नई विश्व व्यवस्था की बात कर ईरान ने बढ़ाया दबाव, गालिबाफ के बयान से बढ़ी वैश्विक हलचल
पश्चिमी दबदबे पर ईरान का बड़ा हमला
Mohammad Bagher Ghalibaf ने रविवार को वैश्विक राजनीति को लेकर बड़ा बयान देते हुए कहा कि दुनिया अब नई विश्व व्यवस्था की ओर बढ़ रही है और पश्चिमी देशों का पारंपरिक दबदबा तेजी से कमजोर हो रहा है। उन्होंने दावा किया कि आने वाला समय “ग्लोबल साउथ” यानी एशिया, अफ्रीका और लैटिन अमेरिका जैसे विकासशील देशों का होगा। गालिबाफ ने कहा कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव और ईरान के प्रतिरोध ने वैश्विक शक्ति संतुलन को बदलने की प्रक्रिया को तेज कर दिया है। उनके इस बयान को अमेरिका और उसके सहयोगियों के लिए सीधे राजनीतिक संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
शी जिनपिंग के बयान का दिया हवाला
ईरानी संसद अध्यक्ष ने Xi Jinping के उस बयान का भी उल्लेख किया, जिसमें चीनी राष्ट्रपति ने कहा था कि “सदी में पहली बार दुनिया में बड़ा परिवर्तन तेजी से हो रहा है।” गालिबाफ ने कहा कि ईरान की लंबी प्रतिरोध रणनीति ने इसी बदलाव को और तेज किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि दुनिया अब नई वैश्विक व्यवस्था के मुहाने पर खड़ी है और कई देश पश्चिमी प्रभाव से बाहर निकलकर नई साझेदारियों की ओर बढ़ रहे हैं। उनका कहना था कि अब वैश्विक राजनीति केवल अमेरिका और उसके सहयोगियों के इर्द-गिर्द नहीं घूमेगी।
ट्रंप-शी बैठक के बाद आया बयान
गालिबाफ का यह बयान ऐसे समय आया है, जब हाल ही में Donald Trump और शी जिनपिंग के बीच अहम बैठक हुई थी। इस मुलाकात में व्यापार, टैरिफ और ताइवान जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। इसी दौरान शी जिनपिंग ने “थ्यूसीडिड्स ट्रैप” का जिक्र करते हुए कहा था कि दुनिया एक नए मोड़ पर खड़ी है और यह देखना होगा कि बड़ी शक्तियां टकराव से बचते हुए नए रिश्तों का मॉडल बना सकती हैं या नहीं। विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान ने इस वैश्विक बहस को अपने पक्ष में इस्तेमाल करते हुए अमेरिका के प्रभाव को चुनौती देने की कोशिश की है।
क्या है ‘थ्यूसीडिड्स ट्रैप’ और क्यों हो रही चर्चा
“थ्यूसीडिड्स ट्रैप” अंतरराष्ट्रीय राजनीति का एक चर्चित सिद्धांत है, जिसे हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के विद्वान ग्राहम एलिसन ने लोकप्रिय बनाया था। इसका अर्थ ऐसी स्थिति से है, जब कोई उभरती ताकत मौजूदा वैश्विक शक्ति को चुनौती देती है और इससे बड़े टकराव की आशंका बढ़ जाती है। चीन और अमेरिका के बढ़ते तनाव के संदर्भ में इस शब्द का अक्सर इस्तेमाल किया जाता है। विश्लेषकों का मानना है कि ईरान, चीन और अन्य विकासशील देश अब बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था की तरफ संकेत दे रहे हैं, जहां पश्चिमी देशों का प्रभाव पहले जैसा मजबूत नहीं रहेगा।
ईरानी मीडिया ने बताया ‘नई बहुध्रुवीय व्यवस्था’ का संकेत
Press TV ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया कि ईरान का प्रतिरोध अमेरिका के नेतृत्व वाली पुरानी एकध्रुवीय व्यवस्था की कमजोरी को उजागर कर रहा है। रिपोर्ट में कहा गया कि एशिया, अफ्रीका और लैटिन अमेरिका के कई देश अब पश्चिमी वर्चस्व के विकल्प तलाश रहे हैं। इसमें आर्थिक प्रतिबंधों, सैन्य हस्तक्षेप और दबाव की राजनीति को पश्चिमी प्रभुत्व का हिस्सा बताया गया। ईरानी मीडिया के अनुसार दुनिया धीरे-धीरे बहुध्रुवीय व्यवस्था की ओर बढ़ रही है, जहां कई क्षेत्रीय शक्तियां मिलकर वैश्विक संतुलन तय करेंगी।