Gold Silver Price Today: अमेरिकी फैसले के बाद टूटा सोना, चांदी भी हुई सस्ती
अमेरिकी फेडरल रिजर्व के सख्त रुख के संकेतों के बाद सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट देखने को मिली है। ब्याज दरों में संभावित बढ़ोतरी की आशंका से निवेशकों का रुझान सुरक्षित धातुओं से हटकर अन्य निवेश विकल्पों की ओर बढ़ा है, जिसका असर घरेलू और वैश्विक बाजार दोनों में देखने को मिल रहा है।
घरेलू बाजार में फिसले सोने के दाम
भारतीय सर्राफा बाजार में गुरुवार को सोने की कीमतों में कमजोरी दर्ज की गई। बाजार में बिकवाली बढ़ने से सोने के भाव नीचे आए। निवेशकों के बीच फिलहाल सतर्कता का माहौल बना हुआ है, क्योंकि अमेरिकी फेड की ओर से ब्याज दरों को लेकर दिए गए संकेतों का असर अंतरराष्ट्रीय बाजार पर पड़ रहा है।
चांदी की कीमतों में भी बड़ी गिरावट
सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी गिरावट देखने को मिली। घरेलू बाजार में चांदी के दाम में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई, जिससे निवेशकों और खरीदारों को कुछ राहत मिली है। लगातार बढ़ोतरी के बाद आई यह गिरावट बाजार में मुनाफावसूली का संकेत भी मानी जा रही है।
MCX पर भी दबाव में रहे दोनों कीमती धातु
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने और चांदी के वायदा भाव में भी कमजोरी देखी गई। कारोबार के दौरान दोनों धातुओं में गिरावट का रुख बना रहा। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक संकेतों के चलते निकट भविष्य में कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।
आखिर क्यों गिर रहे हैं सोने के भाव?
अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने फिलहाल ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया, लेकिन आगे दरों में बढ़ोतरी की संभावना के संकेत दिए हैं। ऊंची ब्याज दरों की स्थिति में निवेशक आमतौर पर बॉन्ड और अन्य ब्याज देने वाले निवेश विकल्पों को प्राथमिकता देते हैं। इसी वजह से सोने जैसे गैर-ब्याज वाले एसेट्स पर दबाव बढ़ जाता है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी दिखा असर
वैश्विक बाजार में भी सोने और चांदी की कीमतों में कमजोरी दर्ज की गई। कॉमेक्स पर दोनों धातुओं के भाव नीचे आए, जबकि स्पॉट मार्केट में भी उतार-चढ़ाव का माहौल देखने को मिला। विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों और फेड की अगली रणनीति पर बाजार की नजर रहेगी।
आज के प्रमुख रेट
- 24 कैरेट सोना: बाजार के अनुसार ताजा दरों में गिरावट दर्ज की गई।
- 22 कैरेट सोना: कीमतों में नरमी देखने को मिली।
- 18 कैरेट सोना: अन्य कैरेट की तुलना में इसमें भी गिरावट दर्ज हुई।
- चांदी: घरेलू बाजार में प्रति किलोग्राम कीमतों में उल्लेखनीय कमी आई।