बिजली छूट बहाल करने की मांग को लेकर किसानों का प्रदर्शन, एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
खैरथल-तिजारा जिले के मुंडावर में किसानों ने मुख्यमंत्री निःशुल्क विद्युत योजना के तहत मिलने वाली कृषि बिजली छूट को दोबारा लागू करने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। किसानों का आरोप है कि नगरपालिका क्षेत्र में शामिल होने के बाद उन्हें मिलने वाली 2000 यूनिट तक की निःशुल्क बिजली सुविधा बंद कर दी गई है, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। प्रदर्शन के बाद किसानों ने अपनी मांगों का ज्ञापन एसडीएम को सौंपा।
नगरपालिका क्षेत्र में शामिल होने के बाद बढ़ी समस्या
मुंडावर नगरपालिका क्षेत्र के किसानों का कहना है कि उनकी कृषि भूमि आज भी खेती के लिए उपयोग में लाई जा रही है और उनके विद्युत कनेक्शन कृषि श्रेणी में आते हैं। इसके बावजूद उन्हें मुख्यमंत्री निःशुल्क विद्युत योजना का लाभ नहीं मिल रहा है। किसानों का आरोप है कि नगरपालिका सीमा विस्तार के बाद उन्हें शहरी क्षेत्र की श्रेणी में दिखा दिया गया, जिससे कृषि उपभोक्ताओं को मिलने वाली बिजली छूट समाप्त हो गई।
2000 यूनिट तक निःशुल्क बिजली की मांग
प्रदर्शन कर रहे किसानों ने कहा कि राज्य सरकार की योजना के अनुसार कृषि विद्युत कनेक्शन धारकों को निर्धारित सीमा तक निःशुल्क बिजली सुविधा मिलनी चाहिए। उनका कहना है कि वे नियमित रूप से खेती कर रहे हैं और कृषि कार्यों के लिए बिजली का उपयोग कर रहे हैं। ऐसे में उन्हें योजना से वंचित करना अन्यायपूर्ण है। किसानों ने मांग की कि पहले की तरह 2000 यूनिट तक की बिजली छूट तुरंत बहाल की जाए।
तकनीकी त्रुटि का लगाया आरोप
किसानों का दावा है कि विद्युत विभाग की तकनीकी या प्रशासनिक त्रुटि के कारण उनके कनेक्शनों को शहरी श्रेणी में दर्ज कर दिया गया है। इसी वजह से उन्हें योजना का लाभ नहीं मिल रहा। किसानों का कहना है कि यदि रिकॉर्ड में कोई गलती हुई है तो उसे तत्काल सुधारा जाए और प्रभावित उपभोक्ताओं को राहत दी जाए।
लिखित आदेश उपलब्ध कराने की मांग
प्रदर्शन के दौरान किसानों ने प्रशासन से यह भी मांग की कि यदि किसी सरकारी नियम या आदेश के तहत कृषि बिजली छूट समाप्त की गई है तो उसकी लिखित प्रति उपलब्ध कराई जाए। किसानों का कहना है कि उन्हें अब तक किसी स्पष्ट आदेश की जानकारी नहीं दी गई है। ऐसे में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए संबंधित नियमों की जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए।
प्रशासन से समाधान की उम्मीद
प्रदर्शन के बाद किसानों ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर शीघ्र समाधान की मांग की। किसानों का कहना है कि यदि समस्या का जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे आगे भी आंदोलन का रास्ता अपनाने पर मजबूर होंगे। फिलहाल प्रशासन ने किसानों की मांगों पर विचार करने और संबंधित विभाग से रिपोर्ट प्राप्त करने का आश्वासन दिया है।