राजधानी एक्सप्रेस में आग से हड़कंप: कोटा मंडल की 15 ट्रेनें प्रभावित
त्रिवेंद्रम-दिल्ली राजधानी के दो कोच में लगी आग
Indian Railways के कोटा रेल मंडल में रविवार सुबह बड़ा रेल हादसा टल गया, जब त्रिवेंद्रम-हजरत निजामुद्दीन राजधानी एक्सप्रेस के एसी कोच में आग लग गई। घटना रतलाम जिले के आलोट स्टेशन के पास लूणी-विक्रमगढ़ सेक्शन में सुबह करीब 5:30 बजे हुई। बताया जा रहा है कि ट्रेन के बी-1 कोच से अचानक धुआं उठने लगा, जिसके बाद आग तेजी से फैल गई। कुछ ही देर में थर्ड एसी और एसएलआर कोच आग की चपेट में आ गए। दूर-दूर तक धुएं और लपटों का गुबार दिखाई देने लगा, जिससे यात्रियों और रेलवे प्रशासन में अफरा-तफरी मच गई।
यात्रियों को सुरक्षित दूसरे कोच में किया शिफ्ट
रेलवे अधिकारियों के अनुसार ट्रेन में मौजूद यात्रियों को तुरंत सुरक्षित कोचों में शिफ्ट किया गया। मौके पर रेलवे और स्थानीय प्रशासन की टीमों ने पहुंचकर आग बुझाने का काम शुरू किया। राहत की बात यह रही कि किसी यात्री के हताहत होने की सूचना नहीं है। हालांकि, सुरक्षा कारणों से ट्रेन संचालन कुछ समय के लिए रोकना पड़ा। रेलवे ने बताया कि राजधानी एक्सप्रेस में कोटा से अतिरिक्त कोच जोड़े जाएंगे ताकि यात्रियों को आगे की यात्रा में परेशानी न हो। घटना के बाद रेलवे ने पूरे रूट पर सतर्कता बढ़ा दी है और आग लगने के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है।
कई प्रमुख ट्रेनें रास्ते में रोकी गईं
इस हादसे का असर दिल्ली-मुंबई रेल मार्ग पर पड़ा और करीब 15 ट्रेनों का संचालन प्रभावित हुआ। कई ट्रेनों को अलग-अलग स्टेशनों पर रोकना पड़ा। इनमें Hazrat Nizamuddin–Ekta Nagar Superfast Express, Gandhidham–Howrah Express, Awadh Express, Ranthambore Express और Mumbai Central–Jaipur Superfast Express जैसी ट्रेनें शामिल हैं। कुछ ट्रेनों को नागदा, रतलाम, उज्जैन और अन्य स्टेशनों पर रोका गया। रेलवे प्रशासन लगातार ट्रैक क्लियर करने और ट्रेनों को सामान्य गति से चलाने के प्रयास में जुटा हुआ है।
यात्रा से पहले ट्रेन स्टेटस चेक करने की अपील
रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे घर से निकलने से पहले अपनी ट्रेन का लाइव स्टेटस जरूर जांच लें। आग की घटना के चलते कई ट्रेनों के समय में बदलाव और देरी की संभावना बनी हुई है। रेलवे कंट्रोल रूम और हेल्पलाइन को अलर्ट मोड पर रखा गया है। अधिकारियों का कहना है कि प्रभावित यात्रियों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। साथ ही घटना की तकनीकी जांच भी शुरू कर दी गई है, ताकि आग लगने के सही कारणों का पता लगाया जा सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।