इमरान खान ने मुनीर से मांगी मौत या जेल से आज़ादी पाकिस्तान में फिर गूंजा ‘हकीकी आज़ादी’ का नारा…
कोहाट/इस्लामाबाद:
पाकिस्तान की राजनीति एक बार फिर उबाल पर है। जेल में बंद पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के संस्थापक इमरान खान के समर्थन में रविवार को खैबर पख्तूनख्वा के कोहाट शहर में एक विशाल रैली आयोजित की गई। इस रैली में हजारों समर्थकों की मौजूदगी के बीच ‘हकीकी आज़ादी’ का नारा गूंजता रहा।
इस रैली की अगुवाई केपी के नव-नियुक्त मुख्यमंत्री मुहम्मद सोहेल अफरीदी ने की, जिन्हें इमरान खान की आवाज़ को सड़क से संसद तक पहुंचाने वाला सबसे मुखर चेहरा माना जा रहा है।
📢 “या आज़ादी या मौत” – जेल से इमरान खान का संदेश
रैली को संबोधित करते हुए अफरीदी ने कहा कि
जेल में बंद इमरान खान ने साफ संदेश दिया है—
“या तो आज़ादी मिलेगी, या फिर मौत।”
डॉन अख़बार के हवाले से अफरीदी ने कहा,
“अगर इस बार हम बाहर निकलते हैं, तो या तो कफन में लौटेंगे या फिर आज़ादी लेकर आएंगे।”
उन्होंने PTI समर्थकों से अपील की कि अगर आंदोलन का औपचारिक आह्वान होता है, तो पूरी तरह तैयार रहें।
🧭 आंदोलन की कमान विपक्षी नेताओं को
अफरीदी ने बताया कि इमरान खान ने
सरकार से बातचीत या देशव्यापी विरोध प्रदर्शन जैसे अहम फैसलों की जिम्मेदारी
पख्तूनख्वा मिल्ली अवामी पार्टी (PKMAP) के चेयरमैन महमूद खान अचकजई
और सीनेटर अल्लामा राजा नासिर अब्बास को सौंपी है।
ये दोनों नेता विपक्षी गठबंधन
तहरीक-ए-तहफ्फुज-ए-आईन-ए-पाकिस्तान (TTAP) का हिस्सा हैं,
जिसने नेशनल असेंबली और सीनेट में विपक्ष के नेता भी नामित किए हैं।
⚠️ “सभी संस्थान PTI को खत्म करना चाहते हैं”
मुख्यमंत्री अफरीदी ने मंच से आरोप लगाया कि
“सरकार और तमाम संस्थान मिलकर PTI को राजनीतिक तौर पर खत्म करना चाहते हैं।”
उन्होंने कहा कि
“जब भी अचकजई या नासिर अब्बास की तरफ से बुलावा आएगा,
आपको तैयार रहना होगा। हम मिलकर मौजूदा हुक्मरानों से हकीकी आज़ादी हासिल करेंगे।”
🚔 जेल विवाद से और गरमाई राजनीति
अफरीदी हाल के दिनों में तब और चर्चा में आए,
जब अदियाला जेल प्रशासन ने लगातार दसवीं बार
इमरान खान से मिलने की अनुमति देने से इनकार कर दिया।
बताया गया कि जब मुख्यमंत्री अदियाला जेल पहुंचे,
तो पुलिस ने उन्हें साफ शब्दों में कहा कि
मुलाकात की इजाजत नहीं दी जा सकती।
इस घटना के बाद PTI समर्थकों में गुस्सा और तेज़ हो गया है।