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500 से 6500 रुपए में गरबा पार्टनर! वायरल ऑफर के पीछे साइबर ठगी का खतरा, जयपुर तक पहुंचा मामला

नवरात्रि और गरबा सीजन शुरू होते ही सोशल मीडिया पर नए तरह के ऑफर वायरल हो रहे हैं। इनमें लोगों को गरबा पार्टनर उपलब्ध कराने का दावा किया जा रहा है। ‘Rent a Garba Partner’ के नाम से 500 से 6500 रुपए तक के पैकेज बताए जा रहे हैं। पैकेज के साथ अलग-अलग सुविधाओं का लालच दिया जा रहा है। इनमें कुछ घंटों की कंपनी, मैचिंग ड्रेस, डांस स्टेप्स, सेल्फी और रील्स जैसी सेवाएं शामिल हैं। साइबर पुलिस ने ऐसे ऑफर को लेकर लोगों को सतर्क किया है। गुजरात के बाद राजस्थान में भी इस तरह की शिकायतें सामने आई हैं।

सिल्वर, गोल्ड और प्लेटिनम पैकेज का लालच

इंस्टाग्राम सहित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर गरबा पार्टनर के नाम से पोस्ट और प्रोफाइल दिखाई दे रही हैं। इनमें सिल्वर, गोल्ड और प्लेटिनम जैसे पैकेज बनाए गए हैं। इनकी कीमत 500 रुपए से शुरू होकर करीब 6500 रुपए तक बताई जा रही है।कुछ पोस्ट में दो घंटे से लेकर पूरी रात साथ रहने का दावा किया जाता है। इसके अलावा मैचिंग आउटफिट और गरबा सिखाने जैसी सुविधाओं का भी जिक्र है। आकर्षक ऑफर देखकर लोग संबंधित प्रोफाइल से संपर्क कर सकते हैं। यहीं से साइबर ठगी का खतरा शुरू हो सकता है।

लिंक और QR कोड से हो सकती है ठगी

अहमदाबाद साइबर क्राइम ब्रांच ने ऐसे सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर चेतावनी जारी की है। पुलिस के अनुसार ऐसे ऑफर लोगों को संदिग्ध लिंक या QR कोड तक पहुंचा सकते हैं।कुछ मामलों में डाउनलोड करने के लिए फाइल या ऐप भेजे जाने का खतरा भी रहता है। ऐसी फाइल मोबाइल में मौजूद जानकारी के लिए जोखिम पैदा कर सकती है। वहीं, फर्जी भुगतान पेज के जरिए बैंकिंग जानकारी हासिल करने की कोशिश हो सकती है। इसलिए किसी अनजान प्रोफाइल से मिले लिंक पर क्लिक करना नुकसानदायक हो सकता है।

सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल की नजर

अहमदाबाद साइबर क्राइम ब्रांच की डिप्टी कमिश्नर डॉ. लवीना सिन्हा ने बताया कि सोशल मीडिया मॉनिटरिंग के दौरान ऐसे पोस्ट सामने आए। पुलिस इन पोस्ट के पीछे धोखाधड़ी या अन्य दुर्भावनापूर्ण गतिविधि की जांच कर रही है।पुलिस के अनुसार ठगी के तरीकों में पहले भरोसा बनाने की कोशिश की जाती है। इसके बाद एडवांस पेमेंट या बुकिंग के नाम पर पैसे मांगे जा सकते हैं। भुगतान होने के बाद संपर्क बंद करने की स्थिति भी सामने आ सकती है। कुछ मामलों में फिशिंग लिंक या संदिग्ध फाइलों के जरिए जानकारी चोरी होने का खतरा रहता है।

जयपुर में भी साइबर ठगी के प्रयास

गरबा पार्टनर के नाम पर इसी तरह के ऑफर राजस्थान में भी सामने आए हैं। जयपुर पुलिस ने लोगों को इस तरह के ऑनलाइन ऑफर से सावधान रहने की सलाह दी है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार त्योहारों के दौरान साइबर ठग नए तरीके अपनाते हैं।जयपुर पश्चिम डीसीपी प्रशांत किरण के अनुसार ठग आकर्षक पोस्ट और लिंक के जरिए लोगों को फंसाने की कोशिश कर सकते हैं। पहले सामान्य जानकारी ली जाती है। इसके बाद बुकिंग या सेवा के नाम पर भुगतान कराया जा सकता है। पैसे मिलने के बाद ठग संपर्क तोड़ सकते हैं।

हजारों रुपए के पैकेज के साथ भेजे जा रहे लिंक

जयपुर दक्षिण डीसीपी राजर्षि राज के अनुसार इस तरह के ऑफर को लेकर शिकायतें मिली हैं। इनमें सिल्वर, गोल्ड और प्लेटिनम कैटेगरी के पैकेज बताए गए हैं। इनकी कीमत करीब 1000 रुपए से 5-6 हजार रुपए तक बताई गई है।पुलिस के अनुसार कुछ मामलों में QR कोड और फिशिंग लिंक का इस्तेमाल करने की कोशिश की गई। APK जैसी संदिग्ध फाइल भेजकर मोबाइल और बैंकिंग जानकारी तक पहुंच बनाने का खतरा भी बताया गया है। ऐसे में केवल आकर्षक ऑफर देखकर भुगतान करना सुरक्षित नहीं है।

गरबा सीजन में इन बातों का रखें ध्यान

किसी अनजान सोशल मीडिया प्रोफाइल पर भरोसा करने से पहले उसकी जानकारी जांचें। बिना सत्यापन के एडवांस पेमेंट करने से बचें। किसी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजे गए लिंक या QR कोड को स्कैन न करें।मोबाइल में संदिग्ध APK या अन्य फाइल डाउनलोड न करें। बैंक खाते, OTP, UPI PIN और कार्ड से जुड़ी जानकारी किसी के साथ साझा न करें। किसी ऑफर में जल्द भुगतान का दबाव बनाया जाए तो विशेष सावधानी बरतें।

ठगी होने पर तुरंत करें शिकायत

अगर किसी व्यक्ति के साथ ऑनलाइन वित्तीय ठगी हो जाती है तो शिकायत करने में देरी नहीं करनी चाहिए। पीड़ित तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क कर सकता है। इसके अलावा सरकारी साइबर अपराध पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज की जा सकती है।त्योहारी सीजन में ऑनलाइन ऑफर तेजी से लोगों तक पहुंचते हैं। ऐसे में किसी भी नए ऑफर की वास्तविकता जांचना जरूरी है। गरबा और नवरात्रि की खुशी के बीच थोड़ी सावधानी ऑनलाइन ठगी से बचा सकती है।

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Stv News Rajasthan

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