख स्पष्ट कर दिया। उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी का चुनावी पर्चा लेने से इनकार कर दिया।
उन्होंने कहा कि वह भाजपा के हैं और उनका वोट भाजपा को ही जाएगा। उनका यह जवाब मौके पर मौजूद लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया।
मुलाकात के दौरान हालांकि माहौल व्यक्तिगत सम्मान और शिष्टाचार वाला रहा। कांग्रेस प्रत्याशी ने बुजुर्ग का आशीर्वाद लिया, जबकि सीएम के पिता ने अपनी राजनीतिक पसंद स्पष्ट कर दी।
मुलाकात के बाद बबीता शर्मा ने क्या कहा?
मुख्यमंत्री के घर से बाहर आने के बाद मीडिया से बातचीत में बबीता शर्मा ने कहा कि लोकतंत्र में प्रत्याशी को अपने वार्ड के प्रत्येक मतदाता से संपर्क करने और वोट मांगने का अधिकार है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का घर उनके वार्ड में आता है, इसलिए वह भी दूसरे घरों की तरह वहां वोट मांगने पहुंचीं। उनके मुताबिक, चुनाव प्रचार के दौरान हर मतदाता तक पहुंचना उनका दायित्व है।
बबीता शर्मा ने यह भी बताया कि वह 6 सितंबर को भी मुख्यमंत्री के घर पहुंची थीं, लेकिन उस समय वहां कोई मौजूद नहीं था। उन्होंने कहा कि बुजुर्गों का सम्मान करना उनकी परंपरा है और राजनीतिक मत अलग होने के बावजूद सम्मान बना रहना चाहिए।
वार्ड 41 में आमने-सामने भाजपा और कांग्रेस
भरतपुर नगर निगम का वार्ड नंबर 41 इस चुनाव में महत्वपूर्ण सीटों में शामिल है। इसकी एक बड़ी वजह मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का पैतृक निवास इसी वार्ड में होना है।
कांग्रेस ने यहां अपनी जिला अध्यक्ष बबीता शर्मा को प्रत्याशी बनाया है। वहीं भाजपा ने निर्दलीय प्रत्याशी दीपक मुद्गल की पत्नी योगेश्वरी मुद्गल को अपना आधिकारिक उम्मीदवार बनाया है।
मुख्यमंत्री के गृह वार्ड में दोनों प्रमुख दलों की प्रतिष्ठा जुड़ी होने के कारण मुकाबला काफी दिलचस्प माना जा रहा है।
कांग्रेस के लिए चुनौती, भाजपा के लिए प्रतिष्ठा की सीट
वार्ड 41 में कांग्रेस की रणनीति घर-घर संपर्क पर केंद्रित दिखाई दे रही है। बबीता शर्मा खुद मतदाताओं तक पहुंचकर समर्थन जुटाने की कोशिश कर रही हैं।
दूसरी ओर भाजपा के लिए मुख्यमंत्री के पैतृक वार्ड में जीत हासिल करना राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ऐसे में मतदान से पहले दोनों पक्षों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है।
मतदान से पहले सुर्खियों में आया जनसंपर्क
आमतौर पर चुनाव प्रचार के दौरान प्रत्याशी अपने समर्थकों और मतदाताओं के घर पहुंचकर वोट मांगते हैं। लेकिन इस बार वार्ड 41 में कांग्रेस प्रत्याशी का मुख्यमंत्री के पैतृक घर पहुंचना खास चर्चा में आ गया।
एक तरफ कांग्रेस प्रत्याशी ने लोकतांत्रिक परंपरा का हवाला देते हुए वोट मांगा, तो दूसरी तरफ मुख्यमंत्री के पिता ने बिना किसी संकोच के अपनी पार्टी के समर्थन की बात कह दी। यही वजह है कि यह मुलाकात चुनावी चर्चाओं में प्रमुखता से सामने आई।
अब मतदान पर टिकी नजर
भरतपुर नगर निगम चुनाव में वार्ड 41 समेत अन्य वार्डों में मतदान के बाद तस्वीर साफ होगी। खास तौर पर मुख्यमंत्री के गृह वार्ड में भाजपा और कांग्रेस के बीच मुकाबले के परिणाम पर राजनीतिक नजरें रहेंगी।
अब देखना होगा कि मतदाता स्थानीय मुद्दों, प्रत्याशियों की व्यक्तिगत पकड़ और राजनीतिक दलों के प्रभाव में से किसे प्राथमिकता देते हैं और वार्ड 41 में किस प्रत्याशी के पक्ष में फैसला आता है।