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जयपुर एयरपोर्ट पर घायल मिला इंडियन वल्चर, दो दिन के उपचार के बाद प्राकृतिक आवास में सुरक्षित छोड़ा गया

जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एक दुर्लभ इंडियन ग्रिफिन वल्चर (Indian Griffon Vulture) के घायल और कमजोर हालत में मिलने के बाद वन विभाग, रक्षा संस्थान और वन्यजीव विशेषज्ञों ने संयुक्त अभियान चलाकर उसका सफल रेस्क्यू किया। चिकित्सकीय जांच में पता चला कि पक्षी गंभीर रूप से घायल नहीं था, बल्कि डिहाइड्रेशन का शिकार हो गया था। दो दिन तक उपचार और विशेष देखभाल के बाद उसे पूरी तरह स्वस्थ कर प्राकृतिक आवास में सुरक्षित छोड़ दिया गया।

एयरपोर्ट परिसर में मिला कमजोर गिद्ध, तुरंत शुरू हुआ रेस्क्यू अभियान

25 जुलाई को जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट की वाइल्डलाइफ हैजार्ड मैनेजमेंट टीम को एयरपोर्ट की बाउंड्री के पास एक कमजोर और उड़ान भरने में असमर्थ इंडियन ग्रिफिन वल्चर दिखाई दिया। सूचना मिलते ही वन विभाग और रक्षा संस्थान की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची और सावधानीपूर्वक पक्षी का रेस्क्यू किया। इसके बाद उसे उपचार के लिए रक्षा संस्थान के रिहैबिलिटेशन सेंटर ले जाया गया, जहां विशेषज्ञों ने उसकी विस्तृत स्वास्थ्य जांच शुरू की। पूरे अभियान के दौरान पक्षी की सुरक्षा और तनाव कम रखने का विशेष ध्यान रखा गया।

जांच में सामने आया डिहाइड्रेशन, नहीं थी कोई गंभीर चोट

वेटरनरी विशेषज्ञों की जांच में स्पष्ट हुआ कि गिद्ध को कोई गंभीर शारीरिक चोट नहीं लगी थी। चिकित्सकों के अनुसार पक्षी अत्यधिक डिहाइड्रेशन से कमजोर हो गया था। विशेषज्ञों का अनुमान है कि यह युवा गिद्ध पहली बार घोंसले से उड़ान भरने के दौरान खराब मौसम और अनुकूल थर्मल एयर करंट्स नहीं मिलने के कारण अपने प्राकृतिक मार्ग से भटककर शहर के आसपास पहुंच गया। समय रहते रेस्क्यू होने से उसकी स्थिति बिगड़ने से बच गई।

दो दिन की देखभाल के बाद फिर भरी खुले आसमान में उड़ान

वन्यजीव विशेषज्ञों ने गिद्ध को लगातार दो दिनों तक तरल पदार्थ, पोषण और आवश्यक सपोर्टिव थेरेपी दी। उपचार के दौरान उसकी शारीरिक स्थिति में लगातार सुधार देखा गया। पूरी तरह स्वस्थ होने और सामान्य उड़ान क्षमता लौटने के बाद वन विभाग की निगरानी में उसे उसके प्राकृतिक आवास में सुरक्षित छोड़ दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि रिहैबिलिटेशन के दौरान यह सुनिश्चित किया गया कि पक्षी दोबारा स्वतंत्र रूप से उड़ान भरने में पूरी तरह सक्षम हो।

वन्यजीव संरक्षण में कई एजेंसियों ने निभाई अहम भूमिका

इस सफल रेस्क्यू अभियान में वन विभाग, जयपुर एयरपोर्ट की वाइल्डलाइफ हैजार्ड मैनेजमेंट टीम, रक्षा संस्थान और वाइल्डलाइफ वेट्स इंटरनेशनल ने समन्वित रूप से काम किया। अभियान के दौरान वन विभाग के अधिकारी, रेंज स्टाफ और वन्यजीव विशेषज्ञ मौजूद रहे। अधिकारियों ने कहा कि इस तरह के संयुक्त प्रयास न केवल दुर्लभ पक्षियों के संरक्षण में महत्वपूर्ण हैं, बल्कि जैव विविधता को सुरक्षित रखने की दिशा में भी अहम योगदान देते हैं। साथ ही लोगों से अपील की गई कि घायल या संकटग्रस्त वन्यजीव दिखने पर तुरंत संबंधित विभाग को सूचना दें।

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Stv News Rajasthan

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