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गोविंदगढ़-रामबास निकाय चुनाव में उत्साह के बीच अव्यवस्था, 11 बूथों पर सिर्फ एक ट्राइसाइकिल

नवनिर्मित गोविंदगढ़-रामबास नगरपालिका के पहले निकाय चुनाव में मतदान को लेकर मतदाताओं में उत्साह नजर आया। शुक्रवार सुबह 7 बजे मतदान शुरू होते ही बूथों पर कतारें लग गईं। हालांकि, इसी दौरान मतदान केंद्रों पर व्यवस्थाओं को लेकर सवाल भी उठे। गोविंदगढ़ के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में 11 मतदान बूथ बनाए गए हैं, लेकिन बुजुर्ग और दिव्यांग मतदाताओं के लिए पूरे परिसर में सिर्फ एक ट्राइसाइकिल उपलब्ध होने की बात सामने आई। इसे लेकर मतदाताओं के परिजनों और पुलिसकर्मियों के बीच बहस हो गई। कुछ देर के लिए मौके पर हंगामे जैसी स्थिति बनी रही।

पहली बार नगरपालिका बोर्ड के लिए मतदान

गोविंदगढ़-रामबास नगरपालिका के गठन के बाद यह पहला निकाय चुनाव है। इसलिए स्थानीय लोगों में मतदान को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला।

सुबह से ही मतदाता अपने-अपने मतदान केंद्रों पर पहुंचने लगे। कई बूथों पर मतदान शुरू होने से पहले ही लोगों की कतारें नजर आईं। मतदाता अपने पसंदीदा प्रत्याशियों के पक्ष में वोट डालने पहुंचे।

11 बूथों के लिए सिर्फ एक ट्राइसाइकिल

गोविंदगढ़ के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में कुल 11 मतदान बूथ बनाए गए हैं। यहां बुजुर्ग, दिव्यांग और असहाय मतदाताओं की सुविधा के लिए ट्राइसाइकिल की व्यवस्था की गई थी।

हालांकि, पूरे परिसर में केवल एक ट्राइसाइकिल उपलब्ध होने की बात सामने आई। इससे एक बूथ से दूसरे बूथ तक जरूरतमंद मतदाताओं को पहुंचाने में परेशानी हुई।

ट्राइसाइकिल को लेकर परिजनों से बहस

एक ही ट्राइसाइकिल होने के कारण उसे जरूरतमंद मतदाताओं तक पहुंचाने को लेकर विवाद की स्थिति बन गई। कुछ मतदाताओं के परिजनों और मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों के बीच तीखी बहस हुई।

परिजनों ने पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने पर नाराजगी जताई। उनका कहना था कि मतदान केंद्र पर बुजुर्ग और दिव्यांग मतदाताओं की संख्या को देखते हुए ज्यादा साधन उपलब्ध होने चाहिए थे।

वरिष्ठ अधिकारी के मौके पर नहीं पहुंचने से नाराजगी

व्यवस्थाओं को लेकर विवाद बढ़ने के बावजूद काफी देर तक कोई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी या चुनाव प्रभारी मौके पर स्थिति संभालने नहीं पहुंचा। इससे मतदाताओं और उनके परिजनों की नाराजगी और बढ़ गई।

लोगों ने प्रशासन की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक ही परिसर में 11 बूथ होने के बावजूद जरूरतमंद मतदाताओं के लिए पर्याप्त ट्राइसाइकिल या व्हीलचेयर की व्यवस्था की जानी चाहिए थी।

बुजुर्ग और दिव्यांग मतदाताओं को परेशानी

मतदान प्रक्रिया में बुजुर्ग और दिव्यांग मतदाताओं की सुविधा के लिए पर्याप्त इंतजाम होना जरूरी माना जाता है। लेकिन यहां सीमित साधन के कारण कुछ मतदाताओं को परेशानी का सामना करना पड़ा।

परिजनों को खुद अपने बुजुर्गों और दिव्यांग मतदाताओं को मतदान केंद्र तक पहुंचाने के लिए प्रयास करना पड़ा। इससे मतदान केंद्र की व्यवस्थाओं को लेकर सवाल खड़े हुए।

मतदान सुरक्षा व्यवस्था के बीच जारी

अव्यवस्था और कहासुनी के बीच गोविंदगढ़-रामबास नगरपालिका के पहले बोर्ड के गठन के लिए मतदान जारी रहा। प्रशासन और पुलिस की मौजूदगी में मतदान प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।

पहले निकाय चुनाव के कारण स्थानीय स्तर पर इस चुनाव को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब मतदान प्रतिशत और चुनाव परिणाम पर सभी की नजर रहेगी।

पहले चुनाव में व्यवस्था बनी चर्चा का विषय

गोविंदगढ़-रामबास नगरपालिका के पहले चुनाव से स्थानीय लोगों को काफी उम्मीदें हैं। मतदान के दौरान जहां उत्साह देखने को मिला, वहीं शुरुआती अव्यवस्थाओं ने प्रशासनिक तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए।

खासकर दिव्यांग और बुजुर्ग मतदाताओं की सुविधा से जुड़ी व्यवस्था को लेकर लोगों ने पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराने की मांग की। मतदान प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रशासन की व्यवस्थाओं और मतदान प्रतिशत की तस्वीर और स्पष्ट होगी।

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Stv News Rajasthan

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