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अवकाश में ड्यूटी के विरोध में कर्मचारियों का प्रदर्शन, मांगें नहीं मानी तो आंदोलन की चेतावनी

राजस्थान में अवकाश के दिनों में लगातार सरकारी ड्यूटी लगाए जाने को लेकर पटवारी, कृषि पर्यवेक्षक और ग्राम विकास अधिकारियों का विरोध तेज हो गया है। अलवर जिले के रामगढ़ में कर्मचारियों ने संयुक्त समन्वय समिति के नेतृत्व में प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ नाराजगी जताई और चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा।

रामगढ़ एसडीएम कार्यालय पहुंचे कर्मचारी

गुरुवार को राजस्थान कृषि पर्यवेक्षक, पटवारी एवं ग्राम विकास अधिकारी संयुक्त समन्वय समिति के बैनर तले बड़ी संख्या में कर्मचारी रामगढ़ एसडीएम कार्यालय पहुंचे। कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया और अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने कहा कि लगातार अवकाश के दिनों में भी सरकारी कार्यक्रमों और बैठकों में ड्यूटी लगाने से उनके अधिकारों का हनन हो रहा है।

मुख्य सचिव के नाम सौंपा ज्ञापन

कर्मचारियों ने उपखंड अधिकारी के माध्यम से मुख्य सचिव के नाम ज्ञापन भेजकर स्पष्ट मांग रखी कि आपातकालीन परिस्थितियों को छोड़कर शनिवार, रविवार और अन्य राजकीय अवकाश के दिनों में किसी भी प्रकार की बैठक, चौपाल, शिविर, ग्राम सभा, निरीक्षण या प्रशासनिक कार्यक्रम आयोजित नहीं किए जाएं। उनका कहना है कि सरकारी अवकाश कर्मचारियों को मानसिक और शारीरिक विश्राम देने के लिए होते हैं, लेकिन लगातार ड्यूटी लगने से यह उद्देश्य समाप्त हो रहा है।

निजी और पारिवारिक जीवन पर पड़ रहा असर

समिति के पदाधिकारियों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत पटवारी, कृषि पर्यवेक्षक और ग्राम विकास अधिकारी पहले से ही कई योजनाओं और अभियानों का जिम्मा संभाल रहे हैं। नियमित कार्यों के अलावा सर्वे, जनसुनवाई, विशेष अभियान और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी भी इन्हीं पर होती है। ऐसे में छुट्टियों के दिनों में भी ड्यूटी लगने से उनका निजी और पारिवारिक जीवन प्रभावित हो रहा है तथा तनाव लगातार बढ़ रहा है।

दूर-दराज तैनाती से बढ़ रही परेशानी

ग्राम विकास अधिकारी सैफ गोयल ने बताया कि बड़ी संख्या में कर्मचारी अपने गृह जिलों से दूर तैनात हैं। उन्हें परिवार के साथ समय बिताने का अवसर बहुत कम मिल पाता है। लगातार अवकाश के दिनों में भी कार्य करने की बाध्यता से कर्मचारियों में असंतोष बढ़ रहा है। उनका कहना है कि कर्मचारियों की कार्यक्षमता और मानसिक स्वास्थ्य पर भी इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।

मांगें नहीं मानी गईं तो होगा चरणबद्ध आंदोलन

संयुक्त समन्वय समिति ने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो प्रदेशभर में चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया जाएगा। कर्मचारियों ने कहा कि आंदोलन की स्थिति बनने पर उसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी। फिलहाल कर्मचारी संगठन सरकार से संवाद के माध्यम से समाधान निकालने की उम्मीद लगाए हुए हैं।

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