कार बनी ‘हीट चेंबर’: जोधपुर में 3 साल के मासूम की दम घुटने से मौत
राजस्थान के जोधपुर जिले में एक दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया है, जहां खेलते-खेलते एक 3 साल का मासूम बंद कार में फंस गया। धूप में खड़ी कार कुछ ही देर में ‘हीट चेंबर’ बन गई और दम घुटने से बच्चे की मौत हो गई। यह घटना परिवार की खुशियों के बीच मातम में बदल गई और पूरे इलाके को झकझोर गई।
खेल-खेल में कार में फंसा मासूम, अंदर से हो गया लॉक
घटना बिलाड़ा क्षेत्र के पंचोलियों का बास गांव की है, जहां मासूम हितार्थ अपने परिवार के साथ समारोह में शामिल होने आया था। घर में मुंडन संस्कार, गणगौर उत्सव और गृह प्रवेश जैसे कार्यक्रम चल रहे थे। इसी दौरान बच्चा खेलते-खेलते बाहर खड़ी कार में जा बैठा। अनजाने में कार अंदर से लॉक हो गई और कोई ध्यान नहीं दे पाया। कुछ ही देर में यह मासूम के लिए जानलेवा स्थिति बन गई।
डेढ़ घंटे बाद मिला अचेत, अस्पताल में मृत घोषित
जब काफी देर तक बच्चा नजर नहीं आया तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। करीब डेढ़ घंटे बाद बच्चा कार के अंदर अचेत अवस्था में मिला। तुरंत उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया और खुशियों का माहौल मातम में बदल गया।
कैसे कार बनती है ‘हीट चेंबर’
विशेषज्ञों के अनुसार, धूप में खड़ी बंद कार बहुत तेजी से गर्म हो जाती है। सिर्फ 10 मिनट में कार का तापमान 10–11 डिग्री तक बढ़ सकता है। यदि बाहर तापमान 40°C हो, तो अंदर 50°C या उससे अधिक पहुंच सकता है। इस स्थिति में ऑक्सीजन कम हो जाती है और दम घुटने लगता है। छोटे बच्चों का शरीर तेजी से गर्म होता है, जिससे हीट स्ट्रोक का खतरा और बढ़ जाता है।
लापरवाही बन सकती है जानलेवा, विशेषज्ञों की चेतावनी
डॉक्टरों और सुरक्षा विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि गर्मी के मौसम में बच्चों को कभी भी अकेला वाहन के पास या अंदर नहीं छोड़ना चाहिए। थोड़ी सी लापरवाही भी बड़ी दुर्घटना में बदल सकती है। यह घटना सभी के लिए एक सबक है कि सतर्कता ही ऐसी घटनाओं से बचाव का सबसे बड़ा उपाय है।