डीग पुलिस का ‘ऑपरेशन काउंटडाउन’: चार साइबर ठग गिरफ्तार, मोबाइल-सिम और बोलेरो जब्त
डीग: राजस्थान के डीग जिले में साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन काउंटडाउन’ के तहत पुलिस ने अलग-अलग थाना क्षेत्रों में कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से पांच एंड्रॉयड मोबाइल फोन, सिम कार्ड और एक बोलेरो वाहन जब्त किया है। जांच में एक आरोपी के मोबाइल से जुड़ी नौ साइबर शिकायतों में 2.79 लाख रुपए से अधिक के लेनदेन की जानकारी सामने आई है। वहीं, सीकरी में पकड़े गए आरोपियों पर सोशल मीडिया पर डीजे साउंड सिस्टम बेचने के नाम पर लोगों से ठगी करने का आरोप है। कार्रवाई पुलिस अधीक्षक शरण गोपीनाथ के निर्देशन में की गई।
सीकरी में सरकारी कॉलेज के पास पकड़े गए दो आरोपी
सीकरी थाना पुलिस ने 24 अक्टूबर को खड़खड़ी रोड स्थित सरकारी कॉलेज के पास कार्रवाई करते हुए दो युवकों को पकड़ा। साइबर सेल डीग से मिली जानकारी के अनुसार, साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर दर्ज शिकायतों में सामने आए मोबाइल नंबरों की टावर लोकेशन इस क्षेत्र में मिली थी।सूचना के आधार पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची। वहां दो युवक मोबाइल फोन लेकर बैठे मिले। पुलिस को देखकर दोनों ने मोबाइल छिपाने का प्रयास किया। पूछताछ में उनकी पहचान शहबाज उर्फ हैदर (20) और साबिर (55), दोनों निवासी सीकरी, के रूप में हुई।पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से तीन एंड्रॉयड मोबाइल फोन, सिम कार्ड और एक बोलेरो वाहन जब्त किया है। मामले में आगे की जांच जारी है।
डीजे साउंड सिस्टम बेचने के नाम पर ठगी का आरोप
सीकरी थाना प्रभारी मुकेश कुमार के अनुसार, आरोपी कथित तौर पर गिरोह के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर चोरी या लूट के मोबाइल फोन में फर्जी सिम कार्ड लगाते थे। इसके बाद फेसबुक और इंस्टाग्राम पर डीजे साउंड सिस्टम बेचने के फर्जी विज्ञापन पोस्ट किए जाते थे।विज्ञापनों में दिए गए मोबाइल नंबरों पर संपर्क करने वाले लोगों से फाइल चार्ज और डिलीवरी चार्ज के नाम पर अग्रिम भुगतान करवाया जाता था। आरोप है कि इसके बाद रकम फर्जी फोन-पे, गूगल-पे खातों और स्कैनर के माध्यम से ट्रांसफर करवाई जाती थी। गिरोह कथित तौर पर कमीशन लेकर रकम निकालने का काम भी करता था।पुलिस के मुताबिक, फर्जी बैंक खाते और सिम कार्ड उपलब्ध कराने के बदले भी कमीशन लिया जाता था। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और संभावित पीड़ितों की जानकारी जुटा रही है।
डीग में नौ साइबर शिकायतों से जुड़ा आरोपी गिरफ्तार
डीग थाना पुलिस ने साइबर अपराध के एक मामले में वांछित आरोपी मुजाहिद को गिरफ्तार किया है। थाना प्रभारी ताराचंद शर्मा के अनुसार, आरोपी थाना डीग में दर्ज प्रकरण संख्या 306/2026 में वांछित था।पुलिस ने उसके कब्जे से दो एंड्रॉयड मोबाइल फोन जब्त किए। इन मोबाइलों के आईएमईआई नंबर साइबर अपराध से संबंधित 1930 पोर्टल पर जांचे गए। पुलिस के मुताबिक, इनसे जुड़ी कुल नौ शिकायतें दर्ज मिलीं।इन शिकायतों में साइबर ठगी से संबंधित कुल 2 लाख 79 हजार 510 रुपए के लेनदेन का पता चला है। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और मोबाइल फोन से जुड़े डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जा रही है।
इसी मामले में पहले भी गिरफ्तार हो चुके हैं आरोपी
पुलिस के अनुसार, डीग थाना क्षेत्र के इस मामले में पहले चार आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इसके अलावा तीन विधि से संघर्षरत बालकों को निरुद्ध किया गया था।मुजाहिद की गिरफ्तारी के बाद पुलिस मामले में कथित नेटवर्क और अन्य संभावित संलिप्त लोगों के बारे में जानकारी जुटा रही है। मोबाइल फोन और उनसे जुड़ी शिकायतों की जांच से ठगी के तरीके तथा लेनदेन की कड़ियों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।हालांकि, शिकायतों में दर्ज लेनदेन और आरोपी की भूमिका से जुड़े सभी तथ्यों की पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
कामां में एक साल से फरार आरोपी गिरफ्तार
इसी अभियान के तहत कामां थाना पुलिस ने साइबर ठगी के मामले में करीब एक साल से फरार चल रहे आरोपी असरफ उर्फ किड्डू को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उसे मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर बिलौंद बस स्टैंड, कामां से पकड़ा।थाना प्रभारी सुनील कुमार के अनुसार, आरोपी कामां थाने में दर्ज प्रकरण संख्या 81/2025 में वांछित था। उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (आईटी एक्ट) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज है।गिरफ्तारी के बाद पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है। मामले में उसकी कथित भूमिका और साइबर ठगी से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच की जा रही है।
साइबर ठगी से बचने के लिए सावधानी जरूरी
डीग पुलिस की इस कार्रवाई में सोशल मीडिया पर फर्जी विज्ञापनों, संदिग्ध मोबाइल नंबरों और डिजिटल भुगतान के जरिए ठगी के आरोप सामने आए हैं। ऑनलाइन सामान खरीदते समय अनजान विक्रेताओं को अग्रिम भुगतान करने से पहले उनकी विश्वसनीयता जांचना जरूरी है।किसी संदिग्ध लेनदेन या साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए। समय पर शिकायत करने से संबंधित लेनदेन की जांच और संभावित धनराशि रोकने की प्रक्रिया में मदद मिल सकती है।फिलहाल, ‘ऑपरेशन काउंटडाउन’ के तहत गिरफ्तार चारों आरोपियों से जुड़े मामलों में पुलिस की जांच जारी है। जब्त मोबाइल फोन, सिम कार्ड और अन्य साक्ष्यों की पड़ताल के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।