नेपाल बाढ़ में तबाही: 16 मौतें, 291 विदेशी लापता; भारत मदद को तैयार
नेपाल के रसुवा क्षेत्र में भोटेकोशी नदी में आई अचानक बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी है। बाढ़ के कारण अब तक 16 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 291 विदेशी नागरिकों के लापता होने की जानकारी सामने आई है। इनमें 105 भारतीय नागरिक भी शामिल बताए जा रहे हैं। हालात को देखते हुए भारत ने प्रभावित भारतीयों की सहायता के लिए हेल्पलाइन जारी की है और मदद के लिए कदम बढ़ाए हैं। नेपाल में आई इस आपदा के संभावित असर को लेकर बिहार और उत्तर प्रदेश में भी प्रशासन को अलर्ट किया गया है।
भोटेकोशी नदी में अचानक बढ़ा पानी, मची तबाही
नेपाल के रसुवा क्षेत्र में भोटेकोशी नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से आसपास के इलाकों में अफरा-तफरी मच गई। तेज बहाव ने कई स्थानों को प्रभावित किया और बड़ी संख्या में लोगों के प्रभावित होने की खबर है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, बाढ़ का पानी तिब्बत की ओर से आने के बाद नदी का प्रवाह बेहद तेज हो गया। आपदा के बाद स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां राहत एवं बचाव अभियान में जुटी हैं। इस घटना ने नेपाल में बाढ़ और अचानक आने वाली प्राकृतिक आपदाओं से निपटने की तैयारियों को लेकर भी चिंता बढ़ा दी है।
16 लोगों की मौत, 291 विदेशी नागरिकों के लापता होने की खबर
भोटेकोशी नदी में आई बाढ़ के बाद नेपाल में जनहानि का आंकड़ा बढ़ गया है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक अब तक 16 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। इसके अलावा 291 विदेशी नागरिकों के लापता होने की सूचना सामने आई है। इनमें 105 भारतीय नागरिक भी बताए जा रहे हैं। बड़ी संख्या में विदेशी नागरिकों के प्रभावित होने के कारण भारत सहित कई देशों की चिंता बढ़ गई है। राहत एजेंसियां लापता लोगों की तलाश और प्रभावित इलाकों में बचाव कार्य कर रही हैं। हालांकि, आपदा की भयावहता को देखते हुए लापता लोगों की वास्तविक संख्या में बदलाव संभव है।
भारतीय दूतावास ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर
नेपाल की राजधानी काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास ने बाढ़ प्रभावित भारतीय नागरिकों की सहायता के लिए आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। नेपाल में मौजूद भारतीय नागरिक या उनके परिजन जानकारी और सहायता के लिए +977 985 131 6807 और +977 970 910 7500 पर संपर्क कर सकते हैं। दूतावास की ओर से प्रभावित भारतीयों की स्थिति की जानकारी जुटाने और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की कोशिश की जा रही है। 105 भारतीय नागरिकों के लापता होने की सूचना के बीच हेल्पलाइन को बेहद महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
भारत ने मदद के लिए बढ़ाया हाथ
नेपाल में बाढ़ से बिगड़े हालात के बीच भारत सरकार ने सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। प्रभावित भारतीय नागरिकों की जानकारी जुटाने के साथ राहत एवं बचाव प्रयासों में सहयोग की तैयारी की जा रही है। भारत पहले भी नेपाल में प्राकृतिक आपदाओं के दौरान राहत सामग्री, बचाव दल और अन्य आवश्यक सहायता उपलब्ध कराता रहा है। मौजूदा स्थिति में भी दोनों देशों के संबंधित अधिकारी लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालना और लापता नागरिकों की तलाश फिलहाल प्राथमिकता बनी हुई है।
बिहार में अलर्ट, संवेदनशील जिलों पर नजर
नेपाल के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र में फ्लैश फ्लड की स्थिति को देखते हुए बिहार सरकार ने प्रशासन को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने संभावित प्रभाव वाले इलाकों की लगातार निगरानी करने को कहा है। खास तौर पर गंडक नदी से जुड़े पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर और वैशाली समेत संवेदनशील जिलों में प्रशासन को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों को नेपाल से आने वाले पानी की स्थिति पर लगातार नजर रखने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने की तैयारियां पूरी रखने को कहा गया है।
यूपी के महराजगंज-कुशीनगर में भी सतर्कता
नेपाल में बाढ़ की स्थिति को लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि नेपाल के रसुवा क्षेत्र में भोटेकोशी नदी में आई बाढ़ से हुआ नुकसान चिंताजनक है। संभावित प्रभाव को देखते हुए महराजगंज और कुशीनगर में गंडक तथा नारायणी नदियों के जलस्तर पर निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। स्थानीय प्रशासन को आवश्यक तैयारियां पूरी रखने और संभावित बाढ़ की स्थिति में तत्काल कार्रवाई के लिए तैयार रहने को कहा गया है। सीमावर्ती इलाकों में नदी के जलस्तर और मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
नित्यानंद राय बोले- NDRF की टीमें तैयार
बाढ़ की स्थिति को लेकर केंद्रीय राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने कहा कि केंद्र सरकार राज्यों को हरसंभव सहयोग देने के लिए तैयार है। उन्होंने बताया कि मानसून से पहले ही बाढ़ से निपटने के लिए तैयारियां की गई थीं और जरूरत पड़ने पर राष्ट्रीय आपदा मोचन बल यानी NDRF की टीमें राहत कार्यों में लगाई जा रही हैं। नेपाल से जुड़े घटनाक्रम के बीच बिहार समेत प्रभावित राज्यों में प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। फिलहाल सरकार की प्राथमिकता संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में समय रहते राहत और बचाव व्यवस्था मजबूत करना है।
नेपाल की स्थिति पर भारत समेत कई राज्यों की नजर
नेपाल में अचानक आई बाढ़ का असर सीमावर्ती भारतीय राज्यों पर भी पड़ सकता है। खासकर बिहार और उत्तर प्रदेश में नदियों के जलस्तर को लेकर प्रशासन सतर्क है। नेपाल से आने वाले पानी की मात्रा बढ़ने पर सीमावर्ती क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में स्थानीय प्रशासन को लगातार निगरानी, त्वरित सूचना और राहत व्यवस्था तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं। दूसरी ओर, नेपाल में लापता लोगों की तलाश और प्रभावित नागरिकों तक सहायता पहुंचाने का काम जारी है। आने वाले समय में जलस्तर और मौसम की स्थिति इस आपदा की गंभीरता तय करने में महत्वपूर्ण होगी।