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चित्तौड़गढ़ में सेंसर हैक कर लग्जरी कारें चुराने वाला अंतरराज्यीय गिरोह बेनकाब, 350 CCTV फुटेज से खुला राज

चित्तौड़गढ़ पुलिस ने आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर लग्जरी कारें चुराने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। महज कुछ मिनटों में सेंसर और इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम से छेड़छाड़ कर वाहन चोरी करने वाले इस गिरोह तक पुलिस 350 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, तकनीकी विश्लेषण और मानव खुफिया तंत्र के जरिए पहुंची। कार्रवाई के दौरान चोरी की एक महंगी कार बरामद की गई है, जबकि वाहन खरीद-बिक्री से जुड़े दो आरोपियों को गिरफ्तार कर पूरे नेटवर्क की जांच तेज कर दी गई है।

350 से अधिक CCTV फुटेज ने खोला चोरी का पूरा नेटवर्क

11 जुलाई को चित्तौड़गढ़ शहर से एक लग्जरी कार चोरी होने की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया। जिला स्पेशल टीम और कोतवाली थाना पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाते हुए शहर से लेकर राजस्थान, मध्यप्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र तक लगे 350 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग का बारीकी से विश्लेषण किया। तकनीकी साक्ष्यों और ह्यूमन इंटेलिजेंस की मदद से पुलिस आरोपियों तक पहुंची। लंबी जांच के बाद चोरी की वारदात में शामिल गिरोह की गतिविधियों का पूरा नेटवर्क सामने आया, जिससे कई राज्यों में सक्रिय वाहन चोरों की कार्यप्रणाली का खुलासा हुआ।

सेंसर और इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम से छेड़छाड़ कर चुराई जाती थीं कारें

पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर कुछ ही मिनटों में लग्जरी वाहनों की सुरक्षा प्रणाली को निष्क्रिय कर देता था। वाहन के सेंसर और इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम से छेड़छाड़ कर कार का एक्सेस हासिल किया जाता और उसके बाद वाहन को मौके से लेकर फरार हो जाते थे। चोरी के तुरंत बाद वाहन को दूसरे राज्यों में पहुंचाकर उसके निशान मिटाने की कोशिश की जाती थी। पुलिस का मानना है कि इस गिरोह ने तकनीकी जानकारी का दुरुपयोग कर कई वारदातों को अंजाम दिया, जिससे पारंपरिक जांच के बजाय डिजिटल साक्ष्य अहम साबित हुए।

कई राज्यों में फैला था गिरोह, चोरी के वाहन खरीदार भी गिरफ्तार

पूछताछ के दौरान मुख्य आरोपी ने अपने साथियों के साथ राजस्थान और मध्यप्रदेश के विभिन्न शहरों में कई वाहन चोरी की घटनाओं में शामिल होने की जानकारी दी। जांच में यह भी सामने आया कि चोरी के बाद वाहन एक संगठित नेटवर्क के जरिए दूसरे लोगों को बेच दिए जाते थे। पुलिस ने ऐसे दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिन पर चोरी के वाहन खरीदने और उनकी बिक्री में भूमिका निभाने का आरोप है। चित्तौड़गढ़ से चोरी हुई कार को भी दूसरे राज्य से बरामद कर लिया गया है। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों और उनके संपर्कों की तलाश में जुटी हुई है।

अन्य वारदातों की भी हो रही जांच, पुलिस ने बढ़ाई निगरानी

पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह मामला केवल एक कार चोरी तक सीमित नहीं है। जांच में मिले तथ्यों के आधार पर विभिन्न जिलों और राज्यों में हुई अन्य वाहन चोरी की घटनाओं का भी मिलान किया जा रहा है। आशंका है कि यही गिरोह कई अन्य मामलों में भी शामिल रहा है। पुलिस इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों, मोबाइल लोकेशन और वित्तीय लेनदेन की भी जांच कर रही है ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके। अधिकारियों का कहना है कि वाहन चोरी के संगठित गिरोहों के खिलाफ आगे भी विशेष अभियान जारी रहेगा और ऐसे अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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