जगन गुर्जर हत्याकांड: मांगों पर सहमति, SHO लाइन हाजिर
धौलपुर के बाड़ी में पूर्व दस्यु जगन गुर्जर हत्याकांड को लेकर प्रशासन और परिजनों के बीच देर रात अहम सहमति बन गई। पांच प्रमुख मांगों पर आश्वासन मिलने के बाद संभावित आंदोलन टल गया और ग्रामीण वापस लौट गए। प्रशासन ने मामले में कार्रवाई करते हुए बाड़ी थाना प्रभारी को लाइन हाजिर कर दिया है।
आंदोलन टला, प्रशासन-परिजन में बनी सहमति
धौलपुर जिले के बाड़ी क्षेत्र में जगन गुर्जर हत्याकांड को लेकर बढ़ते तनाव के बीच प्रशासन ने समय रहते हस्तक्षेप कर स्थिति को संभाल लिया। परिजनों और प्रतिनिधिमंडल द्वारा रखी गई पांच मांगों पर देर रात सहमति बन गई, जिसके बाद ग्रामीणों ने प्रस्तावित आंदोलन को स्थगित कर दिया। सैकड़ों लोग जो प्रदर्शन के लिए आगे बढ़ रहे थे, वे वार्ता के बाद शांतिपूर्वक लौट गए। प्रशासन ने भरोसा दिलाया कि सभी मांगों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इस सहमति से क्षेत्र में संभावित टकराव टल गया और माहौल सामान्य होने की दिशा में बढ़ा।
बारहवीं कार्यक्रम में बनी आंदोलन की रणनीति
घटना की पृष्ठभूमि में 29 जून को अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में बंद पूर्व दस्यु जगन गुर्जर की हत्या शामिल है। इसके बाद डांग क्षेत्र के भभूतिपुरा गांव में आयोजित बारहवीं कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग जुटे। इस दौरान एक बैठक में परिजनों और समर्थकों ने सरकार के खिलाफ नाराजगी जताई। मांगों पर कार्रवाई न होने को लेकर असंतोष के चलते आंदोलन की रणनीति बनाई गई थी। बैठक में मौजूद लोगों ने चेतावनी दी थी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा, जिससे प्रशासन सतर्क हो गया।
गजपुरा चौराहे पर प्रशासन की वार्ता
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए जिला प्रशासन ने गजपुरा चौराहे पर प्रदर्शनकारियों को रोककर वार्ता शुरू की। इस दौरान जिला कलेक्टर श्रीनिधि बीटी, पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान और एडिशनल एसपी श्रवण कुमार समेत कई अधिकारी मौजूद रहे। वार्ता के दौरान सभी मांगों पर विस्तार से चर्चा की गई और समाधान के लिए ठोस आश्वासन दिए गए। प्रशासन ने संयम और संवाद के जरिए भीड़ को शांत किया, जिससे स्थिति बिगड़ने से बच गई। यह वार्ता देर रात तक चली और अंततः सहमति का रास्ता निकला।
पांच मांगों पर प्रशासन का जवाब और कार्रवाई
वार्ता में परिजनों की प्रमुख मांगों में पप्पू गुर्जर को अन्य जेल में स्थानांतरण, परिवार की सुरक्षा और मामले की उच्चस्तरीय जांच शामिल थी। प्रशासन ने बताया कि पप्पू गुर्जर के ट्रांसफर का निर्णय हो चुका है और जल्द आदेश जारी होंगे। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। वहीं सीबीआई जांच की मांग पर फिलहाल न्यायिक जांच पूरी होने के बाद निर्णय लेने की बात कही गई। इन आश्वासनों से प्रतिनिधिमंडल संतुष्ट नजर आया और उन्होंने आंदोलन वापस लेने का निर्णय लिया।
थानाधिकारी पर कार्रवाई, SHO लाइन हाजिर
मामले में चौथी प्रमुख मांग बाड़ी थाना प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई की थी। इस पर पुलिस अधीक्षक ने जांच पूरी होने तक थाना अधिकारी को लाइन हाजिर करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि जगन गुर्जर के दो भाइयों को पहले ही पेरोल पर रिहा किया जा चुका है। प्रशासनिक कार्रवाई के इस कदम को परिजनों ने सकारात्मक संकेत माना। सहमति बनने के बाद सभी लोग अपने-अपने गांव लौट गए और स्थिति पूरी तरह शांतिपूर्ण बनी रही।
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