KGMU में टंकी सफाई के दौरान युवक की मौत, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
लखनऊ स्थित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में टंकी की सफाई के दौरान एक युवक की मौत का मामला सामने आया है। घटना के बाद अस्पताल परिसर में तनाव का माहौल बन गया। मृतक के परिजनों और कर्मचारियों ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया। हादसे ने कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों और कर्मचारियों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
सफाई कार्य के दौरान हुआ दर्दनाक हादसा
जानकारी के अनुसार मृतक राहुल अस्पताल परिसर में पानी की टंकी की सफाई के कार्य में लगा हुआ था। इसी दौरान वह अचानक करंट की चपेट में आ गया। आसपास मौजूद लोगों ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और अस्पताल प्रशासन को तुरंत सूचना दी गई। कर्मचारियों के मुताबिक हादसा इतना अचानक हुआ कि किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला।
साथी कर्मचारियों में आक्रोश
राहुल की मौत की खबर फैलते ही अस्पताल के अन्य कर्मचारी मौके पर पहुंच गए। घटना से नाराज कर्मचारियों ने अस्पताल परिसर में विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। उनका आरोप है कि सफाई जैसे जोखिम भरे कार्यों के दौरान सुरक्षा मानकों का पर्याप्त पालन नहीं किया जाता। कर्मचारियों ने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। प्रदर्शन के दौरान ट्रॉमा सेंटर क्षेत्र में भी काफी देर तक हंगामे की स्थिति बनी रही।
परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप
मृतक के परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि राहुल को बिना पर्याप्त सुरक्षा उपकरणों के टंकी की सफाई के लिए भेजा गया था। यदि सुरक्षा किट और आवश्यक सावधानियां उपलब्ध कराई जातीं तो उसकी जान बचाई जा सकती थी। परिजनों ने घटना की उच्चस्तरीय जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। परिवार का कहना है कि एक छोटी सी लापरवाही ने उनके घर का सहारा छीन लिया।
पुलिस ने संभाला मोर्चा
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रित करने का प्रयास किया। अधिकारियों ने प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों और परिजनों से बातचीत कर उन्हें शांत कराने की कोशिश की। काफी समझाइश के बाद स्थिति सामान्य हो सकी। पुलिस ने घटना से जुड़े तथ्यों को एकत्र करना शुरू कर दिया है और संबंधित पक्षों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं। मामले की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सुरक्षा मानकों को लेकर उठे सवाल
इस हादसे के बाद अस्पतालों और सरकारी संस्थानों में कार्यरत कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर बहस तेज हो गई है। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि जोखिम वाले कार्यों में लगे कर्मचारियों को पर्याप्त सुरक्षा उपकरण और प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाना चाहिए। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे हादसों को रोकने के लिए सुरक्षा प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन आवश्यक है। फिलहाल मृतक के परिवार को न्याय दिलाने और घटना की निष्पक्ष जांच की मांग लगातार उठ रही है।