20 जुलाई के संसद मार्च पर दिल्ली पुलिस का बड़ा दावा, CJP ने नहीं मांगी आधिकारिक अनुमति
दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी प्रदर्शन के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा 20 जुलाई को संसद मार्च के ऐलान को लेकर नया घटनाक्रम सामने आया है। दिल्ली पुलिस का दावा है कि अब तक मार्च के लिए कोई आधिकारिक अनुमति नहीं मांगी गई है। वहीं, संसद के मानसून सत्र के दौरान लागू सुरक्षा प्रतिबंधों के चलते बिना अनुमति मार्च निकालना मुश्किल माना जा रहा है। दूसरी ओर, भूख हड़ताल के बाद पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को चिकित्सकीय निगरानी में अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
दिल्ली पुलिस का दावा- मार्च के लिए नहीं मिला कोई आवेदन
समाचार एजेंसी ANI के हवाले से सामने आई जानकारी के अनुसार, दिल्ली पुलिस का कहना है कि CJP ने 20 जुलाई को प्रस्तावित संसद मार्च के लिए अब तक कोई औपचारिक आवेदन या अनुमति का अनुरोध नहीं किया है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, किसी भी सार्वजनिक मार्च या रैली के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत पहले अनुमति लेना आवश्यक होता है। फिलहाल प्रशासन के रिकॉर्ड में ऐसा कोई आवेदन दर्ज नहीं है, इसलिए प्रस्तावित मार्च को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।
मानसून सत्र के दौरान सुरक्षा व्यवस्था रहेगी बेहद सख्त
20 जुलाई से शुरू होने वाले संसद के मानसून सत्र को देखते हुए राष्ट्रीय राजधानी के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था पहले से ही कड़ी कर दी गई है। संसद भवन, विजय चौक, इंडिया गेट और आसपास के क्षेत्रों में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत कई तरह के प्रतिबंध लागू रहते हैं। इन नियमों के अनुसार बिना अनुमति जुलूस, प्रदर्शन या बड़ी संख्या में लोगों के एकत्र होने पर रोक होती है। पुलिस का कहना है कि इन उपायों का उद्देश्य संसद की कार्यवाही और जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
बिना अनुमति मार्च पर पुलिस कर सकती है कार्रवाई
दिल्ली पुलिस का कहना है कि यदि कोई संगठन बिना आवश्यक अनुमति संसद की ओर मार्च करने का प्रयास करता है, तो कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जा सकती है। अधिकारियों के अनुसार, सुरक्षा व्यवस्था से समझौता नहीं किया जाएगा और जरूरत पड़ने पर प्रदर्शनकारियों को रोका या हिरासत में लिया जा सकता है। हालांकि, प्रशासन की ओर से अभी तक किसी विशेष कार्रवाई की औपचारिक घोषणा नहीं की गई है।
सोनम वांगचुक की तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल में भर्ती
इस बीच, प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे पर्यावरण कार्यकर्ता और शिक्षाविद् सोनम वांगचुक की सेहत भी चर्चा का विषय बनी हुई है। पुलिस के अनुसार, अदालत के निर्देश पर मेडिकल टीम नियमित स्वास्थ्य जांच के लिए जंतर-मंतर पहुंची थी। जांच के दौरान कुछ समय के लिए अव्यवस्था की स्थिति बनी, जिसके बाद डॉक्टरों की सलाह पर वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया। बताया गया है कि वे लंबे समय से भूख हड़ताल पर थे और फिलहाल चिकित्सकीय निगरानी में हैं।
आगे की स्थिति पर सबकी नजर
20 जुलाई को प्रस्तावित संसद मार्च को लेकर अब सभी की निगाहें प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के अगले कदम पर टिकी हैं। यदि आयोजकों की ओर से अनुमति के लिए आवेदन किया जाता है तो उस पर प्रशासनिक स्तर पर निर्णय लिया जाएगा। वहीं, संसद सत्र और सुरक्षा व्यवस्थाओं को देखते हुए राजधानी में हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।