धुंधला दिखना, डबल विजन और लगातार सिरदर्द को हल्के में न लें, जानिए कब हो सकती है ब्रेन ट्यूमर की जांच की जरूरत
बार-बार धुंधला दिखना, चीजें दो-दो नजर आना या लंबे समय तक लगातार सिरदर्द रहना कई सामान्य स्वास्थ्य समस्याओं का संकेत हो सकता है। लेकिन यदि ये लक्षण लगातार बने रहें, समय के साथ बढ़ते जाएं या इनके साथ शरीर और व्यवहार में अन्य बदलाव भी दिखाई दें, तो चिकित्सकीय जांच कराना जरूरी हो सकता है। Mayo Clinic और National Cancer Institute (NCI) के अनुसार, ऐसे लक्षण हर बार ब्रेन ट्यूमर का संकेत नहीं होते, लेकिन कुछ मामलों में ये मस्तिष्क में विकसित हो रहे ट्यूमर की ओर भी इशारा कर सकते हैं। इसलिए समय रहते डॉक्टर से सलाह लेना सबसे सुरक्षित कदम माना जाता है।
हर सिरदर्द ब्रेन ट्यूमर नहीं होता, लेकिन लगातार दर्द को नजरअंदाज न करें
विशेषज्ञों के अनुसार सिरदर्द माइग्रेन, तनाव, हाई ब्लड प्रेशर, साइनस या कई अन्य कारणों से भी हो सकता है। हालांकि यदि सिरदर्द पहले से अलग महसूस हो, धीरे-धीरे अधिक गंभीर होता जाए, सुबह उठते ही ज्यादा हो या सामान्य दर्द निवारक दवाओं से भी राहत न मिले, तो इसकी जांच कराना जरूरी हो सकता है। Mayo Clinic का कहना है कि सिरदर्द की प्रकृति में लगातार बदलाव होने पर डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए ताकि जरूरत पड़ने पर उचित जांच की जा सके।
धुंधला दिखना या डबल विजन भी हो सकता है चेतावनी का संकेत
National Cancer Institute के अनुसार, यदि मस्तिष्क का ट्यूमर देखने से जुड़े हिस्सों या आंखों की नसों पर दबाव डालता है, तो धुंधला दिखना, डबल विजन या धीरे-धीरे नजर कमजोर होने जैसे लक्षण सामने आ सकते हैं। हालांकि यह जरूरी नहीं कि हर बार इसकी वजह ब्रेन ट्यूमर ही हो। मोतियाबिंद, चश्मे का नंबर बदलना या अन्य नेत्र रोग भी ऐसे लक्षण पैदा कर सकते हैं। इसलिए आंखों की समस्या लगातार बनी रहे तो नेत्र विशेषज्ञ या न्यूरोलॉजिस्ट से सलाह लेना उचित रहता है।
मतली, उल्टी और शरीर का संतुलन बिगड़ना भी हो सकते हैं संकेत
यदि बिना किसी स्पष्ट पाचन संबंधी कारण के बार-बार मतली या उल्टी हो रही हो, विशेष रूप से सुबह के समय, और इसके साथ लगातार सिरदर्द भी हो, तो डॉक्टर इसकी वजह जानने के लिए आगे की जांच की सलाह दे सकते हैं। इसके अलावा चलते समय संतुलन बिगड़ना, शरीर के किसी एक हिस्से में कमजोरी महसूस होना, हाथ-पैरों की कार्यक्षमता प्रभावित होना या बार-बार लड़खड़ाना भी मस्तिष्क से जुड़ी गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर देरी नहीं करनी चाहिए।
याददाश्त, व्यवहार और बोलने में बदलाव को भी गंभीरता से लें
Mayo Clinic के अनुसार, कुछ मरीजों में ब्रेन ट्यूमर का असर सोचने-समझने की क्षमता पर भी पड़ सकता है। याददाश्त कमजोर होना, ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई, व्यवहार या व्यक्तित्व में अचानक बदलाव, बोलने में परेशानी या सही शब्द न मिल पाना जैसे लक्षण भी देखने को मिल सकते हैं। यदि परिवार के सदस्य ऐसे बदलाव महसूस करें, तो उन्हें नजरअंदाज करने के बजाय विशेषज्ञ चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए।
किन परिस्थितियों में तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए?
यदि लगातार सिरदर्द के साथ धुंधला दिखना, डबल विजन, दौरे पड़ना, शरीर के किसी हिस्से में कमजोरी, बार-बार उल्टी, संतुलन बिगड़ना या बोलने में कठिनाई जैसे लक्षण भी मौजूद हों, तो जल्द से जल्द डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए। विशेषज्ञ आवश्यकता के अनुसार MRI, CT Scan या अन्य न्यूरोलॉजिकल जांच की सलाह दे सकते हैं। ध्यान रखें कि ये लक्षण कई अन्य बीमारियों में भी हो सकते हैं, इसलिए स्वयं निष्कर्ष निकालने के बजाय सही समय पर जांच कराना सबसे बेहतर तरीका है।