चीन ने पहली बार दिखाया DF-17 का दम, अमेरिका और ताइवान को क्या संदेश देना चाहता है बीजिंग?
चीन ने पहली बार अपनी अत्याधुनिक हाइपरसोनिक DF-17 मिसाइल का लॉन्च वीडियो सार्वजनिक किया है। सरकारी मीडिया द्वारा जारी इस फुटेज को अमेरिका और ताइवान के लिए एक रणनीतिक संदेश के रूप में देखा जा रहा है। “कैरियर किलर” कही जाने वाली यह मिसाइल अपनी तेज रफ्तार और उन्नत क्षमता के कारण दुनिया की सबसे खतरनाक हथियार प्रणालियों में गिनी जाती है।
पहली बार सार्वजनिक हुआ DF-17 मिसाइल का लॉन्च वीडियो
चीन की सरकारी मीडिया सीसीटीवी ने पहली बार DF-17 हाइपरसोनिक मिसाइल के लॉन्च का वीडियो जारी किया है। सैन्य कार्यक्रम के दौरान प्रसारित इस फुटेज में सड़क किनारे तैनात मोबाइल लॉन्चर से मिसाइल को दागते हुए दिखाया गया। वीडियो के दूसरे हिस्से में गोबी रेगिस्तान में पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) रॉकेट फोर्स के लाइव-फायर अभ्यास की झलक भी दिखाई गई। 2019 में सार्वजनिक प्रदर्शन के बाद यह पहला अवसर है, जब चीन ने इस मिसाइल की वास्तविक लॉन्च क्षमता को दुनिया के सामने प्रदर्शित किया है।
अमेरिका और ताइवान के लिए रणनीतिक संकेत?
विशेषज्ञों का मानना है कि DF-17 का वीडियो जारी करना केवल सैन्य प्रदर्शन नहीं बल्कि एक कूटनीतिक और रणनीतिक संदेश भी है। हाल के समय में ताइवान को लेकर चीन और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ा है। अमेरिका लगातार ताइवान को सैन्य सहायता और हथियार उपलब्ध करा रहा है, जिसका चीन विरोध करता रहा है। ऐसे माहौल में हाइपरसोनिक मिसाइल का प्रदर्शन बीजिंग की शक्ति और उसकी सैन्य तैयारियों का संकेत माना जा रहा है। इसे इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में चीन की बढ़ती आक्रामक रणनीति के हिस्से के रूप में भी देखा जा रहा है।
क्यों कहा जाता है DF-17 को ‘कैरियर किलर’?
DF-17 को “कैरियर किलर” इसलिए कहा जाता है क्योंकि इसे विशेष रूप से दुश्मन के विमानवाहक पोतों और बड़े सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने के लिए विकसित किया गया है। यह मिसाइल हाइपरसोनिक ग्लाइड व्हीकल तकनीक से लैस है, जिससे यह पारंपरिक बैलिस्टिक मिसाइलों की तुलना में अधिक तेजी से दिशा बदल सकती है। इसकी यही क्षमता इसे मौजूदा एयर डिफेंस सिस्टम के लिए बड़ी चुनौती बनाती है। अमेरिकी विमानवाहक पोतों के खिलाफ इसकी संभावित भूमिका को लेकर लंबे समय से चर्चा होती रही है।
DF-17 की रफ्तार और मारक क्षमता ने बढ़ाई चिंता
चीन की यह हाइपरसोनिक मिसाइल ध्वनि की गति से पांच गुना से अधिक यानी लगभग 12 हजार किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ान भर सकती है। इसकी अनुमानित मारक क्षमता 1,800 से 2,500 किलोमीटर तक बताई जाती है। विशेषज्ञों के अनुसार, इसकी गतिशील उड़ान और अचानक दिशा बदलने की क्षमता के कारण इसे ट्रैक करना और रोकना बेहद मुश्किल हो जाता है। यही वजह है कि DF-17 को आधुनिक युद्ध तकनीक का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।
पीएलए रॉकेट फोर्स की ताकत का प्रतीक बनी मिसाइल
DF-17 को चीन की पीएलए रॉकेट फोर्स की सबसे अहम हथियार प्रणालियों में गिना जाता है। यह वीडियो रॉकेट फोर्स की स्थापना की 60वीं वर्षगांठ से पहले जारी किया गया है, जिससे इसके प्रतीकात्मक महत्व को भी जोड़ा जा रहा है। पिछले कुछ वर्षों में इस सैन्य इकाई में भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते कई शीर्ष अधिकारियों को हटाया गया था। ऐसे में यह प्रदर्शन चीन की मिसाइल कमान की क्षमताओं और उसकी पुनर्संगठित सैन्य शक्ति को प्रदर्शित करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।