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अलवर के 8 ग्राम विकास अधिकारियों का बाड़मेर तबादला, कार्रवाई पर छिड़ी बहस

अलवर के 8 VDO का बाड़मेर तबादला, कार्रवाई पर बहस

राजस्थान में अलवर जिले के आठ ग्राम विकास अधिकारियों (VDO) के बाड़मेर तबादले ने प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज कर दी है। पंचायती राज विभाग की ओर से जारी आदेश ऐसे समय आया है, जब हाल ही में मंत्री मदन दिलावर ने अलवर के ग्रामीण क्षेत्रों का निरीक्षण कर सफाई व्यवस्था और स्थानीय प्रशासनिक कार्यों पर नाराजगी जताई थी। हालांकि विभाग ने इसे प्रशासनिक निर्णय बताया है, वहीं सोशल मीडिया पर इसे लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

निरीक्षण के बाद जारी हुए तबादला आदेश

हाल ही में पंचायती राज एवं शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने अलवर जिले की कई ग्राम पंचायतों का दौरा किया था। निरीक्षण के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था, नालियों की स्थिति और जलभराव जैसी समस्याओं पर उन्होंने अधिकारियों से जवाब-तलब किया। इसके बाद ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग ने अलवर में कार्यरत आठ ग्राम विकास अधिकारियों के तबादले के आदेश जारी कर उन्हें बाड़मेर जिले की विभिन्न पंचायत समितियों में नियुक्त किया है। विभाग ने इस कार्रवाई को प्रशासनिक आवश्यकता और व्यवस्था सुदृढ़ीकरण से जोड़ा है।

बाड़मेर की पंचायत समितियों में मिली नई जिम्मेदारी

विभागीय आदेश के अनुसार स्थानांतरित अधिकारियों को बाड़मेर जिले की चौहटन और धोरीमन्ना पंचायत समितियों में रिक्त पदों पर पदस्थापित किया गया है। विभाग का कहना है कि इन क्षेत्रों में लंबे समय से ग्राम विकास अधिकारियों के पद खाली थे, जिन्हें भरना आवश्यक था। सरकार का दावा है कि इससे सीमावर्ती ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन को गति मिलेगी।

‘पनिशमेंट पोस्टिंग’ को लेकर उठे सवाल

तबादला आदेश सार्वजनिक होने के बाद सोशल मीडिया और कर्मचारी संगठनों के बीच ‘पनिशमेंट पोस्टिंग’ को लेकर बहस शुरू हो गई। कुछ कर्मचारी प्रतिनिधियों का कहना है कि ग्राम पंचायतों की सफाई व्यवस्था केवल ग्राम विकास अधिकारी की जिम्मेदारी नहीं होती, बल्कि इसमें स्थानीय निकाय, उपलब्ध बजट और अन्य संसाधनों की भी भूमिका होती है। वहीं कई सोशल मीडिया यूजर्स ने यह सवाल भी उठाया कि बाड़मेर जैसे तेजी से विकसित हो रहे जिले को दंडात्मक तबादले से जोड़कर देखना उचित नहीं है।

विभाग ने बताया प्रशासनिक निर्णय

पंचायती राज विभाग का कहना है कि यह निर्णय पूरी तरह प्रशासनिक आवश्यकता के आधार पर लिया गया है। विभाग के अनुसार सीमावर्ती क्षेत्रों में रिक्त पदों को भरना और ग्रामीण प्रशासन को मजबूत करना प्राथमिकता है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि तबादलों का उद्देश्य सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशासनिक व्यवस्था को बेहतर बनाना है। फिलहाल इस फैसले को लेकर विभिन्न पक्षों की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं, जबकि विभाग ने अपने आदेश को नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा बताया है।

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