सतना राजघराने में खूनी विवाद: पारिवारिक तनाव के बीच महिला को गोली लगी, पहली पत्नी गिरफ्तार
मध्य प्रदेश के सतना जिले स्थित नागौद राजघराने की परसमनिया गढ़ी में पारिवारिक विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। लंबे समय से चल रहे घरेलू तनाव के बीच हुई बहस के दौरान गोली चलने से राजपरिवार की एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक महिला को हिरासत में लेकर हथियार जब्त कर लिया है और मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।
परसमनिया गढ़ी में विवाद ने लिया हिंसक मोड़
जानकारी के अनुसार, नागौद राजघराने से जुड़े रूपेंद्र सिंह उर्फ बाबा राजा के पारिवारिक मामले को लेकर दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से मतभेद चल रहे थे। विवाद को सुलझाने के उद्देश्य से परिवार के सदस्य परसमनिया गढ़ी में एकत्रित हुए थे। शुरुआती दौर में बातचीत के जरिए समाधान निकालने की कोशिश की गई, लेकिन गुरुवार दोपहर माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया। देखते ही देखते बहस ने उग्र रूप ले लिया और स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई।
फायरिंग में महिला गंभीर रूप से घायल
प्रत्यक्षदर्शियों और प्रारंभिक जांच के आधार पर पुलिस का कहना है कि विवाद के दौरान लाइसेंसी हथियार से कई राउंड फायरिंग हुई। इसी दौरान एक गोली योगिता सिंह को लग गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गईं। घटना के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों ने तुरंत उन्हें अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार उनकी स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
पुलिस ने आरोपी महिला को किया गिरफ्तार
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस ने फायरिंग के आरोप में सुनीता सिंह परिहार को गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही घटना में इस्तेमाल की गई लाइसेंसी .22 बोर राइफल भी जब्त कर ली गई है। अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़े सभी साक्ष्य एकत्र किए जा रहे हैं और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।
पारिवारिक और संपत्ति विवाद की भी जांच
पुलिस की शुरुआती पड़ताल में सामने आया है कि विवाद केवल व्यक्तिगत मतभेद तक सीमित नहीं था। जांच एजेंसियां इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि कहीं इसके पीछे संपत्ति, पारिवारिक अधिकार या अन्य आर्थिक कारण तो नहीं हैं। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मामले के सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच की जा रही है और जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेंगे।
ऐतिहासिक नागौद रियासत फिर चर्चा में
घटना के बाद ऐतिहासिक नागौद रियासत एक बार फिर चर्चा का केंद्र बन गई है। परिहार राजपूतों द्वारा स्थापित यह रियासत मध्य भारत के प्रमुख राजघरानों में गिनी जाती रही है। स्वतंत्रता के बाद इसका भारतीय संघ में विलय हो गया था, लेकिन आज भी यह परिवार क्षेत्र में सामाजिक और राजनीतिक पहचान रखता है। हालिया घटना ने इस प्रतिष्ठित राजपरिवार को सुर्खियों में ला दिया है।