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कलेक्टर के निरीक्षण के बाद भी अलवर जिला अस्पताल में नहीं सुधरे हालात….

अलवर जिला अस्पताल में गुरुवार को जिला कलेक्टर अर्तिका शुक्ला के निरीक्षण के बावजूद हालात में खास सुधार नहीं दिख रहा है। कलेक्टर ने दवा वितरण विंडो (डीडीसी) और 100 बेड के नए वार्ड के बाहर खुले में पड़े निर्माण सामग्री को लेकर कड़ी नाराजगी जताई थी। मौके पर उन्होंने नगर निगम की ईओ निशा लखानी को बुलाकर तत्काल सफाई कराने और RSRDC पर 12 हजार रुपये का जुर्माना लगाने के निर्देश दिए थे।

लेकिन कलेक्टर की कार्रवाई के 24 घंटे बाद भी अस्पताल परिसर में कंस्ट्रक्शन मटेरियल यथावत पड़ा हुआ है। केवल कुछ हिस्सों को ही ग्रीन नेट से ढका गया है, जबकि बड़े हिस्से में मलबा खुला पड़ा है, जो GRAP नियमों का सीधा उल्लंघन है। दवा विंडो और ओपीडी क्षेत्र के आसपास भी मलबा बिखरा हुआ है, जिससे मरीजों और परिजनों को लगातार परेशानी हो रही है।

अस्पताल के पीएमओ डॉ. सुनील चौहान ने बताया कि निर्माण कार्य यूआईटी के अधीन चल रहा है और मलबा हटाने के लिए अस्पताल प्रशासन कई बार यूआईटी को पत्र लिख चुका है। “हम पिछले कई महीनों से पत्र भेज रहे हैं, आज भी नया पत्र भेज रहे हैं। खुले में पड़ा मलबा GRAP के नियमों का उल्लंघन है,” डॉ. चौहान ने कहा।

वहीं नगर निगम की ईओ निशा लखानी ने बताया कि कलेक्टर के निर्देश पर RSRDC पर 12 हजार रुपये की पेनल्टी लगाई गई है, क्योंकि 100 बेड वार्ड के बाहर निर्माण सामग्री बिना ढके पड़ी थी।

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Stv News Rajasthan

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