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भिवाड़ी में ‘गुप्त गोदाम’ पर छापा, 4 करोड़ की दवाएं जब्त; 3 राज्यों तक फैले तार

राजस्थान के भिवाड़ी में औषधि नियंत्रण विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बिना लाइसेंस संचालित एक गोदाम का खुलासा किया है। संयुक्त विशेष टीम की छापेमारी में करीब 4 करोड़ रुपये कीमत की दवाइयां, कच्चा माल और पैकेजिंग सामग्री बरामद हुई। गोदाम में 1500 से ज्यादा कार्टन में संदिग्ध दवाओं का स्टॉक रखा हुआ था। कार्रवाई के बाद मामले के तार पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश तक जुड़े होने की आशंका के चलते जांच का दायरा बढ़ा दिया गया है।

गुप्त सूचना पर बनाई गई विशेष टीम

भिवाड़ी के इस गोदाम को लेकर औषधि नियंत्रण आयुक्तालय मुख्यालय, जयपुर को गोपनीय सूचना मिली थी। सूचना की गंभीरता को देखते हुए जयपुर, अलवर और दौसा के औषधि नियंत्रण अधिकारियों को शामिल कर एक विशेष टीम गठित की गई। टीम ने योजनाबद्ध तरीके से भिवाड़ी स्थित स्ट्रेन हेल्थकेयर से जुड़े गोदाम पर छापा मारा। जांच के दौरान अधिकारियों को बड़ी मात्रा में दवाओं का ऐसा स्टॉक मिला, जिसके संबंध में मौके पर वैध लाइसेंस और आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं थे।

1500 से ज्यादा कार्टन में मिला दवाओं का स्टॉक

छापेमारी के दौरान गोदाम में 1500 से अधिक कार्टन रखे मिले। इनमें विभिन्न ब्रांड की निर्मित दवाइयां और अन्य फार्मास्युटिकल सामग्री शामिल थी। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि गोदाम में कई तरह की दवाओं का बड़ा स्टॉक जमा किया गया था। अधिकारियों ने बरामद सामग्री को जब्त कर लिया है। विभाग अब यह पता लगाने में जुटा है कि इन दवाओं को कहां से लाया गया और राजस्थान समेत दूसरे राज्यों में इसकी सप्लाई किस नेटवर्क के जरिए की जानी थी।

एक्सपायर्ड सिल्डेनाफिल समेत संदिग्ध सामग्री बरामद

जांच के दौरान अधिकारियों को मौके से एक्सपायर्ड सिल्डेनाफिल की गोलियां भी मिलीं। इसके अलावा टेपेंटाडॉल, प्रेगाबालिन और कोट्रीमोक्साजोल से संबंधित कच्चा माल तथा अन्य फार्मास्युटिकल सामग्री बरामद होने की बात सामने आई है। विभाग ने दवाओं और कच्चे माल की प्रकृति तथा वैधता की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि बरामद सामग्री के इस्तेमाल और सप्लाई से जुड़े तथ्यों को जांच के बाद ही स्पष्ट किया जा सकेगा।

खाली बोतलें और पैकेजिंग सामग्री भी मिली

गोदाम से सिर्फ तैयार दवाएं ही नहीं, बल्कि दवा निर्माण और पैकेजिंग से जुड़ी सामग्री भी जब्त की गई है। इनमें खाली बोतलें, प्रिंटेड पैकेजिंग सामग्री और दवा तैयार करने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण शामिल हैं। इन सामानों की मौजूदगी ने जांच को और गंभीर बना दिया है। अब विभाग यह पता लगाने का प्रयास कर रहा है कि यहां केवल दवाओं का भंडारण किया जा रहा था या इनके निर्माण, पैकिंग अथवा दोबारा पैकेजिंग से जुड़ी गतिविधियां भी संचालित हो रही थीं।

9 दवाओं के सैंपल जांच के लिए भेजे

बरामद दवाओं की गुणवत्ता और वास्तविक संरचना की जांच के लिए अधिकारियों ने मौके से 9 अलग-अलग ब्रांडेड और जेनेरिक दवाओं के नमूने लिए हैं। इन सैंपलों को प्रयोगशाला जांच के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि जब्त दवाओं की गुणवत्ता निर्धारित मानकों के अनुरूप है या नहीं। साथ ही, एक्सपायर्ड और संदिग्ध दवाओं की सप्लाई से जुड़े पहलुओं की भी जांच की जा रही है।

पंजाब, हरियाणा और हिमाचल तक जांच का दायरा

इस कार्रवाई के बाद औषधि नियंत्रण विभाग ने जांच का दायरा राजस्थान से बाहर तक बढ़ा दिया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार मामले के तार पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश से जुड़े होने की आशंका है। अब जांच एजेंसियां दवाओं की खरीद, भंडारण और संभावित सप्लाई नेटवर्क का पता लगाने में जुटी हैं। गोदाम से बरामद दस्तावेजों और अन्य सामग्री के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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Stv News Rajasthan

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