इस्तीफे के बाद संसद पहुंचे धर्मेंद्र प्रधान, NDA सांसदों ने मिथिला पाग पहनाकर किया स्वागत
केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद धर्मेंद्र प्रधान पहली बार संसद पहुंचे, जहां एनडीए सांसदों ने उनका विशेष स्वागत किया। संसद के मकर द्वार पर उन्हें मिथिला पाग पहनाई गई और शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। इस मौके को राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इसे एनडीए की ओर से धर्मेंद्र प्रधान के प्रति सार्वजनिक समर्थन के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
संसद के मकर द्वार पर हुआ विशेष सम्मान
सोमवार को संसद भवन के मकर द्वार पर धर्मेंद्र प्रधान का एनडीए सांसदों ने स्वागत किया। बिहार के दरभंगा से सांसद गोपाल जी ठाकुर ने उन्हें पारंपरिक मिथिला पाग पहनाई और शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। इसके बाद एनडीए के कई सांसद उनके साथ सदन के भीतर पहुंचे। इस दौरान मौजूद नेताओं ने उनका अभिवादन किया और उनका उत्साह बढ़ाया।
राजनीतिक संदेश के तौर पर देखा जा रहा स्वागत
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि धर्मेंद्र प्रधान के स्वागत के जरिए एनडीए ने यह संदेश देने की कोशिश की कि उनका इस्तीफा व्यक्तिगत निर्णय था और गठबंधन उनके साथ मजबूती से खड़ा है। हालांकि, इस संबंध में सरकार की ओर से कोई आधिकारिक राजनीतिक व्याख्या जारी नहीं की गई है। फिर भी संसद परिसर में हुआ यह स्वागत राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है।
इस्तीफे के बाद वरिष्ठ नेताओं ने भी की थी मुलाकात
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद भाजपा और केंद्र सरकार के कई वरिष्ठ नेताओं ने उनसे मुलाकात की थी। इनमें गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, जेपी नड्डा, निर्मला सीतारमण सहित अन्य वरिष्ठ नेता शामिल रहे। इन मुलाकातों को लेकर भी राजनीतिक चर्चाएं हुईं और इसे पार्टी के भीतर उनके प्रति समर्थन के संकेत के रूप में देखा गया।
संसद में परीक्षा सुधार विधेयक पर चर्चा
इसी बीच संसद में लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पर विस्तृत चर्चा शुरू हुई। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने सदन में विधेयक पेश किया। सरकार का कहना है कि संशोधन का उद्देश्य परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाना, पेपर लीक जैसे अपराधों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करना और छात्रों का भरोसा मजबूत करना है। प्रस्तावित प्रावधानों में दोषियों के लिए कड़ी सजा, भारी जुर्माना और मामलों के त्वरित निपटारे की व्यवस्था शामिल है।