डकैत जगन गुर्जर के भाई पप्पू गुर्जर की जेल में बिगड़ी तबीयत, रात में अस्पताल ले जाया गया; जांच के बाद हालत सामान्य
अजमेर हाईसिक्योरिटी जेल में बंद डकैत जगन गुर्जर के भाई पप्पू गुर्जर की अचानक तबीयत बिगड़ गई। सीने में दर्द के बाद उसे रात में अस्पताल ले जाया गया, जहां जांच सामान्य पाई गई।
जेल में अचानक बिगड़ी तबीयत, मचा हड़कंप
अजमेर की हाईसिक्योरिटी जेल में रविवार देर रात उस समय अफरा-तफरी मच गई जब कुख्यात डकैत जगन गुर्जर के भाई पप्पू गुर्जर ने सीने में दर्द और घबराहट की शिकायत की। स्थिति को गंभीर मानते हुए जेल प्रशासन ने तत्काल मेडिकल टीम को बुलाया और बिना देरी किए उसे कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच जेएलएन अस्पताल भेजा गया। जेल प्रशासन ने किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बल भी तैनात कर दिया ताकि किसी तरह की अप्रिय घटना न हो।
कड़ी सुरक्षा में अस्पताल पहुंचाया गया बंदी
पप्पू गुर्जर की आपराधिक पृष्ठभूमि को देखते हुए पुलिस और जेल प्रशासन ने पूरी सावधानी बरती। जैसे ही उसे अस्पताल ले जाया गया, पूरे परिसर को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया। इमरजेंसी वार्ड से लेकर पूरे अस्पताल में हथियारबंद जवान तैनात किए गए। डॉक्टरों की टीम के इलाज के दौरान लगातार पुलिस निगरानी रखी गई। किसी भी संभावित जोखिम को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को अस्थायी रूप से उच्चतम स्तर पर रखा गया, जिससे अस्पताल परिसर पूरी तरह नियंत्रित और सुरक्षित रहा।
डॉक्टरों की जांच में नहीं मिला गंभीर कारण
जेएलएन अस्पताल में डॉक्टरों ने पप्पू गुर्जर की प्राथमिक जांच की, जिसमें ईसीजी और ब्लड प्रेशर सहित सभी जरूरी टेस्ट किए गए। शुरुआती रिपोर्ट सामान्य आने के बाद चिकित्सकों ने उसे कुछ समय के लिए ऑब्जर्वेशन में रखा। बाद में कार्डियोलॉजी विशेषज्ञों ने भी विस्तृत जांच की, जिसमें किसी भी प्रकार की गंभीर हृदय समस्या के संकेत नहीं मिले। डॉक्टरों के अनुसार, घबराहट और तनाव की स्थिति के कारण अस्थायी परेशानी हो सकती है, लेकिन स्थिति नियंत्रण में रही।
सुधार के बाद वापस जेल भेजा गया
कुछ घंटों की मेडिकल निगरानी के बाद जब पप्पू गुर्जर की स्थिति स्थिर पाई गई, तो डॉक्टरों ने उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी। इसके बाद उसे फिर से कड़ी सुरक्षा के बीच अजमेर हाईसिक्योरिटी जेल भेज दिया गया। जेल प्रशासन ने बताया कि फिलहाल उसकी स्थिति पूरी तरह सामान्य है, लेकिन एहतियात के तौर पर उसे जेल में भी मेडिकल निगरानी में रखा जा रहा है ताकि किसी भी तरह की स्वास्थ्य समस्या दोबारा न हो।