अलवर के वार्ड-65 में गहराया पेयजल संकट, पार्षद के बयान पर बढ़ा विवाद
अलवर शहर के वार्ड नंबर-65 में पेयजल संकट को लेकर स्थानीय लोगों की नाराजगी बढ़ती जा रही है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि लंबे समय से नियमित जलापूर्ति नहीं होने के कारण उन्हें रोजमर्रा की जरूरतों के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसी बीच वार्ड पार्षद सोनू चौधरी के साथ हुई बातचीत का एक वीडियो सामने आने के बाद मामला चर्चा का विषय बन गया है। स्थानीय नागरिक अब प्रशासन से जल्द और स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं।
पानी की समस्या को लेकर लोगों ने उठाई आवाज
वार्ड-65 के निवासियों का कहना है कि क्षेत्र में काफी समय से पेयजल आपूर्ति प्रभावित है। कई बार संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को शिकायत देने के बावजूद स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। लोगों का कहना है कि पानी की कमी के कारण घरेलू कार्यों से लेकर दैनिक जीवन तक प्रभावित हो रहा है। क्षेत्रवासियों के अनुसार, उनकी मांग केवल इतनी है कि नियमित और पर्याप्त मात्रा में पेयजल उपलब्ध कराया जाए, ताकि बार-बार इस समस्या का सामना न करना पड़े।
पार्षद के कथित बयान का वीडियो बना चर्चा का विषय
स्थानीय लोगों के अनुसार, जब नागरिकों ने पेयजल समस्या के स्थायी समाधान की मांग रखी तो बातचीत के दौरान पार्षद सोनू चौधरी ने कथित तौर पर कहा, “अगर समाचार पत्र में देने से समस्या का हल हो जाता है तो दे दो, लेकिन उसके बाद मेरे पास किसी भी काम के लिए मत आना।” इस कथित बयान के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने नाराजगी जताई। हालांकि, इस बयान पर पार्षद की ओर से सार्वजनिक रूप से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
वीडियो रिकॉर्डिंग को लेकर भी हुई बहस
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बातचीत के दौरान एक युवक पूरे घटनाक्रम का वीडियो रिकॉर्ड कर रहा था। इसी दौरान पूर्व पार्षद ने उससे वीडियो रिकॉर्ड नहीं करने और रिकॉर्डिंग हटाने की बात कही। इसके बाद मौके पर कुछ देर तक बहस का माहौल बना रहा। घटना का वीडियो अब स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग इसे सोशल मीडिया पर भी साझा कर रहे हैं।
प्रशासन से जल्द समाधान की मांग
वार्ड-65 के नागरिकों ने प्रशासन और जलदाय विभाग से मांग की है कि क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति को प्राथमिकता के आधार पर सुचारु किया जाए। लोगों का कहना है कि यह समस्या लंबे समय से बनी हुई है और अब इसका स्थायी समाधान आवश्यक है। क्षेत्रवासियों का मानना है कि जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभागों को मिलकर इस समस्या का जल्द निस्तारण करना चाहिए, ताकि लोगों को नियमित और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध हो सके।