डूंगरपुर निकाय चुनाव में बड़ा उलटफेर, 143 नामांकन खारिज; 206 मैदान में
डूंगरपुर जिले में नगरीय निकाय चुनाव 2026 को लेकर नामांकन जांच के बाद तस्वीर काफी बदल गई है। डूंगरपुर नगर परिषद और सागवाड़ा नगरपालिका में दाखिल किए गए नामांकन पत्रों की मंगलवार को जांच हुई। इस दौरान दोनों निकायों को मिलाकर कुल 143 नामांकन पत्र निरस्त कर दिए गए, जबकि 206 अभ्यर्थियों के नामांकन वैध पाए गए। नामांकन खारिज होने के बाद कई दावेदार चुनावी दौड़ से बाहर हो गए हैं। अब सभी की नजर नामांकन वापसी की प्रक्रिया पर है, जिसके बाद दोनों निकायों में वार्डवार चुनावी मुकाबले की अंतिम तस्वीर साफ होगी।
डूंगरपुर नगर परिषद में 88 नामांकन खारिज
डूंगरपुर नगर परिषद के 40 वार्डों में पार्षद पद के लिए कुल 196 नामांकन पत्र दाखिल किए गए थे। रिटर्निंग अधिकारी सोनू कुमार गुर्जर की निगरानी में सभी नामांकन पत्रों की निर्धारित नियमों के अनुसार जांच की गई। जांच के दौरान दस्तावेजों और अन्य औपचारिकताओं में कमियां पाए जाने पर 88 नामांकन पत्र निरस्त कर दिए गए। वहीं 103 अभ्यर्थियों के नामांकन वैध पाए गए हैं। नामांकन जांच पूरी होने के बाद अब नगर परिषद के अलग-अलग वार्डों में चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों को लेकर स्थिति पहले की तुलना में स्पष्ट हो गई है।
सागवाड़ा नगरपालिका में 55 पर्चे निरस्त
सागवाड़ा नगरपालिका में भी मंगलवार को नामांकन पत्रों की जांच की गई। रिटर्निंग अधिकारी सुबोध सिंह चारण के अनुसार 35 वार्डों में पार्षद पद के लिए 153 उम्मीदवारों ने कुल 159 नामांकन पत्र दाखिल किए थे। जांच के दौरान 55 नामांकन पत्र खारिज कर दिए गए, जबकि 103 अभ्यर्थियों के नामांकन वैध पाए गए। नामांकन निरस्त होने के बाद कई दावेदार चुनावी मैदान से बाहर हो गए हैं। अब वैध उम्मीदवारों और राजनीतिक दलों की गतिविधियां अपने-अपने वार्डों में तेज होने की संभावना है।
दोनों निकायों में 143 नामांकन खारिज
नामांकन जांच के आंकड़ों पर नजर डालें तो डूंगरपुर नगर परिषद में 88 और सागवाड़ा नगरपालिका में 55 नामांकन पत्र निरस्त हुए हैं। दोनों निकायों को मिलाकर कुल 143 नामांकन खारिज किए गए। वहीं दोनों जगह 103-103 अभ्यर्थियों के नामांकन वैध पाए गए, यानी कुल 206 उम्मीदवार चुनावी प्रक्रिया में वैध माने गए हैं। नामांकन पत्रों की संख्या और वैध उम्मीदवारों के आंकड़ों के बाद अब राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों की नजर आगे की प्रक्रिया पर है।
कई दावेदारों की चुनावी उम्मीदों को झटका
नामांकन खारिज होने का सीधा असर उन दावेदारों पर पड़ा है, जिन्होंने पार्षद पद के लिए चुनाव लड़ने की तैयारी की थी। दस्तावेजों या निर्धारित नियमों से संबंधित कमियों के कारण नामांकन निरस्त होने के बाद ये उम्मीदवार फिलहाल चुनावी दौड़ से बाहर हो गए हैं। दूसरी ओर, जिन प्रत्याशियों के नामांकन वैध पाए गए हैं, उनके लिए अब प्रचार अभियान को गति देने का मौका है। राजनीतिक दल भी वार्डवार समीकरणों का आकलन कर अपने उम्मीदवारों के पक्ष में रणनीति तैयार करेंगे।
नामांकन वापसी के बाद बदलेगा मुकाबला
नामांकन पत्रों की जांच के बाद अब चुनावी प्रक्रिया का अगला महत्वपूर्ण चरण नामांकन वापसी है। इस दौरान कुछ प्रत्याशी चुनावी मैदान से अपना नाम वापस ले सकते हैं। नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रत्येक वार्ड में वास्तविक उम्मीदवारों की संख्या सामने आएगी। इसके बाद ही यह पता चलेगा कि किन वार्डों में सीधा मुकाबला है और कहां बहुकोणीय चुनावी टक्कर देखने को मिलेगी। राजनीतिक दलों की नजर भी इस प्रक्रिया पर बनी हुई है।
75 वार्डों में तेज होगी चुनावी गतिविधियां
डूंगरपुर नगर परिषद के 40 और सागवाड़ा नगरपालिका के 35 वार्डों में होने वाले चुनाव को लेकर स्थानीय राजनीतिक गतिविधियां पहले ही तेज हो चुकी हैं। नामांकन जांच के बाद अब वैध उम्मीदवार मतदाताओं से संपर्क और जनसमर्थन जुटाने पर फोकस करेंगे। नामांकन वापसी के बाद चुनावी तस्वीर और स्पष्ट होगी। इसके साथ ही दोनों निकायों में प्रचार अभियान जोर पकड़ने और स्थानीय मुद्दों को लेकर राजनीतिक बयानबाजी बढ़ने की संभावना है। अब निगाहें अंतिम प्रत्याशी सूची और चुनावी मुकाबले पर टिकी हैं।