हैदराबाद: SHO पर महिला को ब्लैकमेल कर ₹2 करोड़ मांगने का आरोप, निलंबित
तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में जुबली हिल्स थाने के तत्कालीन SHO पर एक महिला ने गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत के अनुसार, पुलिस अधिकारी ने पहले महिला से व्यक्तिगत संबंध बनाए और बाद में कथित तौर पर निजी वीडियो व तस्वीरों के जरिए ब्लैकमेल कर ₹2 करोड़ की मांग की। शिकायत मिलने के बाद पुलिस विभाग ने अधिकारी को निलंबित कर दिया है। मामले की जांच जारी है और पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पारिवारिक विवाद में मदद के दौरान हुई पहचान, बाद में बढ़ा संपर्क
शिकायत के अनुसार, महिला करीब दो वर्ष पहले एक पारिवारिक विवाद के सिलसिले में जुबली हिल्स थाने पहुंची थी। वहां उसकी मुलाकात तत्कालीन SHO यू. श्रीनिवासुलु रेड्डी से हुई, जिन्होंने कथित रूप से उसकी सहायता की। महिला का कहना है कि इसके बाद दोनों के बीच लगातार बातचीत होने लगी और समय के साथ व्यक्तिगत संबंध विकसित हुए। हालांकि, बाद में यही संबंध विवाद का कारण बन गए। इन आरोपों की स्वतंत्र जांच जारी है और फिलहाल पुलिस ने मामले पर अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला है।
महिला का आरोप- निजी वीडियो दिखाकर मांगे ₹2 करोड़
महिला ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि अधिकारी ने उसके निजी वीडियो और तस्वीरों का दुरुपयोग करने की धमकी देकर उस पर दबाव बनाया। शिकायत के मुताबिक, वीडियो सार्वजनिक करने की धमकी देते हुए उससे ₹2 करोड़ की मांग की गई। महिला ने यह भी दावा किया कि उसने अलग-अलग अवसरों पर ऑनलाइन माध्यम से अधिकारी को कुछ रकम भेजी थी। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल पुलिस सभी उपलब्ध डिजिटल और दस्तावेजी साक्ष्यों की जांच कर रही है।
आंतरिक जांच के बाद SHO को किया गया निलंबित
मामले की शिकायत तेलंगाना के पुलिस महानिदेशक (DGP) के पास पहुंचने के बाद वरिष्ठ अधिकारियों ने आंतरिक जांच शुरू कराई। प्रारंभिक जांच के आधार पर संबंधित SHO को पहले ड्यूटी से हटाया गया और बाद में निलंबित कर दिया गया। पुलिस विभाग का कहना है कि यह कार्रवाई जांच को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से आगे बढ़ाने के उद्देश्य से की गई है। विभागीय जांच के साथ-साथ कानूनी पहलुओं की भी समीक्षा की जा रही है।
पुलिस बोली- जांच के आधार पर होगी आगे की कार्रवाई
हैदराबाद पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामला अभी जांच के अधीन है और सभी तथ्यों का सावधानीपूर्वक परीक्षण किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, जांच में जो भी तथ्य और साक्ष्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने यह भी कहा कि किसी भी शिकायत को गंभीरता से लिया जाता है और यदि आरोप सिद्ध होते हैं तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ नियमानुसार सख्त कदम उठाए जाएंगे।
डिजिटल ब्लैकमेलिंग के मामलों पर बढ़ी चिंता
यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब निजी फोटो और वीडियो के कथित दुरुपयोग से जुड़े मामलों में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल माध्यमों का गलत इस्तेमाल लोगों की निजता और सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बनता जा रहा है। पुलिस का कहना है कि ऐसे मामलों में पीड़ितों को बिना झिझक शिकायत दर्ज करानी चाहिए, ताकि समय रहते जांच शुरू कर आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
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