84 कोस परिक्रमा के दौरान बुजुर्ग महिला के पैर में लगी गोली, 17 दिन बाद हुआ चौंकाने वाला खुलासा
मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां 75 वर्षीय एक बुजुर्ग महिला 84 कोस परिक्रमा के दौरान पैर में गोली लगने के बावजूद उसे मामूली चोट समझती रही। महिला करीब दो सप्ताह तक घाव पर घरेलू उपचार करती रही, लेकिन जब दर्द कम नहीं हुआ तो जांच कराने पर पता चला कि उसके पैर में गोली फंसी हुई है। डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर गोली बाहर निकाली, जिसके बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ।
परिक्रमा के दौरान हुई फायरिंग में लगी गोली
जानकारी के अनुसार गुना जिले के चांचौड़ा क्षेत्र के खातोली गांव की रहने वाली भूरिया बाई अपने परिजनों और ग्रामीणों के समूह के साथ मथुरा-वृंदावन यात्रा पर गई थीं। 27 मई को एकादशी के अवसर पर वे 84 कोस परिक्रमा में शामिल थीं। इसी दौरान महोली गांव के पास किसी विवाद को लेकर दो पक्षों में झड़प हो गई और कथित तौर पर फायरिंग शुरू हो गई। उसी समय वहां से गुजर रही भूरिया बाई के बाएं पैर में गोली लग गई। हालांकि भीड़ और अफरा-तफरी के बीच उन्हें यह समझ नहीं आया कि उन्हें गोली लगी है।
कंकड़ चुभने का भ्रम, घाव पर बांधती रहीं पट्टी
गोली लगने के बाद महिला को पैर में दर्द और खून निकलता दिखाई दिया, लेकिन उन्होंने इसे किसी पत्थर या कंकड़ के चुभने से हुई चोट समझ लिया। उन्होंने मौके पर ही कपड़ा बांध लिया और परिक्रमा पूरी करने के बाद अपने गांव लौट आईं। घर पहुंचने के बाद भी वे लगातार घाव पर कपड़ा बांधकर घरेलू उपचार करती रहीं। उन्हें उम्मीद थी कि कुछ दिनों में घाव अपने आप ठीक हो जाएगा, लेकिन दर्द और सूजन लगातार बढ़ती गई।
15 दिन बाद डॉक्टर के पास पहुंची महिला
जब करीब 15 दिन बीत जाने के बाद भी घाव नहीं भरा और चलने-फिरने में परेशानी बढ़ने लगी तो भूरिया बाई स्थानीय चिकित्सक के पास पहुंचीं। डॉक्टर ने पैर की स्थिति देखकर एक्स-रे कराने की सलाह दी। जांच रिपोर्ट आने के बाद सभी हैरान रह गए, क्योंकि एक्स-रे में महिला के पैर के भीतर गोली फंसी हुई दिखाई दी। इसके बाद तत्काल उन्हें बेहतर इलाज के लिए अस्पताल रेफर किया गया।
ऑपरेशन कर निकाली गई गोली
महिला को राजगढ़ रोड स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां विशेषज्ञ चिकित्सकों ने ऑपरेशन कर उनके पैर से गोली बाहर निकाली। डॉक्टरों के अनुसार गोली काफी दिनों तक पैर में फंसी रही, लेकिन समय रहते उपचार मिलने से बड़ा नुकसान टल गया। ऑपरेशन के बाद महिला की हालत सामान्य बताई जा रही है और उन्हें चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है।
अब पुलिस करेगी पूरे मामले की जांच
घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने भी मामले की जांच शुरू कर दी है। महिला के बयान दर्ज किए गए हैं और प्राथमिक मेडिकल रिपोर्ट तैयार कर संबंधित क्षेत्र की पुलिस को भेजी गई है। चूंकि घटना उत्तर प्रदेश के मथुरा क्षेत्र में हुई थी, इसलिए आगे की जांच स्थानीय पुलिस द्वारा की जाएगी। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि फायरिंग किन परिस्थितियों में हुई और गोली किसकी बंदूक से चली थी।