हनुमान बेनीवाल को हाईकोर्ट से अंतरिम राहत, नागौर FIR में गिरफ्तारी पर रोक
राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के प्रमुख और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल को राजस्थान हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। नागौर जिले के पादु कलां थाने में दर्ज एफआईआर को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने अगली सुनवाई तक उनके खिलाफ किसी भी प्रकार की दमनात्मक कार्रवाई नहीं करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने मामले में राज्य सरकार से जवाब भी तलब किया है।
एफआईआर को चुनौती, हाईकोर्ट ने मांगा सरकार का जवाब
जोधपुर स्थित राजस्थान हाईकोर्ट की एकलपीठ ने सांसद हनुमान बेनीवाल की याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को जवाब दाखिल करने के लिए समय दिया। बेनीवाल ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 528 के तहत नागौर के पादु कलां थाने में दर्ज एफआईआर को चुनौती दी है। यह मामला 28 मई 2026 को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं और राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम के प्रावधानों के तहत दर्ज किया गया था।
कोर्ट ने कहा- कानूनी पहलुओं की होगी विस्तृत जांच
सुनवाई के दौरान अदालत ने प्रथम दृष्टया माना कि एफआईआर में लगाए गए आरोप एक राजनीतिक सभा और उसके बाद निकाले गए जुलूस से जुड़े हैं। कोर्ट ने कहा कि यह जांचना आवश्यक होगा कि एफआईआर में वर्णित आरोप संबंधित अपराधों के कानूनी तत्वों को पूरा करते हैं या नहीं। साथ ही यह भी परखा जाएगा कि सांसद के खिलाफ व्यक्तिगत आपराधिक दायित्व तय करने के लिए पर्याप्त आधार मौजूद हैं अथवा नहीं।
फिलहाल गिरफ्तारी सहित दमनात्मक कार्रवाई पर रोक
हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि वह इस चरण में मामले के गुण-दोष पर कोई अंतिम टिप्पणी नहीं कर रही है। हालांकि याचिका में उठाए गए कानूनी प्रश्न गंभीर हैं और विस्तृत सुनवाई की आवश्यकता है। इसी को देखते हुए अदालत ने अगली सुनवाई तक हनुमान बेनीवाल के खिलाफ गिरफ्तारी या किसी अन्य दमनात्मक कार्रवाई पर रोक लगाने का आदेश दिया है। मामले की अगली सुनवाई लगभग तीन सप्ताह बाद होगी।
राजनीतिक और कानूनी रूप से अहम मामला
यह मामला राजनीतिक और कानूनी दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अदालत में अब राज्य सरकार अपना पक्ष रखेगी, जिसके बाद हाईकोर्ट एफआईआर की वैधता और आगे की कार्रवाई पर विचार करेगा। फिलहाल कोर्ट के अंतरिम आदेश से सांसद हनुमान बेनीवाल को राहत मिली है, जबकि मामले की अंतिम स्थिति आगामी सुनवाई के बाद ही स्पष्ट होगी।
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