अलवर में राष्ट्रीय पक्षी मोर के शिकार का मामला, ग्रामीणों की सतर्कता से शिकारी बाइक छोड़कर फरार
अलवर जिले के रैणी उपखंड स्थित रामनगर गुवाड़ा गांव में राष्ट्रीय पक्षी मोर के शिकार का मामला सामने आया है। घटना के बाद ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए संदिग्ध शिकारियों को पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन भीड़ बढ़ती देख आरोपी मोटरसाइकिल मौके पर छोड़कर जंगल के रास्ते फरार हो गए। सूचना मिलने पर पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची तथा अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
ग्रामीणों ने दिखाई सतर्कता, शिकारियों को पकड़ने का किया प्रयास
जानकारी के अनुसार घटना देर रात की है। ग्रामीणों को मोर के शिकार की भनक लगते ही उन्होंने मौके पर पहुंचकर संदिग्ध लोगों को रोकने का प्रयास किया। इस दौरान उनकी तलाशी लेने पर कथित तौर पर गुलेल मिलने की बात सामने आई। ग्रामीणों ने आरोपियों को पकड़ने की कोशिश की, लेकिन भीड़ बढ़ते ही वे अपनी मोटरसाइकिल मौके पर छोड़कर अंधेरे का फायदा उठाते हुए जंगल की ओर भाग निकले। ग्रामीणों ने काफी दूर तक उनका पीछा किया, लेकिन वे पकड़ में नहीं आ सके।
पुलिस और वन विभाग ने संभाला मोर्चा
घटना की सूचना मिलते ही रैणी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। इसके साथ ही वन विभाग को भी मामले की जानकारी दी गई। सूचना पर रेंजर राहुल फौजदार अपनी टीम के साथ घटनास्थल पहुंचे और पूरे घटनाक्रम का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने मौके से मिले साक्ष्यों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस और वन विभाग संयुक्त रूप से मामले की पड़ताल कर रहे हैं।
मोटरसाइकिल जब्त, आरोपियों की पहचान में जुटी जांच टीम
वन विभाग के अनुसार मौके से छोड़ी गई मोटरसाइकिल को जब्त कर लिया गया है। अब उसके पंजीकरण नंबर के आधार पर आरोपियों की पहचान करने की कार्रवाई की जा रही है। रेंजर राहुल फौजदार ने बताया कि अज्ञात शिकारियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण कानून के तहत मामला दर्ज किया गया है। जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
राष्ट्रीय पक्षी के शिकार से ग्रामीणों में आक्रोश
राष्ट्रीय पक्षी मोर के शिकार की घटना सामने आने के बाद पूरे क्षेत्र में लोगों में नाराजगी का माहौल है। ग्रामीणों ने दोषियों की जल्द गिरफ्तारी और उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि वन्यजीवों के संरक्षण के लिए ऐसे मामलों में सख्त कदम उठाना जरूरी है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सके। फिलहाल पुलिस और वन विभाग आरोपियों की तलाश में जुटे हुए हैं।