जंतर-मंतर प्रदर्शन पर नई तकरार, ‘हिंदू रक्षा दल’ प्रमुख के बयान से बढ़ा विवाद
दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे CJP के छात्र आंदोलन के बीच एक नया विवाद सामने आया है। ‘हिंदू रक्षा दल’ के प्रमुख पिंकी चौधरी ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर 26 जुलाई को प्रदर्शन स्थल पहुंचकर विरोध करने की घोषणा की है। उनके बयान के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है। वहीं, कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी है।
वीडियो संदेश में विरोध प्रदर्शन का ऐलान
गाजियाबाद के ‘हिंदू रक्षा दल’ के प्रमुख पिंकी चौधरी ने सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो में कहा कि वह 26 जुलाई को अपने समर्थकों के साथ जंतर-मंतर पहुंचकर CJP के प्रदर्शन का विरोध करेंगे। वीडियो में उन्होंने आंदोलन को लेकर कई विवादित टिप्पणियां भी कीं। उनके बयान के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद इस मुद्दे ने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है। फिलहाल इस संबंध में प्रशासन की ओर से किसी संभावित कार्रवाई की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
प्रदर्शनकारियों और विपक्ष पर लगाए आरोप
वीडियो में पिंकी चौधरी ने जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन को देश की छवि प्रभावित करने वाला बताते हुए प्रदर्शनकारियों पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने आंदोलन में शामिल लोगों के साथ-साथ कुछ विपक्षी दलों और नेताओं का भी नाम लेते हुए तीखी टिप्पणियां कीं। सांसद चंद्रशेखर आजाद को लेकर भी उन्होंने विवादित बयान दिया, जिसकी सोशल मीडिया पर व्यापक चर्चा हो रही है। उनके इन बयानों पर विभिन्न राजनीतिक दलों और संगठनों की ओर से अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था की कड़ी
जंतर-मंतर पर जारी आंदोलन और संभावित विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कर दी है। पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी आदेश के अनुसार, अगले निर्देश तक पुलिसकर्मियों की नियमित छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। यह फैसला कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के उद्देश्य से लिया गया है। सुरक्षा एजेंसियां पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
आपात स्थिति में ही मिलेगी छुट्टी
दिल्ली पुलिस के आदेश में कहा गया है कि केवल वास्तविक और सत्यापित आपातकालीन परिस्थितियों में ही छुट्टी स्वीकृत की जाएगी। इसके लिए संबंधित सक्षम अधिकारी की पूर्व अनुमति आवश्यक होगी। सभी जिला पुलिस उपायुक्तों (DCP) और वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए। पुलिस का कहना है कि राजधानी में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है।