‘सच हमेशा के लिए दबाया नहीं जा सकता’, दिलजीत की ‘सतलुज’ देखकर भावुक हुए हरभजन सिंह
अभिनेता और गायक दिलजीत दोसांझ की फिल्म ‘सतलुज’ एक बार फिर विवादों के केंद्र में आ गई है। ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज होने के महज 48 घंटे के भीतर फिल्म को भारत में हटा दिया गया। इस बीच पूर्व भारतीय क्रिकेटर हरभजन सिंह ने फिल्म देखने के बाद भावुक प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि “सच हमेशा के लिए दबाया नहीं जा सकता।” वहीं फिल्म हटने पर दिलजीत दोसांझ और पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल ने भी निराशा जताई है।
ओटीटी पर रिलीज के 48 घंटे में हटाई गई फिल्म
दिलजीत दोसांझ अभिनीत फिल्म ‘पंजाब 95’, जिसे बाद में ‘सतलुज’ नाम से रिलीज किया गया, 3 जुलाई को चुपचाप ओटीटी प्लेटफॉर्म पर स्ट्रीम हुई थी। हालांकि, रिलीज के करीब 48 घंटे के भीतर ही इसे भारत में प्लेटफॉर्म से हटा दिया गया। ओटीटी सेवा की ओर से बताया गया कि अगले आदेश तक फिल्म भारत में उपलब्ध नहीं रहेगी। अचानक हटाए जाने के इस फैसले ने फिल्म प्रेमियों और दिलजीत के प्रशंसकों को हैरान कर दिया, क्योंकि कई दर्शक तब तक इसे देख भी चुके थे।
सेंसर विवाद के बीच रिलीज बनी चर्चा का विषय
फिल्म शुरुआत से ही विवादों में रही। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सेंसर बोर्ड ने फिल्म में कई बदलाव और कट लगाने की बात कही थी, लेकिन निर्माता कथित तौर पर बिना कट के इसे सीधे ओटीटी पर लेकर आए। फिल्म में मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन और कथित फर्जी एनकाउंटर तथा गुप्त अंतिम संस्कारों से जुड़े मुद्दों को दिखाया गया है। यही संवेदनशील विषय फिल्म को लगातार चर्चा और विवाद के केंद्र में बनाए हुए हैं।
हरभजन सिंह बोले- सत्ता का दुरुपयोग पीढ़ियों तक दर्द देता है
पूर्व भारतीय क्रिकेटर हरभजन सिंह ने फिल्म देखने के बाद सोशल मीडिया पर लंबी प्रतिक्रिया साझा की। उन्होंने लिखा कि जलियांवाला बाग जैसी ऐतिहासिक घटनाएं देश के दर्दनाक अध्याय हैं, लेकिन जसवंत सिंह खालड़ा की कहानी ने उन्हें एक अलग तरह की पीड़ा का एहसास कराया। हरभजन ने कहा कि जब लोगों की सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाने वाले संस्थानों पर ही गंभीर आरोप लगते हैं, तो समाज पर उसका असर पीढ़ियों तक रहता है। उन्होंने यह भी कहा कि जिन परिवारों को आज तक न्याय नहीं मिला, उनके लिए सच सामने आना जरूरी है और “सच हमेशा के लिए दबाया नहीं जा सकता।”
दिलजीत और निर्देशक की जमकर की तारीफ
हरभजन सिंह ने अपने संदेश में अभिनेता दिलजीत दोसांझ और निर्देशक हनी त्रेहान की भी सराहना की। उनका कहना था कि इतने संवेदनशील विषय पर फिल्म बनाना और उसे दर्शकों तक पहुंचाने का प्रयास साहस का काम है। उन्होंने माना कि ऐसी कहानियां समाज को सोचने पर मजबूर करती हैं और इतिहास के उन अध्यायों पर चर्चा शुरू करती हैं, जिन पर लंबे समय तक कम बात हुई। हरभजन की इस प्रतिक्रिया को सोशल मीडिया पर भी व्यापक समर्थन मिला।
फिल्म हटने पर दिलजीत और सुखबीर बादल ने जताई नाराजगी
फिल्म के ओटीटी से हटाए जाने के बाद पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल ने सोशल मीडिया पर इसे निराशाजनक फैसला बताया। वहीं दिलजीत दोसांझ ने भी इंस्टाग्राम पर फिल्म का एक दृश्य साझा करते हुए संकेत दिया कि वह इस फैसले से दुखी हैं। उन्होंने संदेश में कहा कि वह अंधेरे को चुनौती देते रहेंगे और इस कठिन समय में अपने प्रशंसकों के समर्थन के लिए आभार जताया। फिल्म को लेकर जारी विवाद के बीच सोशल मीडिया पर बहस अभी भी जारी है।