महिला आरक्षण विधेयक पर दिया कुमारी का तीखा हमला, विपक्ष की भूमिका पर उठाए सवाल
जयपुर में उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने महिला आरक्षण विधेयक को लेकर विपक्ष पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने इसे महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि विपक्ष के रवैये ने उसकी सोच को उजागर कर दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि देश की महिलाएं इस व्यवहार को लंबे समय तक याद रखेंगी।
विपक्ष के रुख पर कड़ा प्रहार
उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने महिला आरक्षण विधेयक पर संसद में हुई बहस का जिक्र करते हुए विपक्ष के रुख को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि जब देश में महिलाओं को बराबरी का अधिकार देने का अवसर आया, तब विपक्ष ने सकारात्मक भूमिका निभाने के बजाय विरोध का रास्ता चुना। उनके अनुसार, यह विरोध केवल राजनीतिक कारणों से प्रेरित था, जो महिलाओं के हितों के खिलाफ जाता है। उन्होंने कहा कि ऐसे मुद्दों पर राजनीति से ऊपर उठकर निर्णय लेना चाहिए था, लेकिन विपक्ष ऐसा करने में विफल रहा।
महिलाओं के सशक्तिकरण का ऐतिहासिक मौका
दिया कुमारी ने इस विधेयक को महिलाओं के लिए एक ऐतिहासिक अवसर बताते हुए कहा कि इससे देश की आधी आबादी को निर्णय लेने की प्रक्रिया में अधिक भागीदारी मिल सकती थी। उन्होंने कहा कि यह केवल एक कानून नहीं, बल्कि सामाजिक बदलाव की दिशा में एक बड़ा कदम है। अगर इसे व्यापक समर्थन मिलता, तो महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी और नेतृत्व क्षमता को नई मजबूती मिलती। उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह के कदम समाज में समानता और न्याय की भावना को मजबूत करते हैं।
कांग्रेस और सहयोगी दलों पर निशाना
उपमुख्यमंत्री ने खास तौर पर कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों को निशाने पर लेते हुए कहा कि उन्होंने इस महत्वपूर्ण विधेयक का विरोध कर अपनी मानसिकता स्पष्ट कर दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ने महिलाओं के हितों की अनदेखी करते हुए केवल राजनीतिक लाभ को प्राथमिकता दी। उनके अनुसार, इस तरह का रवैया जनता के बीच गलत संदेश देता है और महिलाओं के अधिकारों के प्रति असंवेदनशीलता को दर्शाता है।
महिलाओं और इतिहास का फैसला अहम
दिया कुमारी ने अपने बयान में कहा कि देश की महिलाएं इस पूरे घटनाक्रम को कभी नहीं भूलेंगी। उन्होंने कहा कि इतिहास भी इस बात को दर्ज करेगा कि जब महिलाओं को अधिकार देने का मौका आया, तब किसने उनका साथ दिया और किसने विरोध किया। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में महिलाएं अपने अधिकारों के प्रति और अधिक जागरूक होंगी और ऐसे मुद्दों पर अपनी आवाज बुलंद करेंगी।