#देश दुनिया

होर्मुज संकट में भारत के लिए सहारा बना जापान, अमेरिकी LNG से बनाए रखी सप्लाई

मध्य पूर्व में जारी तनाव और होर्मुज स्ट्रेट पर बने संकट के बीच भारत के लिए जापान एक भरोसेमंद साझेदार बनकर उभरा है। खाड़ी देशों से तेल और गैस आपूर्ति प्रभावित होने के बावजूद जापान ने अमेरिकी एलएनजी की आपूर्ति के जरिए भारत की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में अहम भूमिका निभाई है। इससे एक बार फिर दोनों देशों की मजबूत रणनीतिक साझेदारी सामने आई है।

संकट के समय भारत के साथ खड़ा रहा जापान

भारत और जापान के संबंध सिर्फ आर्थिक नहीं बल्कि रणनीतिक स्तर पर भी मजबूत माने जाते हैं। रूस-यूक्रेन युद्ध से लेकर हालिया पश्चिम एशिया संकट तक, जापान ने कई मौकों पर भारत के हितों का ध्यान रखा है। होर्मुज स्ट्रेट के जरिए खाड़ी देशों से तेल और गैस की सप्लाई प्रभावित होने के बाद भी जापान ने भारत को एलएनजी की कमी महसूस नहीं होने दी।

अमेरिका से LNG खरीदकर एशिया को कर रहा आपूर्ति

जापान दुनिया के बड़े एलएनजी ट्रेडर्स में शामिल है। वह अमेरिका से बड़ी मात्रा में लिक्विफाइड नेचुरल गैस खरीदकर भारत, चीन, दक्षिण कोरिया, ताइवान और कई एशियाई देशों को दोबारा सप्लाई करता है। रिपोर्टों के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में जापान ने अमेरिकी एलएनजी का बड़ा हिस्सा एशियाई बाजारों की जरूरतों को पूरा करने के लिए इस्तेमाल किया।

घरेलू जरूरत से ज्यादा विदेशों में बेची गैस

विश्लेषण बताते हैं कि जापान ने कई वर्षों से अपनी घरेलू खपत की तुलना में विदेशी बाजारों के लिए अधिक अमेरिकी एलएनजी खरीदी और बेची है। इससे वह अमेरिका और एशिया के बीच ऊर्जा आपूर्ति का एक महत्वपूर्ण केंद्र बन गया है। भारत भी उन प्रमुख देशों में शामिल है, जिन्हें जापान के जरिए एलएनजी की आपूर्ति मिली।

भारत, चीन और दक्षिण कोरिया बड़े खरीदार

जापान से दोबारा बेचे जाने वाले अमेरिकी एलएनजी के सबसे बड़े ग्राहकों में दक्षिण कोरिया, चीन और भारत शामिल हैं। ऊर्जा सुरक्षा को लेकर बढ़ती चुनौतियों के बीच यह व्यवस्था एशियाई देशों के लिए राहत का कारण बनी हुई है। इससे आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में वैकल्पिक स्रोत उपलब्ध हो पाते हैं।

LNG कारोबार के साथ पर्यावरणीय चिंता भी बढ़ी

रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि एलएनजी की पूरी सप्लाई चेन से बड़े पैमाने पर कार्बन डाइऑक्साइड का उत्सर्जन हुआ है। उत्पादन, शिपिंग और उपयोग की प्रक्रिया के दौरान उत्सर्जन का बड़ा हिस्सा गैस के जलने से जुड़ा पाया गया। विशेषज्ञों का मानना है कि ऊर्जा सुरक्षा के साथ-साथ स्वच्छ ऊर्जा विकल्पों पर भी तेजी से काम करने की जरूरत है।

भारत-जापान साझेदारी हुई और मजबूत

ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग ने भारत और जापान के रिश्तों को और मजबूती दी है। वैश्विक संकट के दौर में जापान की भूमिका ने यह साबित किया है कि दोनों देशों के बीच रणनीतिक सहयोग सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं है, बल्कि जरूरत पड़ने पर यह साझेदारी वास्तविक मदद के रूप में भी सामने आती है।

author avatar
stvnewsonline@gmail.com
होर्मुज संकट में भारत के लिए सहारा बना जापान, अमेरिकी LNG से बनाए रखी सप्लाई

‘No Added Sugar’ और ‘100% Natural’ के

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *