CJP फंडिंग पर उठे सवाल, BJP सांसद मदन राठौड़ ने जांच की मांग की
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के आंदोलन और उससे जुड़े खर्चों को लेकर अब राजनीतिक विवाद बढ़ता जा रहा है। राजस्थान भाजपा प्रदेशाध्यक्ष और राज्यसभा सांसद मदन राठौड़ ने आरोप लगाया है कि आंदोलन के पीछे किसी तरह की फंडिंग की जांच होनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि सोशल मीडिया पर सामने आई जानकारियों के आधार पर यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि आंदोलन के दौरान खाने, रहने और अन्य व्यवस्थाओं का खर्च कहां से आया। वहीं, सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील महेश जेठमलानी ने भी CJP नेताओं के जश्न वाले वीडियो को लेकर फंडिंग पर सवाल खड़े किए हैं।
मदन राठौड़ बोले- फंडिंग की जांच होना जरूरी
राजस्थान भाजपा अध्यक्ष मदन राठौड़ ने CJP आंदोलन को लेकर कहा कि यह पता लगाया जाना चाहिए कि आंदोलन से जुड़े खर्चों के लिए पैसा कहां से आ रहा था। उन्होंने दावा किया कि सोशल मीडिया पर कुछ ऐसी जानकारियां सामने आई हैं, जिनमें विदेशों से खाने की बुकिंग और बड़े स्तर पर भोजन व्यवस्था की बात कही जा रही है। मदन राठौड़ ने कहा कि अगर किसी आंदोलन में बड़ी आर्थिक गतिविधियां हो रही हैं तो उसकी पारदर्शिता जरूरी है। उन्होंने सरकार से पूरे मामले की जांच कराने की मांग उठाई है।
महेश जेठमलानी ने भी उठाया सवा
सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील और पूर्व राज्यसभा सांसद महेश जेठमलानी ने भी CJP नेताओं के जश्न वाले वीडियो को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए पूछा कि आंदोलन के दौरान यात्रा, भोजन, रहने और अन्य खर्चों का प्रबंध कौन कर रहा था। जेठमलानी ने कहा कि जिस आंदोलन ने दिल्ली में बड़ा माहौल बनाया, उसके पीछे आर्थिक संसाधनों का स्रोत सामने आना चाहिए। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक बहस और तेज हो गई है।
BJP का दावा- छात्रों के मुद्दों पर सरकार गंभीर
मदन राठौड़ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार शुरुआत से ही छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर गंभीर रही है। उन्होंने कहा कि परीक्षा व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए सख्त कानून लाया जा रहा है और पेपर लीक जैसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि सरकार ने परीक्षा सुधारों के लिए टास्क फोर्स का गठन भी किया है। भाजपा नेता ने कहा कि किसी भी तरह की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों पर कार्रवाई होगी।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर भी दी प्रतिक्रिया
मदन राठौड़ ने पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर कहा कि उन्होंने नैतिक जिम्मेदारी का उदाहरण पेश किया है। उन्होंने दावा किया कि धर्मेंद्र प्रधान का शिक्षा क्षेत्र में कार्यकाल अच्छा रहा और उनके खिलाफ लगाए गए आरोप उचित नहीं हैं। भाजपा नेता ने कहा कि छात्रों के मुद्दों को लेकर राजनीति की गई और कुछ लोगों ने आंदोलन को अलग दिशा देने की कोशिश की। बता दें कि धर्मेंद्र प्रधान ने 25 जुलाई को शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा दिया था।
CJP आंदोलन और इस्तीफे के बाद बदला राजनीतिक माहौल
CJP ने NEET और परीक्षा सुधारों को लेकर जंतर-मंतर पर लंबे समय तक प्रदर्शन किया था। आंदोलन के दौरान छात्रों और समर्थकों की बड़ी भागीदारी देखने को मिली। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद CJP नेताओं ने इसे आंदोलन की जीत बताया था। हालांकि, अब आंदोलन के खर्च और फंडिंग को लेकर नए सवाल खड़े हो रहे हैं। विपक्ष जहां सरकार पर छात्रों की आवाज दबाने का आरोप लगा रहा है, वहीं भाजपा नेताओं का कहना है कि आंदोलन से जुड़े आर्थिक पहलुओं की भी जांच होनी चाहिए।