धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर बोले बालमुकुंद आचार्य, कहा- जवाबदेही की बड़ी मिसाल पेश की
NEET पेपर लीक विवाद के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। राजस्थान के जयपुर हवामहल से बीजेपी विधायक बालमुकुंद आचार्य ने धर्मेंद्र प्रधान के फैसले को जवाबदेही और नैतिक जिम्मेदारी की मिसाल बताया। उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाते हुए कहा कि कुछ राजनीतिक दलों ने युवाओं के मुद्दे को लेकर माहौल बनाने की कोशिश की।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को बताया जिम्मेदारी का उदाहरण
बीजेपी विधायक बालमुकुंद आचार्य ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने विकास के नए आयाम स्थापित किए हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं के लिए सरकार ने कई योजनाएं शुरू की हैं, जिनमें शिक्षा, खेल, रोजगार और उद्यमिता से जुड़े क्षेत्र शामिल हैं। उन्होंने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को सरकार की जवाबदेही और नैतिक मूल्यों का उदाहरण बताया।
पेपर लीक के दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग
बालमुकुंद आचार्य ने कहा कि बीजेपी पेपर लीक जैसी घटनाओं के पूरी तरह खिलाफ है। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली से खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाना चाहिए और दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सरकार लगातार कार्रवाई कर रही है।
विपक्ष पर लगाया माहौल बनाने का आरोप
बीजेपी विधायक ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि कई राजनीतिक पार्टियों ने मिलकर युवाओं के बीच भ्रम और असंतोष का माहौल बनाने की कोशिश की। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या आंदोलन के पीछे कुछ ऐसे लोग भी शामिल थे जो देश में अराजकता फैलाना चाहते थे। उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों के हितों को प्राथमिकता दे रही है।
पंजाब में पेपर लीक को लेकर विपक्ष पर सवाल
बालमुकुंद आचार्य ने विपक्ष पर पलटवार करते हुए पंजाब में पेपर लीक के मामलों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जब विपक्ष दूसरे राज्यों में घटनाओं को लेकर सवाल उठाता है, तो उसे अपने शासन वाले राज्यों में हुई ऐसी घटनाओं पर भी जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि हर जगह परीक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की जरूरत है।
युवाओं को प्राथमिकता देने का किया दावा
बीजेपी विधायक ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमेशा युवाओं को देश की सबसे बड़ी ताकत माना है। उन्होंने दावा किया कि सरकार ने युवाओं, किसानों और महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए कई योजनाएं लागू की हैं। उन्होंने कहा कि देश के गरीब और कमजोर वर्गों के कल्याण के लिए भी लगातार काम किया जा रहा है।
25 जुलाई को धर्मेंद्र प्रधान ने दिया था इस्तीफा
बता दें कि NEET पेपर लीक विवाद और छात्रों के प्रदर्शन के बीच 25 जुलाई को धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा दिया था। इसके बाद शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी प्रह्लाद जोशी को सौंपी गई। धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा छात्रों की मांगों और परीक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर चल रहे आंदोलन के बीच आया था।