पालतू बिल्लियों से फैल सकता है बीमारी का खतरा, नई स्टडी में चौंकाने वाला खुलासा
हाल ही में सामने आई एक नई स्टडी में खुलासा हुआ है कि घर में पाली जाने वाली बिल्लियां अनजाने में कुछ संक्रमणों का खतरा बढ़ा सकती हैं। रिपोर्ट के अनुसार, बिल्लियों के शिकार करने की आदत के कारण वे चूहों और छोटे जीवों के संपर्क में आती हैं, जिनसे बैक्टीरिया और परजीवी उनके शरीर पर आ सकते हैं। ये कीटाणु बाद में इंसानों तक पहुंचकर स्वास्थ्य जोखिम पैदा कर सकते हैं। हालांकि विशेषज्ञों ने यह भी स्पष्ट किया है कि सही देखभाल और सावधानी से इस खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
बिल्लियों की शिकार करने की आदत और संक्रमण का खतरा
रिसर्च के अनुसार बिल्लियों का स्वभाव प्राकृतिक रूप से शिकारी होता है, भले ही वे घर में पाली गई हों। मौका मिलने पर वे चूहे, छछूंदर और छोटे पक्षियों का शिकार कर लेती हैं। इन जंगली जीवों में कई तरह के बैक्टीरिया और परजीवी मौजूद हो सकते हैं। जब बिल्ली इन्हें पकड़ती या उनके संपर्क में आती है, तो ये सूक्ष्म जीव उसके पंजों, मुंह और फर में चिपक सकते हैं। इसके बाद जब बिल्ली घर में लोगों के संपर्क में आती है, तो संक्रमण फैलने की संभावना बढ़ जाती है।
इंसानों में फैलने वाली संभावित बीमारियां
वैज्ञानिक रिपोर्ट्स के अनुसार, बिल्लियों से कुछ संक्रमण इंसानों तक पहुंच सकते हैं। इनमें बोर्डेटेलोसिस (फेफड़ों का संक्रमण), प्लेग (पिस्सू और चूहों से जुड़ा संक्रमण), क्यू फीवर, एर्लिकियोसिस, एनाप्लास्मोसिस और कैम्पिलोबैक्टीरियोसिस जैसी बीमारियों का नाम शामिल है। हालांकि ये सभी बीमारियां आम नहीं हैं, लेकिन कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों के लिए इनका खतरा अधिक हो सकता है। इसलिए पालतू जानवरों की साफ-सफाई और नियमित स्वास्थ्य जांच जरूरी मानी जाती है।
पालतू बिल्लियों की सुरक्षा और देखभाल के उपाय
विशेषज्ञों का कहना है कि पालतू बिल्लियों को पूरी तरह घर के अंदर रखना सबसे सुरक्षित विकल्प हो सकता है। इसके अलावा उनके लिटर बॉक्स की सफाई करते समय दस्ताने पहनना, हाथों को अच्छे से धोना और समय-समय पर पशु चिकित्सक से जांच करवाना जरूरी है। बिल्लियों को नियमित टीकाकरण और डिवार्मिंग देना भी संक्रमण के खतरे को काफी हद तक कम कर सकता है। साथ ही उन्हें कच्चा या अनपका खाना देने से बचना चाहिए ताकि बैक्टीरिया के जोखिम को रोका जा सके।