जंतर-मंतर छात्र आंदोलन पर बृजभूषण शरण सिंह की प्रतिक्रिया, बोले- ‘मकसद सही था, राजनीति ने दिशा बदल दी’
दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी छात्र आंदोलन के बीच भाजपा के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह का बयान चर्चा में आ गया है। उन्होंने कहा कि छात्रों की मांगें और उनका उद्देश्य पूरी तरह उचित हैं, लेकिन बाद में विभिन्न राजनीतिक विचारधाराओं से जुड़े लोगों के जुड़ने से आंदोलन अपने मूल मुद्दे से भटक गया। उन्होंने छात्रों से राजनीतिक प्रभाव से दूर रहकर अपनी बात सीधे सरकार के सामने रखने की अपील की।
छात्रों के उद्देश्य को बताया उचित और ईमानदार
पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन को लेकर कहा कि छात्रों की मूल भावना और उद्देश्य पूरी तरह सकारात्मक थे। उनके अनुसार, युवा अपनी समस्याओं और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर आवाज उठा रहे थे, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था में स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि आंदोलन की शुरुआत छात्रों की पहल पर हुई थी और इसका मकसद जवाबदेही तय कराना तथा शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर समाधान की मांग करना था। उन्होंने छात्रों के शांतिपूर्ण प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उनकी भावनाओं का सम्मान किया जाना चाहिए।
राजनीतिक दखल से आंदोलन भटकने का जताया दावा
बृजभूषण शरण सिंह ने दावा किया कि समय के साथ आंदोलन में विभिन्न राजनीतिक विचारधाराओं से जुड़े लोग सक्रिय हो गए, जिससे इसकी दिशा बदल गई। उन्होंने कहा कि जब राजनीतिक दलों और वैचारिक समूहों की मौजूदगी बढ़ी तो छात्रों के मूल मुद्दे पीछे छूटने लगे। उनके मुताबिक, ऐसे हालात में आंदोलन का केंद्र छात्रों की समस्याओं के बजाय राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप बन गया। उन्होंने कहा कि किसी भी जनआंदोलन की विश्वसनीयता तब प्रभावित होती है, जब उसमें राजनीतिक हित प्रमुख हो जाते हैं।
छात्रों से की राजनीति से दूरी बनाए रखने की अपील
पूर्व सांसद ने छात्रों को सलाह देते हुए कहा कि वे अपनी मांगों को राजनीतिक मंचों से दूर रखकर सीधे सरकार और संबंधित संस्थाओं के सामने रखें। उनका कहना था कि यदि छात्र स्वयं अपने मुद्दों पर नेतृत्व करेंगे तो उनकी आवाज अधिक प्रभावी होगी। उन्होंने अपील की कि किसी भी विचारधारा या राजनीतिक दल को आंदोलन की दिशा तय करने का अवसर नहीं देना चाहिए। उनके अनुसार, इससे छात्रों की वास्तविक मांगों पर फोकस बना रहेगा और समाधान की संभावना भी बढ़ेगी।
सरकार को भी संवाद का रास्ता अपनाने की दी सलाह
बृजभूषण शरण सिंह ने सरकार को भी सुझाव दिया कि यदि किसी स्तर पर कोई कमी या चूक हुई है तो उसे स्वीकार करते हुए छात्रों से संवाद स्थापित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि युवा देश की सबसे बड़ी ताकत हैं और उनकी चिंताओं को गंभीरता से सुनना सरकार की जिम्मेदारी है। उनके अनुसार, बातचीत और सकारात्मक संवाद के जरिए किसी भी विवाद का बेहतर समाधान निकाला जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि छात्रों के हितों को राजनीतिक प्रतिस्पर्धा का माध्यम नहीं बनाया जाना चाहिए।
बयान पर सोशल मीडिया में शुरू हुई चर्चा
बृजभूषण शरण सिंह का यह बयान सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ लोगों ने उनके बयान को संतुलित बताया, जबकि कई यूजर्स ने इससे असहमति भी जताई। राजनीतिक दलों की ओर से भी इस पर अलग-अलग टिप्पणियां सामने आ सकती हैं। फिलहाल उनका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से साझा किया जा रहा है और छात्र आंदोलन के बीच यह बयान नई राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है।