धौलपुर में पैंथर की दहशत, दो गांवों में मवेशियों का शिकार
राजस्थान के धौलपुर जिले में चंबल नदी के किनारे बसे गांवों में पिछले करीब एक सप्ताह से संदिग्ध पैंथर की मौजूदगी ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। राजाखेड़ा क्षेत्र के चीलपुरा और अंडवा पुरैनी गांव में वन्यजीव द्वारा मवेशियों का शिकार किए जाने की घटनाएं सामने आई हैं। ग्रामीणों की शिकायत के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और संदिग्ध पगमार्क जुटाए। शुरुआती जांच में ये पगमार्क पैंथर के प्रतीत हो रहे हैं। हालांकि वन विभाग ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और इलाके में वन्यजीव की ट्रैकिंग की जा रही है।
चंबल किनारे गांवों में बढ़ी वन्यजीव की हलचल
राजाखेड़ा उपखंड के चंबल किनारे स्थित कुछ गांवों में ग्रामीण पिछले कई दिनों से रात के समय वन्यजीव की गतिविधियां महसूस कर रहे हैं। ग्रामीणों का दावा है कि संदिग्ध पैंथर लगातार आबादी के आसपास घूम रहा है। चीलपुरा और अंडवा पुरैनी में मवेशियों के शिकार की घटनाओं के बाद ग्रामीणों में भय का माहौल है। लोगों ने वन विभाग को इसकी सूचना दी, जिसके बाद टीम ने इलाके का निरीक्षण किया। वन विभाग अब पगमार्क और घटनास्थल से मिले अन्य संकेतों के आधार पर वन्यजीव की पहचान और उसकी गतिविधियों का पता लगाने में जुटा है।
चीलपुरा में मिले संदिग्ध पगमार्क
ग्रामीणों की शिकायत के बाद वन विभाग की टीम गुरुवार को चीलपुरा गांव पहुंची। टीम ने इलाके में घूमकर वन्यजीव की गतिविधियों से जुड़े निशानों की जांच की और संदिग्ध पगमार्क जुटाए। अधिकारियों के मुताबिक शुरुआती तौर पर पगमार्क पैंथर के प्रतीत हो रहे हैं। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि इलाके में मौजूद वन्यजीव वास्तव में पैंथर ही है। वन विभाग पगमार्क और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच कर रहा है। अधिकारियों ने ग्रामीणों से सतर्क रहने और वन्यजीव दिखाई देने पर खुद उसका पीछा या सामना नहीं करने की अपील की है।
बछड़े का शिकार, खून और अवशेष मिले
ग्रामीणों के अनुसार, गुरुवार को केडी पचौरी के बछड़े का शिकार कर दिया गया। सुबह बछड़ा मृत अवस्था में मिला और आसपास जमीन पर खून तथा उसके अवशेष दिखाई दिए। ग्रामीणों का कहना है कि घटना के पीछे पैंथर होने की आशंका है। इससे पहले भी इलाके में रात के समय किसी वन्यजीव की आवाजाही देखे जाने की बात सामने आई है। लगातार हो रही घटनाओं के कारण पशुपालक अपने मवेशियों को लेकर चिंतित हैं और रात के समय विशेष सतर्कता बरत रहे हैं।
अंडवा पुरैनी में दो भैंसों पर हमला
अंडवा पुरैनी गांव में भी मवेशियों के शिकार की घटनाएं सामने आई हैं। ग्रामीणों के मुताबिक संदिग्ध वन्यजीव ने दो भैंसों को अपना शिकार बनाया है। इसके अलावा बकरियों पर भी हमले की जानकारी सामने आई है। लगातार पशुओं के शिकार की घटनाओं से ग्रामीणों में डर का माहौल है। पशुपालकों को आशंका है कि यदि वन्यजीव आबादी के आसपास लगातार घूमता रहा तो इंसानों के लिए भी खतरा पैदा हो सकता है। ग्रामीणों ने वन विभाग से जल्द कार्रवाई कर वन्यजीव की लोकेशन का पता लगाने की मांग की है।
वन विभाग ने ग्रामीणों को किया सतर्क
वन विभाग ने ग्रामीणों को एहतियात बरतने की सलाह दी है। लोगों से कहा गया है कि वे देर शाम या रात के समय अकेले घर से बाहर निकलने से बचें। मवेशियों को खुले में छोड़ने के बजाय सुरक्षित बाड़े में बांधकर रखने की हिदायत दी गई है। अधिकारियों ने यह भी कहा है कि वन्यजीव दिखाई देने या किसी नई घटना की जानकारी मिलने पर तुरंत वन विभाग को सूचना दें। ग्रामीणों को वन्यजीव को पकड़ने, घेरने या उसके नजदीक जाने से बचने की सलाह दी गई है।
DFO बोले- पगमार्क के आधार पर ट्रैकिंग जारी
डीएफओ वी. चेतन कुमार के अनुसार, पगमार्क के आधार पर इलाके में वन्यजीव की ट्रैकिंग की जा रही है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि चीलपुरा क्षेत्र में संदिग्ध पैंथर की मौजूदगी और धौलपुर शहर के मचकुंड इलाके में पहले नजर आए पैंथर को फिलहाल एक ही वन्यजीव नहीं माना जा रहा है। दोनों घटनाओं के बीच संबंध की पुष्टि नहीं हुई है। वन विभाग की जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। फिलहाल टीम इलाके में निगरानी बनाए हुए है और ग्रामीणों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।